अगले 5 सालों में फेसबुक को वर्चुअल दुनिया में बदलना चाहते हैं मार्क जुकरबर्ग, जानिए क्या है 'मेटावर्स'
वॉशिंगटन, 23 जुलाई। दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक के को-फाउंडर मार्क जुकरबर्ग अब अपनी कंपनी को नई पहचान देना चाहते हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में वह चाहते हैं कि लोग फेसबुक को सोशल मीडिया कंपनी के रूप में नहीं, बल्कि एक 'मेटावर्स' कंपनी के रूप में जानें। मार्क जुकरबर्ग के इस इंटरव्यू के बाद 'मेटावर्स' शब्द अब लोगों की जुबान पर है लेकिन कई लोग इसके बारे में नहीं जानते।

सोशल मीडिया नहीं मेटावर्स कंपनी बनेगी फेसबुक
मार्क जुकरबर्ग ने आगे कहा, मुझे उम्मीद है कि अगर हम इसे अच्छी तरह से करते हैं तो अगले पांच वर्षों में अपनी कंपनी के लिए नया अध्याय लिख सकते हैं। मेरे विचार से हम आसरदार तरीके से लोगों को इस बात का यकीन दिला देंगे कि हम सिर्फ एक सोशल मीडिया कंपनी नहीं बल्कि मेटावर्स कंपनी हैं। वर्तमान में हम सभी उन एप्स पर काम कर रहे हैं जिसे लोग उपयोग करते हैं। इन ऐप्स पर लोग अपने समुदाय और रचनात्मक विचारों का आदान-प्रदान कर रहे हैं।

मार्क जुकरबर्ग का है ये प्लान
फेसबुक को नई पहचान देने के प्लानिंग पर जुकरबर्ग ने कहते हैं कि वह और उनकी टीम इस पर बहुत समय खर्च कर रही है। मार्क अपने सपने के बारे में बहुत सोच रहे हैं। उन्हें लगता है वह आज जो भी कर रहे हैं वह आने वाली किताब का सिर्फ एक चैप्टर मात्र है, जिसे वह इंडस्ट्री को देने वाले हैं। 'मेटावर्स' के बारे में बताते हुए जुकरबर्ग ने कहा कि यह एक 'विजन' है जो पूरे तकनीकी उद्योग में फैला हुआ है। उन्होंने इसे आने वाले समय में मोबाइल इंटरनेट का नया अवतार बताया है।

क्या है 'मेटावर्स'?
मान लीजिए आप एक सड़क पर चल रहे हैं या घर में बैठे हैं। अचानक आप किसी ऐसे सामान के बारे में सोचते हैं जिसकी आपको जरूरत हैं। सिर्फ सोचने तक में वह सामान आपके ठीक बगल में रखी दिखाई देती है। 'मेटावर्स' एक ऐसी ही काल्पनिक दुनिया है जहां कंप्यूटर इफेक्ट के जरिए लोगों को व्यस्त रखा जा सकता है। मार्क जुकरबर्ग का कहना है कि आने वाले समय में फेसबुक 'मेटावर्स' के जरिए लोग घर बैठे ही आभासी दुनिया में घूम सकते हैं, काम कर सकते हैं।

फेसबुक पर दोस्तों से मिल सकेंगे लोग
मार्क जुकरबर्ग का सपना है कि आने वाले 5 सालों में फेसबुक को पूरी तरह वर्चुअल दुनिया में बदल दिया जाए जहां लोग एक स्थान पर होते हुए भी अन्य लोगों की उपस्थित को महसूस कर सकें। अगर आपने हॉलीवुड फिल्म 'रेडी प्लेयर वन' देखी है तो जरूर 'मेटावर्स' की दुनिया से परिचित होंगे। फिल्म में ऐसी ही एक काल्पनिक दुनिया दिखाई गई है जिसमें लोग अपने घर में सिर्फ एक डिवाइस की मदद से प्रवेश करते हैं वहां, लड़ाई, मार-धाड़ और डांस, सबकुछ होता है।
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