आतंकवाद की छाया में मनमोहन-शरीफ वर्ता की तैयारी

मनमोहन सिंह ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान ही आतंकवाद की धुरी है और पाकिस्तान की आतंकवाद मशीनरी को बंद किए बिना शांति वार्ता की दिशा में बहुत कम प्रगति हो सकती है। महासभा में शरीफ के नई शुरुआत करने के बयान का उल्लेख करते हुए मनमोहन ने कहा कि वह उनकी भावनाओं से सहमति रखते हैं और रविवार को वार्ता के लिए उत्सुक हैं।
मनमोहन ने कहा कि प्रगति के लिए आवश्यक है कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र और जो क्षेत्र उसके नियंत्रण में हैं, उनका भारत के खिलाफ आतंकवाद के लिए उपयोग नहीं होने दे। यह भी समान रूप से महत्वपूर्ण है कि पाकिस्तान के समर्थन से संचालित आतंकवाद के तंत्र को भी बंद किया जाए।
बहरहाल, रविवार को होने जा रही मुलाकात के पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक भारतीय टीवी चैनल से कहा कि गुरुवार को जम्मू में हुए दुर्भाग्यशाली हमले के कारण दोनों पड़ोसियों के बीच संवाद की प्रक्रिया बंद नहीं होनी चाहिए। शरीफ ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर तनाव पाकिस्तान के लिए भी उतना ही चिंताजनक है। इसके लिए वह एक संयुक्त निगरानी तंत्र का प्रस्ताव रखेंगे। शरीफ ने कहा कि दोनों देशों को 1999 में जहां से शांति वार्ता भंग हुई थी, वहीं से फिर नई शुरुआत करने की जरूरत है।












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