लाहौर में बोले मणिशंकर अय्यर, सबसे पहले टू नेशन थ्योरी देने वाले सावरकर के चेले आज सत्ता में
सबसे पहले टू नेशन थ्योरी देने वाले सावरकर के चेले आज सत्ता में हैं: अय्यर
लाहौर। पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने सोमवार को लाहौर में कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना को कायदे आजम कहने में क्या कोई बुराई है, जो उनसे इसको लेकर सवाल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ भारतीय चैनल उनसे पूछ रहे हैं कि वो पाकिस्तान के संस्थापक को कायदे-आजम कैसे कह सकते हैं, तो मैं उनसे बताना चाहता हूं कि मैं बहुत सारे पाकिस्तानी दोस्तों को जानता हूं जो गांधी जी को महात्मा गांधी कहते हैं, तो क्या वो सब पाकिस्तान के लिए वफादार नहीं हैं।

मणिशंकर अय्यर ने कहा कि भारत के हालात आज के वक्त में बहुत अच्छे नहीं कहे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सावरकर ने 1923 में हिन्दुत्व नाम का शब्द खोजा और पहली बार टू नेशन थ्योरी को जन्म दिया। अय्यर ने कहा कि टू नेशन की थ्योरी पहली बार देने वाले सावरकर को जो गुरू मानते हैं, वो आज भारत में सत्ता में हैं।
अय्यकर ने कहा कि 2014 में 70 फीसदी लोगों ने मोदी को वोट नहीं दिया। उम्मीद है कि वही 70 फीसदी लोग साथ मिलकर मोदी शासन का अंत करेंगे। अय्यर ने कहा कि 70 फीसदी लोगों में एकता न होने की वजह से ही भारत में मोदी सरकार बनी। इससे पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर पर अय्यर ने कहा कि कायद-ए-आजम जिन्ना की तस्वीर को सरकार के गुंडों ने विश्वविद्यालय से हटवा दिया है।
अय्यर शनिवार को पाकिस्तान के लाहौर पहुंचे थे, जहां उन्हें 'थ्रेट टू सिक्युरिटी इन द 21th सेंचुरी; फाइंडिंग ए ग्लोबल वे फॉरवर्ड' इंटरनेशनल कॉफ्रेंस में शिरकत करनी है। इस कॉन्फ्रेंस को लाहौर यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसके "India, Pakistan; Seeking through Truth, Reconciliation and Peace" नामक शीर्षक सत्र के मुख्य प्रवक्ता मणिशंकर अय्यर हैं।












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