अमेरिका के 9/11 हमले की फेमस तस्वीरे वाले शख्स की कोरोना से मौत

नई दिल्ली। अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले की वह फोटो तो सभी को याद ही होगी जिसमें लोग ट्विन टावर के धुंए के गुबार और मलवे से बचकर भाग रहे थे। इस फेमस फोटो में बचकर भाग रहे न्यूयॉर्क के रहने वाले इलेक्ट्रिकल इंजीनियर स्टीफन कूपर(सफेद शर्ट में सबसे आगे) की कोरोना वायरस से मौत हो गई है । परिवार ने उनके निधन की पुष्टि की है। उनकी 28 मार्च को डेलरे बीच के मेडिकल सेंटर में कोविड​​-19 के कारण मृत्यु हो गई थी।

स्टीफन कूपर की 28 मार्च को कोरोना से मौत हो गई

स्टीफन कूपर की 28 मार्च को कोरोना से मौत हो गई

पाम बीच पोस्ट ने बताया कि न्यूयॉर्क के एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर स्टीफन कूपर जो डेलरे बीच फ्लोरिडा में रहे थे, उनकी 28 मार्च को डेल्रे मेडिकल सेंटर में कोविड-19 के कारण मृत्यु हो गई। वह 78 वर्ष के थे। समाचार एजेंसी के एक फोटोग्राफर द्वारा हमले की ली गयी वह तस्वीर, दुनिया भर के अखबारों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई थी और इसे न्यूयॉर्क के 9/11 स्मारक संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया है।

घटना के काफी दिनों बाद मैगजीन में देखी फोटो

कूपर के साथी जेनेट रैशेस ने कहा कि, उन्होंने यह पता नहीं था कि, उनकी फोटो भी खींची गई है। अचानक वह एक दिन टाइम पत्रिका में देख रहा था। तभी उसे वह फोटो दिखी, जिसे देखकर वह बोले-ओह माय गॉड दैट मी'। उन्हे काफी आश्चर्य हुआ। रैशेस ने कहा कि कूपर उस दिन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के पास दस्तावेजों को पहुंचाने गए थे, इस बात से अनजान थे कि उस सुबह क्या हुआ था। जब उन्होंने एक पुलिस अधिकारी को सुना कि, तुम्हें दौड़ना है। जिसके बाद वह उस जगह से भागने लगे।

कूपर इस तस्वीर को अपने पर्स में रखते थे

कूपर इस तस्वीर को अपने पर्स में रखते थे

कूपर की 27 वर्षीय बेटी जेसिका राशेस ने बताया, "हर साल 11 सितंबर को वह पत्रिकाएं लेने जाते थे और लौटकर तस्वीर दिखाते थे। वह परिवार की पार्टी समारोहों में भी वह तस्वीर दिखाते थे। कूपर की लंबे समय तक दोस्त रही सुसैन गोल्ड का कहना है कि कूपर उस तस्वीर अपने ‘पहचान पत्र' की तरह रखते थे। उन्होंने बताया कि कूपर ने तस्वीर की एक प्रति लेमिनेट करवा कर अपने बटुए में रखी थी। तस्वीर खींचने वाली एसोसिएटेड प्रेस की फोटोग्राफर सुजैन प्लंकेट ने लिखा कि वह तस्वीर के दो अन्य लोगों के संपर्क में थीं लेकिन कूपर को वह नहीं जानती थीं। कूपर की मौत के बाद प्लंकेट ने लिखा, यह शर्मनाक है कि मैं मि. कूपर की पहचान से अनभिज्ञ थी।

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