मालदीव की हिम्मत तो देखिए.. इजराइली पासपोर्ट पर लगाएगा प्रतिबंध, भड़के भारतीयों ने कहा, भारत आओ दोस्तों...
Maldives Bans Israeli Passport: भारत के साथ संबंधों की आहूति देने के बाद अब मोहम्मद मुइज्जू ने इजराइल के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है और ताजा घोषणा की गई है, कि मालदीव, इजराइली पासपोर्ट धारकों की देश में एंट्री पर प्रतिबंध लगाने जा रहा है।
मालदीव ने घोषणा की है, कि वह इजरायली पासपोर्ट धारकों के देश में आने पर प्रतिबंध लगाएगा। हिंद महासागर में स्थित मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को एक प्रेस रिलीज जारी करते हुए इसकी पुष्टि की है।

मालदीव लगाएगा इजराइली पासपोर्ट पर प्रतिबंध
प्रेस रिलीज में कहा गया है, कि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने अपने मंत्रिमंडल के साथ चर्चा के बाद प्रतिबंध लगाने की पूरी तैयारी कर ली है।
आपको बता दें, कि मालदीव अपने पर्यटन के लिए प्रसिद्ध रहा है, लेकिन भारत के खिलाफ एंटी-इंडिया मुहिम चलाने के बाद भारतीय पर्यटकों ने मालदीव जाना काफी कर दिया है। वहीं, यह द्वीप राष्ट्र अपने शानदार रिसॉर्ट्स और अंतहीन सफेद रेत वाले समुद्र तटों के लिए जाना जाता है। लेकिन, भारतीय पर्यटकों की कमी की वजह से इसके पर्यटन पर काफी असर पड़ा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली पासपोर्ट पर प्रतिबंध लगाने के लिए इजराइली कानून में संशोधन किया जाएगा और इसके लिए एक अलग कैबिनेट उप-समिति का गठन किया जाएगा।
मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है, कि "राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने कैबिनेट की सिफारिश के बाद इजरायली पासपोर्ट पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। गृह सुरक्षा और प्रौद्योगिकी मंत्री अली इहसान ने आज दोपहर राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में इस फैसले की घोषणा की।"
इजराइल ने दिया करारा जवाब
पासपोर्ट पर प्रतिबंध की खबर के बाद, इजरायल के विदेश मंत्रालय ने तुरंत अपने नागरिकों को मालदीव की यात्रा से बचने की सलाह दी और "मालदीव में रहने वाले इजरायली नागरिकों को देश छोड़ने पर विचार करने की सलाह दी।"
इजराइली विदेश मंत्रालय ने कहा, कि "पासपोर्ट पर प्रतिबंध लगने के बाद अगर इजराइली नागरिक किसी भी कारण से संकट में पड़ जाते हैं, तो हमारे लिए उनकी मदद करना मुश्किल होगा।"
इसके अलावा, मालदीव ने यह भी कहा है, कि मालदीव के राष्ट्रपति, फिलिस्तीनियों की जरूरतों का आकलन करने के लिए एक विशेष दूत नियुक्त करेंगे। देश यूनाइटेड नेशंस की संबंधित टीम के साथ "फिलिस्तीन में हमारे भाइयों और बहनों की सहायता" के लिए एक धन उगाहने वाला कार्यक्रम भी स्थापित कर रहा है।
मालदीव के अधिकारी "फलास्तीना एकु धिवेहिन" के नारे के तहत एक राष्ट्रव्यापी रैली आयोजित करने वाले हैं, जिसका मतलब है, "फिलिस्तीन के साथ एकजुटता में मालदीववासी।" ध्यान देने बात ये है, कि यह प्रतिबंध रफा पर इजराइली हमलों की वजह से लिया गया है, जिसमें कम से कम 45 गाजावासी मारे गए और 200 से अधिक घायल हो गए।
रफा पर इजराइली हमले के बाद मालदीव के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, कि "राफा में टेंट कैंप पर इजरायली सेना द्वारा किए गए घातक हमले की कड़ी निंदा करता हूं, जहां विस्थापित फिलिस्तीनी शरण ले रहे थे। इजरायल को ICJ के फैसलों का पालन करना चाहिए। कोई भी देश, अंतरराष्ट्रीय कानून से मुक्त नहीं है। मालदीव की सरकार और लोगों के साथ मिलकर मैं तत्काल युद्ध विराम, हिंसा की समाप्ति और निर्बाध मानवीय पहुंच का आह्वान करता हूं।"
इजराइल के साथ खड़े हुए भारतीय
वहीं, मालदीव सरकार ने जैसे ही इजराइली पासपोर्ट पर प्रतिबंध लगाया, ठीक वैसे भी ये रिपोर्ट सोशल मीडिया पर जंगल की तरह फैल गई। भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स इजराइल के समर्थन में आ गये और उन्होंने कहा, कि इजराइल के लोगों का भारत में स्वागत है और भारत उनका घर है।
भारत के मेजर गौरव आर्या (रिटायर्ड) ने सोशल मीडिया एक्स पर रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा, कि "मैं सभी इजराइलियों से कहना चाहूंगा, कि भारत आइये। यहां आप सिर्फ दोस्त नहीं हैं। आप परिवार हैं। आपको प्यार, सम्मान और आदर मिलेगा। भारत आपका घर है। सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम है, अटूट है।"
वहीं, राधिका चौधरी ने लिखा है, कि "इजराइल के प्यारे लोगों, चूंकि मालदीव ने आप पर प्रतिबंध लगा दिया है, इसलिए आप भारत के लक्षद्वीप की यात्रा कर सकते हैं। यह मालदीव से भी ज़्यादा खूबसूरत द्वीप है।"
वहीं, इजराइल वार रूम ने एक्स पर लिखा है, कि "मैंने सुना है, कि लक्षद्वीप मालदीव से ज्यादा सुंदर है।"












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