दो सप्ताह से 2 साल तक लग सकते हैं मलेशियाई विमान की खोज में

आपको बता दें कि साल 2009 में अटलाटिंक महासागर में गिरी एयर फ्रांस की एक फ्लाइट के मलबे को तलाशने में दो साल का समय लग गया था। मलेशिया और वियतनाम के जिस इलाके के बीच यह फ्लाइट गायब हुई है, उसी जगह पर साल 2007 में एक इंडोनेशेयिन जेट क्रैश हुआ था। इसका मलबा तलाशने में पूरा एक हफ्ता लग गया था। विशेषज्ञ आज भी अपनी सारी आशंकाओं के बारे में महासागर के निचले हिस्से के आकार और गहराईयों के आधार पर ही बात कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी में एयरोस्पेस के प्रोफेसर माइकल स्मार्ट कहते हैं, 'दुनिया बहुत बड़ी है और ऐसे में अगर समंदर या फिर महासागर के बीच में कुछ होता है तो कोई उसका पता कब लगा पाएगा यह कह ना काफी मुश्किल है।' वह मान ते हैं कि हो सकता है कि यह फ्लाइट भी समंदर में ही गिर गई हो और इसके बारे में पता लगाने में कई महीनों या फिर वर्षों का समय तक लग सकता है। इस बीच अधिकारी इस फ्लाइट की तलाश में दिन रात एक किए हुए हैं।
वैज्ञानिकों ने लगाये ये कयास
ऐसा भी माना जा रहा है कि हो सकता है इस फ्लाइट ने यू-टर्न ले लिया हो या फिर यह उस जगह से सैकड़ों मील आगे निकल गई होगी, जहां इसे आखिरी बार डिटेक्ट किया गया था। अगर ऐसा हुआ तो फिर तलाश की सारी कोशिशें एक अनिश्चतता पर पहुंच सकती हैं। वहीं विशेषज्ञ यह भी मान रहे हैं कि हो सकता है कि अचानक ही इस फ्लाइट के बारे में कोई जानकारी या फिर यह कहां पर इसका पता लग जाए।
समंदर निगल गया फ्लाइट एमएच370 को!
आज के समय में जब कार से लेकर मोटरसाइकिल तक की जानकारी जीपीएस जैसे फीचर के जरिए आसानी से हासिल हो जाती है, वहां पर इस मलेशियन जेट का सुराग न मिल पाना, एविएशन सेक्टर के कई महारथियों को हैरानी में डाल रहा है। यूएस एयरवेज के साथ 25 वर्षों का फ्लाइंग अनुभव रखने वाले कैप्टन जॉन एम कॉक्स अब सेफ्टी ऑपरेटिंग सिस्टम्स के सीईओ हैं।
कैप्टन जॉन इस बात को पूरे आत्मविश्वास के साथ कहते हैं कि हम इस फ्लाइट का पता जरूर लगा पाएंगे। साथ ही वह यह भी कहने से नहीं हिचकते हैं कि आज के समय में जब स्मार्ट फोन और जीपीएस जैसी टेक्नोलॉजी मौजूद हैं, इसका पता न लग पाना अपने आप में काफी डरावनी और हैरान कर देने वाली बात है। कैप्टन जॉन की मानें तो यह पह ली बार नहीं है जब किसी फ्लाइट का पता लगाने में इतना समय लग रहा है और किसी बुरी खबर के लिए भी तैयार रहना होगा। उन्होंने न सिर्फ इसकी तलाश में लगे अधिकारियों बल्कि फ्लाइट में सवार यात्रियों के परिजनों को कुछ और दिनों तक इंतजार करने को कहा है।
कॉक्स कहते हैं कि जो कुछ भी वह पिछले कुछ दिनों से सुन रहे हैं उससे तो यह नजर आ रहा है कि यह फ्लाइ ट अपनी दिशा से भटक गई है। उनका मानना है कि रडार से गायब होने के बाद यह प्लेन कुछ स मय तक तो आसमान में जरूर रहा है। हो सकता है कि यह हवा में ही ब्लास्ट हो गया हो और समंदर में जा गिरा हो। लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं लग पाने की वजह से डर और आशंकाएं गहराती जा रही हैं। मलेशिया के सिविल एविएशन चीफ अजहरुद्दीन अब्दुल रहमान बता चुके हैं कि फ्लाइट की तलाश करने में 1,000 से ज्यादा लोग और 34 एयरक्राफ्ट्स के साथ ही 40 जहाजों को भी तैनात क र दिया गया है। यह सभी 100 नॉटिकल माइल के दायरे में इसकी तलाश जारी रखे हैं।












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