पाकिस्तानी मूल के लॉर्ड नज़ीर अहमद ने बर्ख़ास्तगी से पहले छोड़ा पद, यौन शोषण के थे आरोप

पाकिस्तानी मूल के लॉर्ड नज़ीर अहमद ने बर्ख़ास्तगी से पहले छोड़ा पद, यौन शोषण के थे आरोप

ब्रिटेन के हाउस ऑफ़ लॉडर्स के सदस्य लॉर्ड नज़ीर अहमद ने ब्रिटेन की संसद के ऊपरी सदन हाउस ऑफ़ लॉडर्स की सदस्यता छोड़ दी है.

उन्होंने ये पद लॉर्डस कंडक्ट कमेटी की उस रिपोर्ट के बाद छोड़ा है जिसमें लॉर्ड नज़ीर अहमद को एक महिला के यौन शोषण के आरोप में पद से हटाने के सुझाव दिए गए थे.

63 साल के पाकिस्तानी मूल के लॉर्ड नज़ीर अहमद पर 2017 में मदद के लिए आई ताहिरा ज़मान का भावनात्मक और यौन शोषण करने का आरोप है.

इस मामले की जांच साल 2019 में बीबीसी न्यूज़नाइट कार्यक्रम की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी.

लॉर्ड नज़ीर अहमद ने इस रिपोर्ट को सिरे से ख़ारिज करते हुए झूठा बताया है. वहीं ताहिरा ज़मान इस कमेटी की रिपोर्ट से 'खुश और संतुष्ट' हैं.

लॉर्ड नज़ीर भारत सरकार की नीतियों की आलोचना के लिए भी चर्चा में रहे हैं.

उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के भारत सरकार के फ़ैसले का खुलकर विरोध किया था.

साल 2018 में उन्होंने भारत में 'अल्पसंख्यकों की असुरक्षा' को लेकर लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के सामने एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन भी किया था.

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ताहिरा ज़मान
BBC
ताहिरा ज़मान

'मैं मदद की तलाश में उन तक पहुंची थी'

लॉर्ड्स कंडक्ट कमेटी की रिपोर्ट मानती है कि ताहिरा ज़मान का डिप्रेशन का इलाज चल रहा था और ये जानते हुए भी लॉर्ड नज़ीर अहमद ने उनका शोषण किया.

हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स की कमिश्नर फ़ॉर स्टैंडर्ड लूसी स्कॉट मानती हैं कि किसी महिला की कमज़ोर परिस्थितियों का इस तरह फ़ायदा उठाना इस मामले की 'गंभीरता को और बढ़ाता है.'

बीते साल ताहिरा ज़मान ने बीबीसी न्यूज़नाइट को बताया था, ''मैं उनके पास मदद के लिए आई थी लेकिन उन्होंने मेरा फ़ायदा उठाया और अपनी शक्तियों का दुरूपयोग किया.''

ताहिरा के मुताबिक़ वह लॉर्ड अहमद के पास एक फेथ हीलर यानी तंत्र-मंत्र करने वाले ओझा की शिकायत लेकर गई थीं.

ताहिरा का दावा था कि वह महिलाओं का शोषण कर रहा था. वो चाहती थीं कि लॉर्ड अहमद पुलिस से इस मामले की जांच कराएं.

लॉर्ड अहमद ने मेट्रोपोलिटेन पुलिस आयुक्त को इस बाबत चिट्ठी लिखी. फरवरी 2017 में ताहिरा और लॉर्ड अहमद पूर्वी लंदन के एक रेस्त्रां में इस मामले पर बात करने के लिए मिले.

ताहिरा का आरोप है कि डिनर के बाद लॉर्ड अहमद ने उनकी जांघों को उनकी मर्ज़ी के बिना छुआ.

ताहिरा ने बताया कि वह इस व्यवहार से वह सदमे में थी और उन्होंने लॉर्ड अहमद से किसी भी तरह का संपर्क ख़त्म कर लिया.

इसके बावजूद लॉर्ड अहमद ने ताहिरा से संपर्क करते रहे, इसके बाद दोनों की बातचीत बढ़ी और ताहिरा के मुताबिक वो लॉर्ड अहमद के घर आती जाती रहीं.

दो महीने बाद लॉर्ड अहमद ने साफ़ किया कि वह अपनी पत्नी से अपना रिश्ता ख़त्म नहीं करेंगे. इसके बाद ताहिरा से साल 2018 में इस मामले में पहली बार हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में शिकायत की.

इसके बाद ताहिरा ने न्यूज़नाइट से संपर्क किया क्योंकि हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स से उन्हें जवाब मिला कि वह लॉर्ड अहमद की सदन से जुड़ी 'संसदीय कर्तव्यों' की ही जांच कर सकता है.

न्यूज़नाइट की पड़ताल

न्यूज़नाइट ने लॉर्ड्स के जांच ना शुरू करने के तर्कों की पड़ताल शुरू की.

न्यूज़नाइट के इंटरव्यू में, पूर्व डिप्टी हाई कोर्ट जज लॉर्ड कार्लाइल ने कहा कि लॉर्ड्स के स्टैंटर्ड कमिश्नर ने आचार संहिता को 'गलत तरीके से समझा'.

उन्होंने कहा, "यदि कोई आपके पास लिए मदद के लिए आता है, खासकर यदि वो कमजोर परिस्थितों से गुज़र रहा हैं और आप उससे यौन संबंध बनाते हैं तो ये वास्तव में बेहद शर्मनाक है."

इसके बाद स्टैंटर्ड कमिश्नर ने न्यूज़नाइट से कहा कि उनसे 'आचार संहिता को समझने में ग़लती' हो गई.

बीबीसी न्यूज़नाइट में फ़रवरी 2019 में ये रिपोर्ट प्रसारित की गई और इसके दस हफ्ते बाद हाउस ऑफ लॉर्ड्स ने केवल "कर्तव्यों" के बजाय संसदीय "गतिविधियों" को कवर करने के लिए आचार संहिता के शब्दों का बदलाव किया.

इसके बाद ताहिरा ज़मान ने फिर हाउस ऑफ़ लार्ड्स में शिकायत की और इस तरह लॉर्ड अहमद पर लगे आरोपों की जांच शुरू हो सकी.

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