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लॉर्ड माउंटबेटन के 350 भारतीय सामानों की मार्च में होगी नीलामी, करोड़ों तक जा सकती है नीलामी की रकम

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लंदन: भारत के आखिरी वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन के भारतीय सामानों की इंग्लैंड में नीलामी होने वाली है। बताया जा रहा है कि नीलामी की रकम करोड़ों रुपये तक जा सकती है। नीलामी में माउंटबेटन के हीरे का ब्रेसलेट, सोने से सजाया हुआ हाथी समेत 350 से ज्यादा सामानों को रखा जाएगा। भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन का ये सारा भारतीय सामान उनकी सबसे बड़ी बेटी पेट्रीसिया माउंटबेटन के पास है, जिनका वो इसी साल मार्च में नीलामी करने वाली हैं। बताया जा रहा है कि नीलामी की रकम एक लाख पाउंड यानि करीब एक करोड़ भारतीय रुपए तक जा सकता है।

LORD MOUNTBATTEN

पेट्रीसिया एडविना विक्टोरिया माउंटबेटन बर्मा की दूसरी काउंटेस माउंटबेटन थीं और उनका इंग्लैंड की महारानी क्वीन एलिजाबेथ के साथ गहरा रिश्ता था, जो इंग्लैंड के राजकुमार प्रिंस फिलिप की परदादी थीं। बताया जा रहा है कि लॉर्ड माउंटबेटन को ये सभी भारतीय सामान भारत में रहने के दौरान उन्हें उपहार के तौर पर मिले थे जो इंग्लैंड के राजपरिवार के भी बेहद करीब है।

नीलामी की सामानों में भारतीयता की झलक

नीलामी करने वाली संस्था सोथबी के अध्यक्ष हैरी डेलमेन ने बताया कि पेट्रीसिया एडविना विक्टोरिया माउंटबेटन को ये सारा सामान उन्हें अपने पिता और दादा से मिला था। और जो भी नीलानी के दौरान इन सामानों को खरीदेगा उसके पास 20 वीं सदी की कहानी को देखने और उस दौरान की यादों को जीवंत करने का शानदार मौका है। पेट्रीसिया एडविना माउंटबेटन का भारत से सिर्फ इतना ही रिश्ता नहीं है कि उनके दादा लॉर्ड माउंटबेटन भारत के अंतिम वायसराय थे, बल्कि उनके उनके ससुर माइकल नैचबुल भारत में सबसे कम उम्र में वायसराय बनने वाले पहले ब्रिटिश थे। माइकल नैचबुल 1938 में सबसे कम उम्र में वायसराय बनने वाले पहले ब्रिटिश थे। वो भारत में चार महीनों तक वायसराय के पद पर रहे। वहीं, पेट्रीसिया एडविना विक्टोरिया माउंटबेटन के पति भी अपने पिता के साथ भारत में काम कर चुके हैं, और बाद में ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म प्रोड्यूसर बने। उनकी फिल्म 'A Passage to India' को ऑस्कर में नॉमिनेट किया गया था।

'क्रॉउन ऑफ इंडिया' की भी होगी नीलामी

मार्च में लंदन में होने वाली नीलामी में 350 से ज्यादा भारतीय सामानों को रखा गया है। इन सामानों में सबसे खास क्रॉउन ऑफ इंडिया है, जो पेट्रीसिया एडविना विक्टोरिया माउंटबेटन की मां डॉरीन को वायसराय माइकल नैचबुल ने दिया गया। हालांकि, बाद में दोनों की तलाक हो गई थी। बताया जा रहा है कि क्रॉफन ऑफ इंडिया की नीलामी की रकम करीब 20 हजार पाउंड तक जा सकती है। वहीं, नीलामी में सोने से सजाये गये हाथी को भी रखा गया है, जिसे जयपुर में 1946 में बनाया गया था। इसकी नीलामी करीब 3 हजार पाउंड तक होने की उम्मीद है। ये हाथी एडविना विक्टोरिया माउंटबेटन के पिता ने उनकी मां को 1946 में शादी की 24वीं वर्षगांठ के मौके पर तोहफे में दिया था।

माता-पिता की याद में नीलामी

24 मार्च को लंदन में होने वाली इस नीलामी को लेकर माउंटबेटन फैमली बेहद उत्साहित हैं। परिवार का कहना है कि इस नीलामी के जरिए वो अपने माता-पिता के द्वारा भारत में बिताए गये महत्वपूर्ण समय को याद किया जाएगा। नीलामी में रखे जाने वाले सभी सामान माउंटबेटन परिवार की यादों और माता-पिता से मिले प्यार से जुड़े हैं। लिहाजा इस नीलामी को लेकर पूरा परिवार उत्सुकता से 24 मार्च का इंतजार कर रहा है।

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English summary
Lord Mountbatten's Indian goods to be auctioned, auction amount may go up to crores
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