लता दीदी के निधन के बाद पूरी दुनिया में शोक की लहर, जानिए क्या कह रहा है CNN समेत विदेशी मीडिया?

स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन के फौरन बाद पाकिस्तानी मीडिया में लता दीदी के निधन के बाद ब्रेकिंग न्यूज चलने लगी और पाकिस्तानी अखबारों में लता दीदी की मौत को प्रमुखता से छापा है।

नई दिल्ली, फरवरी: आवाज की जादूगर लता मंगेशकर के निधन के बाद सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में शोक की लहर फैल गई है। देश-विदेश के लोग लता दीदी को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी लता दीदी के निधन के बाद मातम फैला हुआ है और विदेशी अखबारों में भी लता दीदी के निधन की खबर प्रमुख हेडलाइंस बनी हुई है।

पाकिस्तान मीडिया में शोक

पाकिस्तान मीडिया में शोक

स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के निधन के फौरन बाद पाकिस्तानी मीडिया में लता दीदी के निधन के बाद ब्रेकिंग न्यूज चलने लगी और पाकिस्तानी अखबारों में लता दीदी की मौत को प्रमुखता से छापा है। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने लता दीदी की मौत के बाद अपने हेडलाइंस में लिखा है, 'हर दिल अजीज बॉलीवुड की गायिका लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में निधन'। डॉन अखबार ने लता मंगेशकर के निधन की खबर को व्यापक अंदाज में कवर किया है और लिखा है कि, 'बॉलीवुड सुपरस्टार गायिका लता मंगेशकर, जिन्हें "भारत की कोकिला" के रूप में जाना जाता है और जिनकी आवाज में स्थिरता और ठहराव था, उनका 92 साल की उम्र में निधन हो गया है।' इसके साथ ही पाकिस्तानी अखबार ने पीएम मोदी के श्रद्धांजलि का भी जिक्र किया है।

लता दीदी की जीवनी का जिक्र

लता दीदी की जीवनी का जिक्र

पाकिस्तानी अखबार डॉन ने लता मंगेशकर की पूरी जीवनी का वर्णन किया है और लिखा है कि, साल 1929 में लता मंगेशकर का जन्म हुआ था और उन्हें संगीत की शिक्षा उनके पिता ने ही प्रारंभिक अवस्था से देनी शुरू कर दी थी। डॉन ने लिखा है कि, सिर्फ 13 साल की उम्र में उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया था और फिर लता मंगेशकर ने इतनी कम उम्र में अपने परिवार की बागडोर संभाल ली और 1945 में वो इंदौर शहर से मुंबई शिफ्ट हो गईं थीं।

भारतीय संस्कृति की दिग्गज

भारतीय संस्कृति की दिग्गज

पाकिस्तानी अखबार डॉन ने लता मंगेशकर को भारतीय संस्कृति का दिग्गज बताया है और लिखा है कि, ''अपनी छोटी बहन आशा भोंसले के साथ, जो अपने आप में एक सुपरस्टार हैं, उनके साथ लता मंगेशकर आधी सदी से अधिक समय तक बॉलीवुड की संगीत पर हावी रहीं और कई लोगों द्वारा उन्हें भारतीय फिल्म उद्योग की सबसे महान पार्श्व गायिका माना जाता है। लता मंगेशकर अपनी कीमतें बढ़ाने या अपने गीतों पर अर्जित रॉयल्टी का हिस्सा मांगने पर स्टैंड लेने से नहीं कतराती थीं।
'' पाकिस्तानी अखबार ने लिखा है कि, उनकी आवाज में एक अनुशासन था और इसीलिए अपने से 50 साल छोटी अभिनेत्रियों के लिए भी जब उन्होंने आवाज दिया, तो पर्दे पर समां बंध गया।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून में भी श्रद्धांजलि

एक्सप्रेस ट्रिब्यून में भी श्रद्धांजलि

पाकिस्तान के एक और अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने भी लता मंगेशकर के निधन की खबर को प्रमुखता से छापा है उन्हें 'महानतम' गायक कहा है। पाकिस्तानी अखबार ने लिखा है कि, 'लता मंगेशकर जब सिर्फ पांच साल की थीं, तभी संगीत की साधक बन गईं थीं'। इसके साथ ही पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की निधन पर गहरा शोक जताया है और उन्हें एक महान शख्सियत कहा है। उन्होंने ट्वीटर पर लिखा है कि, 'एक महान शख्तियत लता मंगेशकर अब नहीं रहीं। लता जी सुरों की रानी थीं, जिन्होंने कई दशकों तक संगीत की दुनिया पर राज किया'। पाकिस्तानी मंत्री ने आगे लिखा है कि, 'लता मंगेशकर के जैसा कोई नहीं था और वो संगीत की दुनिया की बेताज बादशाह थीं और लता जी की आवाज लोगों के दिलों पर हमेशा राज करती रहेंगी।'

सीएनएन की हेडलाइंस में लता दीदी

सीएनएन की हेडलाइंस में लता दीदी

अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन के वेबसाइट पर भी लता मंगेशकर के निधन की खबर को मुख्य पेज पर शामिल किया है और 'लता मंगेशकर के निधन पर भारत में शोक' शीर्षक के साथ खबर छापी है। सीएनएन ने लिखा है कि, लता मंगेशकर को भारत का स्वर-कोकिला माना जाता था और भारत के मुंबई शहर के एक अस्पताल में 92 साल की उम्र में उनका निधन हो गया है। सीएनएन ने लिखा है कि, 'लता दी का सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर मल्टी ऑर्गन फेल होने से 92 साल की उम्र में निधन हो गया और वो पिछले 28 दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं।' सीएनएन ने लिखा है कि, 'लता मंगेशकर भारतीय फिल्मों की आवाज थीं और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लता दी के निधन पर गहरा शोक जताया है।'

अलजजीरा के हेडलाइंस में लता दीदी

अलजजीरा के हेडलाइंस में लता दीदी

वहीं, एक और इंटरनेशनल मीडिया अलजजीरा में भी लता मंगेशकर के निधन को प्रमुखता से छापा है और लिखा है कि, दक्षिण एशिया में अरबों लोग उनकी आवाज को पल भर में पहचान जाते थे। अलजजीरा ने लिखा है कि, लता मंगेशकर के निधन के बाद भारत में दो दिनों का शोक जताया है। अलजजीरा ने लिखा है कि, 'लता मंगेशकर की लोकप्रियता भारत से बहुत आगे तक फैली हुई थी। वह न केवल पड़ोसी पाकिस्तान और बांग्लादेश में, बल्कि कई पश्चिमी देशों में भी उनकी आवाज के जादू से लोग अभिभूत थे।' अलजजीरा ने लिखा है कि, 'लता मंगेशकर बेहद साधारण लिबास में रहती थीं और भारतीय परिधान साड़ी में ही उन्हें हमेशा देखा गया'।

जर्मनी ने दी लता दीदी को श्रद्धांजलि

वहीं, भारत में जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे. लिंडेनर ने ट्वीटर पर भारतीय गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया है और ट्वीटर पर लिखा है कि, '"मेरी आवाज़ ही, पहचान है.. गर याद रहे.."'। उन्होंने लिखा है कि, 'गायक और संगीत प्रतिभा लता मंगेशकर का 92 वर्ष की आयु में निधन। एक किंवदंती, एक अपूरणीय आवाज और 7 दशकों से संगीत की एक संस्था! बहुत ही दुखद समाचार..उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी..'

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