इमरान खान के आगे पाकिस्तानी अदालत का सरेंडर! लाहौर कोर्ट ने आतंकवादी धाराओं में दी बड़ी राहत
इमरान खान को गिरफ्तार करने की 3 बार कोशिश की गई है, लेकिन पाकिस्तान की पुलिस ऐसा करने में नाकाम रही है। फिलहाल, इमरान खान अपनी मर्जी से पेशी के लिए कोर्ट जाते हैं।

Imran Khan Granted Bail by Lahore Court: इमरान खान को गिरफ्तार करने में पाकिस्तानी अदालतों के पसीने छूट गये हैं और अब पाकिस्तानी की अदालतों ने इमरान खान के खिलाफ गिरफ्तार करने का वारंट जारी करना ही बंद कर दिया है, या कम कर दिया है। ताजा मामले में, लाहौर की एक आतंकवाद-रोधी अदालत (एटीसी) ने मंगलवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान के खिलाफ दर्ज तीन आतंकवाद मामलों में उनकी जमानत 13 अप्रैल तक बढ़ा दी है।
इमरान खान को बड़ी राहत
इमरान खान, जिन्हें पिछले साल अप्रैल महीने में प्रधानमंत्री की कुर्सी से हटा दिया गया था, वो आज कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत पहुंचे थे। दरअसल, इमरान खान के आगे अदालतद क्यों मजबूर हो गया है और क्यों सरेंडर कर चुका है, इसे ऐसे समझा जा सकता है, कि इमरान खान इसी शर्त पर कोर्ट में पेश हुए थे, कि उन्हें जमानत दी जाएगी और कोर्ट ने इमरान खान से वादा किया था, कि अगर वो पेशी के लिए कोर्ट आते हैं, तो उन्हें जमानत की जाएगी और कोर्ट ने अपना वादा निभाया है। पाकिस्तान के अलावा शायद ही दुनिया का कोई लोकतांत्रिक देश होगा, जहां एक अदालत, किसी आरोपी की शर्तों को स्वीकार कर उसे पेशी के लिए बुलाती है। लाहौर आतंकवाद रोधी कोर्ट ने इमरान खान को तीन मामलों में राहत दी ही। इमरान खान आज जिले शाह हत्याकांड, आगजनी और राज्य के मामलों में हस्तक्षेप सहित तीन मामलों में जमानत लेने के लिए अदालत में पेश हुए थे। ये मामले पीटीआई प्रमुख के खिलाफ लाहौर के रेस कोर्स पुलिस स्टेशन में आतंकवाद विरोधी, सहायता और उकसाने वाले प्रावधानों के तहत दर्ज किए गए थे।
इमरान को गिरफ्तार करने में नाकाम पुलिस
आपको बता दें, कि लाहौर पुलिस ने तोशखाना उपहार मामले में इमरान खान को गिरफ्तार करने के अभियान चलाया था, लेकिन वो इमरान खान को गिरफ्तार करने में नाकाम रही थी। हालांकि, इस दौरान पीटीआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़पों के संबंध में इमरान खान के खिलाफ ये तीन मामले और दर्ज कर लिए गये थे। इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान में 140 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए गये हैं, जो एक रिकॉर्ड है। 25 मार्च को पूर्व प्रधानमंत्री ने अंतरिम जमानत की मांग वाली अपनी याचिका में लिखा था कि वह जांच में शामिल होना चाहते हैं लेकिन पुलिस द्वारा गिरफ्तारी का डर है। वहीं, आज अदालत में पेश होने के बजाय, पीटीआई प्रमुख ने शुरुआत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था, कि इमरान खान प्रांतीय राजधानी में मौजूद हैं, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के कारण वह पेश नहीं हो सके। हालांकि, अदालत ने इमरान खान के वकील को निर्देश दिया था, कि वह सुनिश्चित करें कि पीटीआई प्रमुख सुबह 11 बजे तक अदालत में पेश हों अन्यथा वह कानून के अनुसार उनकी अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला करेगा। जिसके बाद इमरान खान कोर्ट में पेश होने के लिए पहुंचे थे।
टाइम मैगजीन पर इमरान खान
इस बीच अमेरिका की मशहूर पत्रिका टाइम मैगजीन पर इमरान खान की तस्वीर छापी गई है, जिसे भुनाने की भरपूर कोशिश में इमरान खान लगे हुए हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने गैगजीन के आने के बाद कहा है, कि सत्ता को सेना के बजाय राजनीतिक संस्थानों में निहित करने के लिए एक नए सामाजिक समझौते की जरूरत है। पूर्व प्रधानमंत्री ने टाइम पत्रिका के साथ एक विशेष इंटरव्यू में कहा सेना पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इमरान खान, टाइम पत्रिका के मई महीने के अंक में नजर आएंगे, जिसमें उन्होंने विस्फोटक इंटरव्यू दिए हैं। माना जा रहा है, इमरान खान के इंटरव्यू के बाद पाकिस्तान में बवाल मच सकता है। टाइम मैगज़ीन ने अपने कवर का पहला लुक अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जारी किया है। ट्वीट में कहा गया है, कि "इमरान खान को सरकार से बेदखल कर दिया गया है और उनकी हत्या करने की कोशिश की गई है, लेकिन वह पाकिस्तान में सबसे लोकप्रिय राजनेता बने हुए हैं।"












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