UK General Election Result: मुस्लिमों ने दिया ऋषि सुनक को वोट, फिर भी हारे, हिंदुओं के वोट से लेबर पार्टी जीती
UK General Election Result 2024: अब यह आधिकारिक हो गया है, कि लेबर पार्टी ने कंजर्वेटिव पार्टी का सूपड़ा साफ कर अगली सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है और ऋषि सुनक की पार्टी यूके इलेक्शन 2024 को बुरी तरह से हार गई है।
लेबर पार्टी ने हाउस ऑफ कॉमन्स (ब्रिटिश संसद) में बहुमत हासिल कर लिया है और अगली सरकार बनाएगी। कीर स्टारमर ने 326 सीटों का जादुई आंकड़ा जीत लिया है और वे देश के अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। वहीं, ऋषि सुनक ने आधिकारिक तौर पर हार स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, हालांकि नई सरकार के गठन होने तक वो प्रधानमंत्री बने रहेगे।

वहीं, प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने वाले कीर स्टारमर ने होलबोर्न और सेंट पैनक्रास के अपने निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल करने के बाद कहा, कि "आज रात, यहां और देश भर के लोगों ने अपनी बात कह दी है और वे बदलाव के लिए तैयार हैं।" उन्होंने कहा, कि "आपने मतदान किया है, अब हमारे लिए काम करने का समय है।"
ऋषि सुनक ने लेबर पार्टी से चुनाव में हार स्वीकार कर ली है और उन्होंने रिचमंड और नॉर्थलेर्टन में अपनी पार्टी की हार की घोषणा करते हुए कहा, कि "लेबर पार्टी ने यह आम चुनाव जीत लिया है और मैंने सर कीर स्टारमर को उनकी जीत पर बधाई देने के लिए फोन किया है।"
ऋषि सुनक ने कहा, कि "अब मैं लंदन जाऊंगा, जहां मैं प्रधानमंत्री के रूप में अपना काम छोड़ने से पहले आज रात के परिणाम के बारे में और और बात करूंगा। जिसके लिए मैंने अपना सब कुछ दिया था।"
वहीं, यूके के अगले प्रधानमंत्री बनने वाले कीर स्टारमर ने कहा, कि "हमने कर दिखाया।" उन्होंने आगे कहा, कि "अब परिवर्तन का समय आ गया है।"
लेबर पार्टी को नहीं मिला मुस्लिमों का समर्थन
हालांकि, लेबर पार्टी ने प्रचंड बहुमत से यूके इलेक्शन को जीत लिया है, लेकिन इस चुनाव में उन्हें मुस्लिम मतदाताओं का साथ नहीं मिला है। लेबर पार्टी के उम्मीदवारों ने बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाताओं वाली सीटों पर बहुत खराब प्रदर्शन किया है। लेबर का वोट उन सीटों पर औसतन 10 अंकों से कम है, जहां 10% से ज्यादा आबादी मुस्लिम है।
ये सबसे बड़ी वजह है, कि लेबर पार्टी लीसेस्टर ईस्ट सीट से हार गई है और ये सीट ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी जीत गई है। वहीं, लीसेस्टर वेस्ट की सीट पर लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता जोनाथन एशवर्थ, एक स्वतंत्र उम्मीदवार से हार गये हैं और ये सीट भी मुस्लिम बाहुल्य सीट है, जो लेबर पार्टी के लिए बहुत बड़ा झटका है।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, लेबर पार्टी के एक सीनियर लीडर ने कहा है, कि बैटली और ड्यूस्बरी की नई सीट पर एक फिलिस्तीन समर्थक स्वतंत्र उम्मीदवार के जीतने की अत्यधिक संभावना है। यह संभव है कि ब्लैकबर्न में भी एक स्वतंत्र उम्मीदवार जीत हासिल करे और ये तमाम सीटें मुस्लिम बाहुल्य हैं।
इसके अलावा, बर्मिंघम लेडीवुड में लेबर पार्टी की एक और सीनियर लीडर शबाना महमूद के भी हारने की आशंका बढ़ गई है और ऐसी रिपोर्ट है, कि इस सीट पर भी मुस्लिम मतदाताओं ने एक तरफ फिलीस्तीन समर्थक उम्मीदवार को वोट दिया है।
किस पार्टी को कितनी सीटें
खबर लिखे जाने तक (सुबह 9:45) तक लेबर पार्टी ने 350 सीटें जीत ली थी, जबकि ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव पार्टी ने 76 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, सबसे जबरदस्त फायदा लिबरल डेमोक्रेट्स पार्टी को हुआ है, जो अभी तक 46 सीटें जीत चुकी है। लिबरल डेमोक्रेट्स की जीत में निगेल फ़राज ने सबसे ज्यादा भूमिका निभाई है, जो पहले कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पार्टी बना ली।
वहीं, ऋषि सुनक के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली पेनी मोर्डंट, जिन्होंने बार बार प्रधानमंत्री बनने के लिए ऋषि सुनक के खिलाफ बयान दिए, वो अपनी सीट से चुनाव हार गई हैं। हाउस ऑफ कॉमन्स की नेता और प्रधानमंत्री की रेस में शामिल पेनी मोर्डंट हार गई हैं, जो अब तक की सबसे हाई-प्रोफाइल हार है।
मोर्डंट, जो 2010 से सांसद थीं, उन्हें लेबर पार्टी की अमांडा मार्टिन ने पोर्ट्समाउथ नॉर्थ में हरा दिया है। मार्टिन को 14,495 वोट मिले जबकि मोर्डंट को 13,715 वोट मिले।

लेबर पार्टी को हिंदू समुदाय का वोट?
ऋषि सुनक ने चुनाव से पहले हिंदू समुदाय का वोट हासिल करने की काफी कोशिशें की, लेकिन ऐसा लग रहा है, कि उन्हें ये साथ नहीं मिल पाया।
नतीजों को देखने के बाद माना जा रहा है, कि ब्रिटिश भारतीय समुदाय ने भारतीय मूल के ऋषि सुनक की जगह लेबर पार्टी के कीर स्टारमर को चुना है। कीर स्टारमर ने हिंदू वोटरों को लुभाने के लिए कई घोषणाएं की थीं, जिसमें से एक ब्रिटिश हिंदू संगठनों की तरफ से बनाए गये "हिंदू घोषणापत्र" का समर्थन करना भी शामिल था। जिसने ऋषि सुनक के लिए परेशानी को बढ़ा दिया था।
हिंदू घोषणापत्र में चुनाव जीतने वाले प्रतिनिधियों से हिंदू पूजा स्थलों की रक्षा करने और हिंदू विरोधी घृणा से निपटने का आह्वान किया गया है।
कीर स्टारमर ने हिंदू घोषणापत्र का सीधा समर्थन करते हुए कहा था, कि ब्रिटेन में हिंदूफोबिया की घटनाएं बढ़ी हैं, उनकी पार्टी की सरकार बनने पर हिंदूफोबिया से निपटने के लिए काफी काम किए जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने अपने चुनाव अभियान में भारत को लेकर भी कई बातें कही थीं, जिसमें उन्होंने भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को फाइनल नहीं करने के लिए ऋषि सुनक की सरकार की आलोचना की थी।
कीर स्टारमर ने कहा था, कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को जल्द से जल्द करना उनकी प्राथमिकता होगी।
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