दुनिया में दहशत फैलाना जारी रखेगा उत्तर कोरिया, नये साल पर किम जोंग उन का रिजॉल्यूशन
किम जोंग उन ने नये साल पर कई संकल्प लिए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि, नये साल पर उनका फोकस देश में भोजन संकट को मिटाने और विकास पर होगा।
प्योंगयांग, जनवर 01: साल 2022 का आगाज हो चुका है और नये साल के मौके पर कई लोग नया संकल्प लेते हैं। कुछ लोग कुछ नया करने की संकल्प लेते हैं, तो कुछ लोग अपनी बुरी आदतों को छोड़ने की प्रतिज्ञा करते हैं। उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग उन ने भी नये साल के मौके पर प्रतिज्ञा की है। सनकी तानाशाह किम जोंग उन ने प्रतिज्ञा की है, कि इस साल उत्तर कोरिया दुनिया में दहशत फैलाना जारी रखेगा।

तैयार किया 2022 का एजेंडा
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने देश के सामने साल 2022 का एजेंडा रखा है, जिसमें किम जोंग उन ने साल 2022 का प्रमुख लक्ष्य देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने का रखा है। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने किम जोंग उन के साल 2022 के एजेंडो को दुनिया के सामने रखा है और सबसे बड़ी बात ये थी, कि इन एजेंडों में किम जोंग उन ने अपने सबसे बड़े दुश्मन अमेरिका का नाम एक बार भी नहीं लिया है। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की एक पूर्ण बैठक के दौरान देश में भोजन की व्यवस्था हर घर तक पहुंचाने और देश के विकास को बढ़ाने पर फोकस करने की बात कही है।

किम जोंग की परमाणु सनक होगी कम?
परमाणु कार्यक्रमों की वजह से उत्तर कोरिया पर यूनाइटेड नेशंस और अमेरिका ने कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं, जिनकी वजहों से उत्तर कोरिया की आर्थिक स्थिति काफी ज्यादा खराब है और देश में भुखमरी की आशंका जताई गई है। देश में परमाणु भंडार बनाने की सनक ने उत्तर कोरिया को काफी ज्यादा आर्थिक तौर पर नुकसान पहुंचाया है और देश गंभीर भोजन संकट से जूझ रहा है। लिहाजा, नये साल के रिजॉल्यूशन में किम जोंग उन ने देश में भोजन संकट खत्म करने का संकल्प लिया है। लेकिन किम जोंग उन ने साफ कर दिया है, कि क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम जारी रहेगा।

उठाया जाएगा युगांतकारी कदम
उत्तर कोरिया की सरकारी 'कोरिया सेन्ट्रल न्यूज एजेंसी' (केसीएनए) ने किम जोंग उन के भाषण को लेकर जो रिपोर्ट दी है, उसमें किम जोंग उन ने कहा कि, 'लोगों की दैनिक आवश्यकताओं से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए देश में युगांतकारी कदम उठाए जाएंगे'। आपको बता दें कि, दक्षिण कोरियाई सेन्ट्रल बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, महामारी की वजह से उत्तर कोरिया ने अभी तक देश की सीमा को काफी ज्यादा सख्ती के साथ बंद कर रखा है। यहां तक की, उत्तर कोरिया ने चीन से भी सारे संपर्क काट रखे हैं, लिहाजा देश की अर्थव्यवस्था काफी ज्यादा संकुचित हो चुकी है।

देश में भुखमरी की स्थिति
यूनाइटेड नेशंस के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पिछले साल अक्टूबर में चेतावनी दी थी, कि आने वाले वक्त में उत्तर कोरिया के लोग भयानक भुखमरी संकट में फंस सकते हैं। अपने पिता की मौत के बाद देश की सत्ता संभालने वाले किम जोंग उन ने कहा कि, अभी तक देश का मुख्य लक्ष्य कोरोना महामारी से लड़ना था और किम जोंग उन ने कहा कि, "आपातकालीन महामारी विरोधी उपायों को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में रखा जाना चाहिए और उसे सख्ती से लागू किया जाना चाहिए''।

सैन्य शक्ति को लेकर किम जोंग उन
हालांकि, किम जोंग उन ने 2022 के संकल्प के दौरान अपने किसी भी 'दुश्मन' देश का जिक्र नहीं किया, लेकिन उत्तर कोरिया की सैन्य क्षमताओं को लेकर जरूर बात की। किम जोंग उन ने अपने भाषण के दौरान ना तो अमेरिका का ही जिक्र किया और ना ही उन्होंने दक्षिण कोरिया का ही नाम लिया, लेकिन संक्षेप में उन्होंने अपने सैन्य मिशन को लेकर कहा, कि उत्तर कोरिया अपने सैन्य निर्माण को जारी रखेगा। केसीएनए ने किम जोंग उन के हवाले से कहा कि, "कोरियाई प्रायद्वीप तेजी से अस्थिर हो रहा है और सैन्य माहौल और अंतरराष्ट्रीय स्थिति, राष्ट्रीय रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की मांग करती है।"

बैलिस्टिक मिसाइलों का होगा परीक्षण
हालांकि, उत्तर कोरिया की राज्य मीडिया ने इसको लेकर कुछ ज्यादा जानकारी नहीं दी है, लेकिन उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइलों की क्षमता बढ़ाना जारी रखेगा। इशारों इशारों में साफ कर दिया गया है कि, उत्तर कोरिया अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों का परवाह किए बगैर ही परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइलों की क्षमता को बढ़ाना जारी रखेगा। आपको बता दें कि, साल 2019 में डोनाल्ड ट्रंप के साथ परमाणु वार्ता नाकामयाब होने के बाद से उत्तर कोरिया ने खुद को हर तरह की वार्ता से दूर रखा है। अक्टूबर में यूएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि, महामारी में खराब स्थिति के बाद भी उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखा है और किम जोंग उन ने साफ कर दिया है कि, इस साल भी उत्तर कोरिया अपनी पुरानी नीति पर ही आगे बढ़ेगा।












Click it and Unblock the Notifications