खालिस्तानी हो या पाकिस्तानी, चुन-चुनकर मारे जा रहे भारत के गुनहगार.. कौन कर रहा आतंकियों का काम तमाम?
इन सारी घटनाओं में अज्ञात अपराधियों का नाम सामने आया। इनकी हत्या किस मकसद से की गई यह किसी को नहीं मालूम है। हालांकि पाकिस्तान में कुछ हत्याओं की जिम्मेदारी सिंधुदेश रिवोल्यूशनरी आर्मी (SRA) ने जिम्मेदारी ली है, मगर ऐसा
ब्रिटेन में लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के चीफ अवतार सिंह खांडा का बर्मिंघम शहर के एक अस्पताल में निधन हो गया है। अवतार सिंह ने ही लंदन में भारतीय उच्चायोग पर हमला कराया था।
खांडा की मौत कैसे हुई इसे लेकर रहस्य बना हुआ है। पहले ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि खांडा को जहर दिया गया है। अब ब्रिटेन के मेडिकल रेकॉर्ड में अवतार के ब्लड कैंसर होने की पुष्टि हुई है।

सोशल मीडिया पर लोग यह यकीन नहीं कर रहे हैं कि अवतार सिंह खांडा की ब्लड कैंसर से मौत हुई है। क्योंकि, अगर खांडा को ब्लड कैंसर था, और उसे ये बात पता होती तो मौत से ठीक दो महीने पहले वो भारत विरोधी प्रदर्शनों में शामिल नहीं होता। अगर उसे ये बात पता नहीं थी तो महज 2 दिनों के भीतर बीमारी का इतना अधिक बढ़ जाना और मरीज का मर जाना लोगों को पच नहीं रहा।
अवतार सिंह की मौत को संदिग्ध बताने की एक और वजह ये भी है कि हाल में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जिसमें भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले आतंकियों का विदेशों में काम तमाम कर दिया गया है।
बीते महीने पाकिस्तान के लाहौर में खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पंजवड़ को अज्ञात बाइक सवारों ने गोलियों से भून डाला था। पजंवड़ लाहौर में मलिक सरदार सिंह के छद्म नाम से रह रहा था। खालिस्तान कमांडो फोर्स का सरगना परमजीत पंजवड़ ने 30 जून 1999 को पासपोर्ट कार्यालय के पास बम ब्लास्ट कराया था।
इससे पहले फरवरी में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) का कभी खास शागिर्द रहा आतंकी इम्तियाज आलम उर्फ बशीर अहमद पीर की रावलपिंडी में हत्या कर दी गई। इम्तियाज जम्मू-कश्मीर के अंदर पाकिस्तान से भेजे गए आतंकियों को वह सीमा पार कराने में मदद करता था। इसके ठीक 2 दिन बाद एजाज अहमद अयंगर को अफगानिस्तान के काबुल में मार गिराया गया था।
इसके बाद कराची में 27 फरवरी को कश्मीर के आतंकी संगठन अल-बद्र का कमांडर सैयद खालिद रजा मार दिया गया। इसके बाद मार्च में खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी कमांडर सैयद नूर शालोबार को गोलियों से भून डाला गया था। इससे पहले जनवरी 2023 में पंजाब प्रांत में दो पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इन सारी घटनाओं में अज्ञात अपराधियों का नाम सामने आया। इनकी हत्या किस मकसद से की गई यह किसी को नहीं मालूम है। हालांकि पाकिस्तान में कुछ हत्याओं की जिम्मेदारी सिंधुदेश रिवोल्यूशनरी आर्मी (SRA) ने जिम्मेदारी ली है, मगर ऐसा माना जा रहा है कि इसके पीछे किसी और का हाथ है।
खबरों के मुताबिक, हत्याओं के बाद ISI और पाकिस्तानी सेना ने आतंकी कमांडरों की सुरक्षा बढ़ा दी है। अब ब्रिटेन में खालिस्तानी समर्थक नेता अवतार सिंह खांडा की हत्या के बाद कनाडा से लेकर ऑस्ट्रेलिया में मौजूद भारत विरोधी तत्व अतिरिक्त सतर्क हो गए हैं।












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