केन्या आतंकी हमला: 9/11 में बच गई जान, नैरोबी के आतंकी हमले में अमेरिकी सीईओ को किस्मत दे गई धोखा!
नैरोबी। केन्या की राजधानी नैरोबी के एक होटल पर मंगलवार को हुए आतंकी हमले में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। इन 21 लोगों में एक नाम अमेरिकी बिजनेसमैन जैसन स्पिनडल्र का भी है। जैसन की किस्मत में शायद मौत अपने देश में नहीं लिखी थी। जैसन अमेरिका के वह बदकिस्मत बिजनेसमैन थे जो 9/11 जैसे खतरनाक आतंकी हमले में बाल-बाल बच गए। उस हमले में जिसमें 3,000 लोगों की मौत हो गई थी, उसमें भगवान के आर्शीवाद ने जैसन को बचा लिया था। लेकिन नैरोबी में हुए आतंकी हमले में उनकी किस्मत उन्हें धोखा दे गई। जैसन इस हमले में मारे गए अकेले अमेरिकी नागरिक हैं।

साल 2000 में आए थे न्यूयॉर्क
जैसन साल 2000 में ऑस्टिन में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास से ग्रेजुएट हुए थे। इसके बाद वह न्यूयॉर्क आ गए और वॉल स्ट्रीट में एक इनवेस्टमेंट बैंकर के तौर पर काम करने लगे। 9/11 के समय भी वह न्यूयॉर्क में ही थे। 11 सितंबर 2001 को जब धमाकों में जब मैनहैट्टन में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गिर रहा था और लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे, जैसन लोगों की जान बचा रहे थे।

9/11 हमले में पहुंचे लोगों की मदद के लिए
वह तुरंत मलबे के पास पहुंच गए और उन्होंने लोगों को निकालना शुरू किया। उस समय उनके रूममेट और कलीग रहे केविन यू ने वॉशिंगटन पोस्ट के साथ बातचीत में यह बात बताई। केविन ने बताया कि जैसन इसी तरह के इंसान थे। 9/11 के समय जैसे ही धमाकों की आवाज आई, लोग इधर-कूद कर भागने लगे। लेकिन जैसन इन सबसे अलग थे और उन्होंने लोगों की मदद करने का जिम्मा उठाया।

हमले ने बदल दी सोच
जैसन उस आतंकी हमले में बाल-बाल बचे मगर मंगलवार को उनकी जान नहीं बच सकी। नैरोबी के होटल में सोमालिया के अल शहाब आतंकी संगठन के आतंकवादियों ने हमला बोला और 21 लोगों की मौत हो गई। यू ने बताया कि जैसन ह्यूस्टन के रहने वाले थे और तीन भाईयों में सबसे बड़े थे। वह हर पल ऊर्जा से भरे रहते थे। जैसन ने पेरू के एक सूनसान इलाके में में पीस कोर वॉलेंटियर के तौर पर काम किया था। उन्हें दुनियाभर में घूमने और एडवेंचर का काफी शौक था। 2001 में हुए आतंकी हमलों ने जैसन की जिंदगी बदल दी थी। उन्हें लगने लगा था कि वह लोगों के लिए काफी कुछ कर सकते हैं।

लोगों के लिए कुछ करने का जज्बा
इन हमलों के बाद जैसन ने इनवेस्टमेंट बैंकिंग छोड़ दी और फिर न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में लॉ की पढ़ाई करने लगे। इसके बाद वह सामाजिक उद्यमशीलता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अमेरिका से बाहर चले गए। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी की ओर से जैसन की मृत्यु पर बयान जारी किया गया है। इस बयान में कहा गया है 'हर कोई जो उन्हें जानता था, आज उन्हें याद कर रहा है। उनका आकस्मिक निधन न सिर्फ उनके चाहने वालों के लिए एक बुरी खबर है बल्कि उनके लिए भी है जो अपनी खुद को दूसरों की जिंदगी बदलने के लिए समर्पित कर देते हैं।'

जिस दिन प्रार्थना सभा उसी दिन 41वां बर्थडे भी
अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से मंगलवार को हुए आतंकी हमले में एक अमेरिकी नागरिक के मौत की पुष्टि की गई थी। हालांकि विभाग ने नाम सार्वजनिक नहीं किया था। फेसबुक पर जैसन के भाई जोनाथन ने लिखा है, 'हमारा परिवार इस समय कैसा महसूस कर रहा है इसे बता पाना बहुत ही मुश्किल है, लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि जैसन स्पिनडल्र आप एक बेहतरीन बेटे, भाई और अंकल हो और हमेशा रहोगे।' जैसन का परिवार उनका शव लेने के लिए केन्या के लिए रवाना हो चुका है। यू ने बताया कि सोमवार को उनके लिए एक प्रार्थना सभा का आयोजन होगा और हैरानी की बात है कि जिस दिन उनकी प्रार्थना सभा है उस दिन ही उनका 41वां जन्मदिन भी है।












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