ओमिक्रॉन के लिए सिर्फ एक बूस्टर काफी नहीं है ? वैज्ञानिकों में छिड़ी बहस
नई दिल्ली, 30 दिसंबर: ओमिक्रॉन वेरिएंट ने दुनियाभर की स्वास्थ्य सेवाओं को हिलाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 22 से 28 दिसंबर के बीच विश्व भर में औसतन रोजाना 9,00,000 केस सामने आए हैं। ओमिक्रॉन ने जिस तरह से कोविड के टीके लगवा चुके लोगों और बूस्टर डोज लेने वालों को भी संक्रमित किया है, उससे इसकी चौथी डोज लगवाने को लेकर भी बहस छिड़ गई है। इजरायल में तो इसपर ट्रायल भी शुरू हो चुकी है और उम्मीद है कि दो हफ्तों में कुछ ठोस नतीजे मिल जाएंगे। फिलहाल इसकी आवश्यकता को लेकर वैज्ञानिकों की राय बंटी हुई नजर आ रही है और लगता है कि वह भी इस नए वेरिएंट का अभी पूरी तरह से अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं।

बूस्टर की दूसरी खुराक पर ट्रायल शुरू
यह सच्चाई है कि ओमिक्रॉन को रोकने के लिए सिर्फ एक बूस्टर डोज नहीं, बल्कि बूस्टर डोज की दूसरी खुराक को लेकर भी गंभीरता से विचार शुरू हो गया है। इजरायल इसमें सबसे आगे है, जिसने सोमवार को इसके लिए रिसर्च को मंजूरी दे दी है कि क्या बूस्टर की दो डोज लगाने के बाद तेजी से फैल रहे कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट को रोका जा सकता है? क्योंकि, एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 की बूस्टर डोज के बाद भी संक्रमित होना संभव है। क्योंकि, कोविड की तीन-तीन खुराक लगवा चुके लोगों के भी संक्रमित होने के मामले सामने आ रहे हैं। अब इजरायल के एक अस्पताल में हेल्थ वर्कर्स के एक ग्रुप को कोविड वैक्सीन की चौथी खुराक देकर उसके असर का अध्ययन किया जा रहा है।

इजरायल में दो हफ्ते में आएगा परिणाम
इस स्टडी के परिणाम पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं। तेल अवीव के पास के शेबा मेडिकल सेंटर के प्रवक्ता ने कहा है कि इसके परिणाम दो हफ्तों में आने की संभावना है, जिसे इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा जाएगा। ओमिक्रॉन की वजह से अचानक हॉस्पिटलाइजेशन बढ़ने की आशंका के मद्देनजर पिछले हफ्ते वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञों के एक पैनल ने स्वास्थ्यकर्मियों और कमजोर इम्यून वाले 60 साल से ज्यादा के बुजुर्गों को चौथी खुराक देने की सिफारिश की थी। दरअसल, स्वास्थ्य वैज्ञानिक की चिंता इसलिए बढ़ी हुई है, क्योंकि इस वेरिएंट पर मौजूदा अधिकतर वैक्सीन पूरी तरह से कारगर नहीं माना जा रही है।

जर्मनी सरकार ने भी चौथी डोज का किया है समर्थन
कुछ हफ्ते पहले ही फाइजर के सीईओ अलबर्ट बॉउर्ला ने कहा था कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के चलते लोगों को बहुत ही जल्दी कोविड-19 की चौथी डोज की आवश्यकता पड़ सकती है। यह बयान फाइजर और बायोएनटेक की ओर से ओमिक्रॉन के खिलाफ वैक्सीन की तीसरी डोज को प्रभावी पाए जाने के कुछ ही दिन बाद दिया गया था। हालांकि, जो लोग वैक्सीन की दोनों ही डोज लगवा लेते हैं, उनके बारे में कहा गया है कि उन्हें गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है। जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री कार्ल लॉउटरबैच ने भी ओमिक्रॉन के खिलाफ कारगर सुरक्षा के लिए चौथी डोज का समर्थन किया है।

चौथी डोज की चर्चा जल्दबाजी है-फाउची
वैसे अमेरिका जो कि इस समय संक्रमण से बुरी तरह से प्रभावित है, वहां के सबसे बड़े संक्रामक रोग विशेषज्ञ और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी के डॉक्टर एंथनी फाउची का कहना है कि अभी कोविड-19 वैक्सीन की चौथी डोज के बारे में चर्चा करना बहुत ही जल्दबाजी है। उन्होंने डब्ल्यूसीबीएस न्यूजरेडियो 880 के साथ एक इंटरव्यू में कहा है कि चौथी डोज की बात करना ' समय से बहुत पहले' है। रॉयटर्स के मुताबिक पिछले हफ्ते कोविड का इंफेक्शन एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। इसके अनुसार दुनिया भर में 22 से 28 दिसंबर के बीच रोजाना औसतन 9,00,000 मामले सामने आए हैं।












Click it and Unblock the Notifications