जापान के योशिनोरी अोहसुमी को मिला मेडिसिन का नोबेल

टोक्‍यो। इस वर्ष के नोबेल पुरस्‍कार का ऐलान शुरू हो गया है। सोमवार को मेडिसिन के लिए जापान के बायोलॉजिस्‍ट योशिनोरी ओहसुमी को नोबेल पुरस्‍कार देने का ऐलान किया गया।

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क्‍या है ओहसुमी का योगदान

ओहसुमी जो कि एक जीव वैज्ञानिक हैं उन्‍होंने इस बात का पता लगाया था कि कैसे शरीर के अंदर मौजूद कोशिकाएं खुद को डिटाक्सिफाई करती हैं और फिर खुद अपनी मरम्‍मत करती हैं।

जापान के ओहसुमी को 'मैकेनिज्‍म फॉर ऑटोफैगी' की खोज करने के लिए यह सम्‍मान दिया जाएगा। इसके तहत उन्‍हें आठ मिलियन स्‍वीडिश क्रोनर दिए जाएंगे।

क्‍या है ऑटोफैगी

ऑटोफैगी शरीर के अंदर होने वाली रिसाइक्लिंग की प्रक्रिया को कहते हैं। इसके तहत पुरानी कोशिकाएं नष्‍ट हो जाती हैं और जरूरी हिस्‍से ऊर्जा का निमार्ण करते हैं या फिर नई कोशिकाओं का निर्माण करते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह काफी नाजुक प्रक्रिया होती है और इससे किसी भी तरह के नासूर के बनने की संभावना काफी कम हो जाती है।

इसके अलावा एक स्‍वस्‍थ पाचन प्रक्रिया जारी रहती है। इससे लोगों में डायबिटीज जैसी बीमारी होने की संभावना भी कम होती है।

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