जापान ने भारत की बड़ी कंपनी पर प्रतिबंध लगाने का किया ऐलान, US के इशारे पर काम कर रहे फुमियो किशिदा?
Japan Sanction Indian Company: जापान ने शुक्रवार को कहा है, कि उसने चीन और भारत सहित पांच देशों में स्थित 11 कंपनियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, जिसमें संपत्ति जब्त करना और निर्यात प्रतिबंध लगाना शामिल है।
जापान ने कहा है, कि उसका मानना है इन संस्थाओं ने रूस के साथ कारोबार किया है, जिससे रूस को यूक्रेन पर आक्रमण से संबंधित दंडात्मक उपायों से बचने में मदद मिली है। सबसे हैरानी की बात ये है, कि जापान ने भारतीय कंपनी पर भी प्रतिबंध लगाए हैं, जो भारत का काफी करीबी दोस्त है।

जापान ने लगाया भारतीय कंपनी पर प्रतिबंध
भारतीय कंपनी पर प्रतिबंध लगाने का यह कदम जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा की इस महीने की शुरुआत में इटली में ग्रुप ऑफ सेवन शिखर सम्मेलन (G7 Summit) के एक सत्र के दौरान की गई टिप्पणी के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था, कि उनकी सरकार तीसरे देशों में स्थित संस्थाओं को निशाना बनाते हुए "नए प्रतिबंध पैकेज" पर विचार कर रही है।
जी7 देशों ने उन उत्पादों के रूस में निर्यात की आलोचना की थी, जिन्हें तीसरे देशों के माध्यम से रूस को सैन्य उपयोग के लिए भेजा जा सकता है। जिन देशों की कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गये हैं, उन पांच देशों में संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और कजाकिस्तान भी शामिल हैं।
जापान सरकार के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, कि रूस पर प्रतिबंधों की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए जापान "जी7 सदस्यों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।"
अमेरिका के कहने पर भारत के खिलाफ कदम?
इससे पहले इकोनॉमिक टाइम्स ने 15 जून को अपनी एक रिपोर्ट में कहा था, कि जापान रूस के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाली एक भारतीय फर्म के खिलाफ प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। ईटी को बताया था, कि अगर प्रतिबंध लगाया जाता है, तो 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षणों के बाद टोक्यो द्वारा नई दिल्ली के खिलाफ यह पहला प्रतिबंध होगा।
हालांकि, जापान ने अभी तक ये नहीं बताया है, कि रूस के साथ कारोबार में शामिल किस भारतीय कंपनी पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन ऐसी रिपोर्ट है, कि वो कोई बड़ी कंपनी है।
वहीं, जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है, कि जापान की तरफ से भारतीय फर्म पर प्रतिबंध लगाया जाना हैरानी भर फैसला है और यह भारत के खिलाफ जापानी प्रतिबंधों के इतिहास के कारण फलते-फूलते द्विपक्षीय साझेदारी पर छाया डालेगा। एक्सपर्ट्स का ये भी मानना है, कि जापान ने भारतीय कंपनी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला अमेरिकी दबाव में भी किया होगा, लेकिन इसका सीधा असर भारत और जापान के संबंधों पर पड़ेगा।
जापान और भारत ने पिछले कुछ सालों में काफी करीबी संबंध बनाए हैं और दोनों देशों के बीच कई कारोबारी और रणनीतिक साझेदारियां हुई हैं, लेकिन भारतीय कंपनी पर प्रतिबंध लगाया जाना मोदी सरकार के लिए आश्चर्यजनक है।












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