G20 की कामयाबी के लिए भारतीय विदेश मंत्री ने दिया अमेरिका को श्रेय, कनाडा विवाद के बीच की जमकर तारीफ
S Jaishankar on G20: भारत ने पिछले महीने जी20 शिखर सम्मेलन का कामयाब आयोजन किया है और भारत की सफलता की पूरी दुनिया ने सराहना की है। यूक्रेन विवाद के बीच, जब चीन अड़ंगा लगा रहा था, उस वक्त जी20 शिखर सम्मेलन का घोषणापत्र जारी होना एक वक्त नामुमकिन लग रहा था, लेकिन इसके बाद भी भारत, घोषणापत्र जारी करवाने में कामयाब रहा, जिसने पर्यवेक्षकों को हैरान कर दिया था।
और इस सम्मेलन को कामयाब बनाने में अमेरिका का काफी योगदान रहा था और भारतीय विदेश मंत्री ने इसके लिए अमेरिका को धन्यवाद दिया है। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर, जो अभी अमेरिका के दौरे पर हैं, उन्होंने कहा है, कि जी20 की सफलता, भारत की अकेले की कामयाबी नहीं है।

भारतीय विदेश मंत्री ने क्या कहा?
दिल्ली में जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत को अमेरिकी समर्थन पर, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा है, कि "विशेष रूप से, मुझे कहना होगा, क्योंकि मैं आज इस देश में हूं, जो योगदान, समर्थन और समझ हमें संयुक्त राज्य अमेरिका से मिली है, उसका नतीजा एक सफल जी 20 सम्मेलन है।"
भारतीय विदेश मंत्री ने कार्यक्रम में बोलते हुए आगे कहा, कि "मुझे लगता है, कि यह एक ऐसी चीज है जिसे मैं निश्चित रूप से वाशिंगटन में सार्वजनिक रूप से स्वीकार करना चाहूंगा। इसलिए यह शाब्दिक रूप से हमारी सफलता हो सकती है। लेकिन मुझे लगता है, मेरे लिए जी 20 की सफलता भारत-अमेरिका साझेदारी की एक सफलता थी। इसलिए एक बार फिर, आप सभी को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है।"
आपको बता दें, कि भारतीय विदेश मंत्री का ये बयान उस वक्त आया है, जब कनाडा विवाद के बीच माना जा रहा है, कि भारत और अमेरिका के बीच बन रहे मजबूर रिश्तों में थोड़ी तल्खी आ सकती है।
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, कि "भारत और अमेरिका के रिश्तों में मजबूती उम्मीदों से कही ज्यादा बढ़कर है।"
आपको बता दें, कि वॉशिंगटन डीसी में 'कलर्स ऑफ इंडिया' नाम का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर शिरकत कर रहे थे, जहां उन्होंने भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर कहा, कि दोनों देशों के बीच के रिश्ते आज के जमाने में बदल गये हैं और यही वजह है, कि अब दोनों देशों के बीच के रिश्ते को लेकर बात करने की जरूरत नहीं पड़ती है।
कार्यक्रम में बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, कि "भारत-अमेरिका संबंधों की कोई सीमा नहीं है, और आज, नई दिल्ली और वाशिंगटन एक-दूसरे को वांछनीय, इष्टतम, आरामदायक साझेदार के रूप में देखते हैं।"
विदेश मंत्री वाशिंगटन डीसी में इंडिया हाउस में 'कलर्स ऑफ फ्रेंडशिप' कार्यक्रम में भारतीय प्रवासी लोगों को संबोधित कर रहे थे। जयशंकर के सम्मान में सैकड़ों प्रवासी सदस्य अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू के आधिकारिक आवास के लॉन में एकत्र हुए और स्थानीय कलाकारों के प्रदर्शन को सुना और देखा।
कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा, ''मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि आपको क्या लगता है कि यह रिश्ता (भारत-अमेरिका) कहां जा रहा है...अब मेरे लिए आज, वास्तव में, इस पर कोई सीमा लगाना, इसे परिभाषित करना, यहां तक कि आवाज उठाना भी कठिन है।''
इस कार्यक्रम के दौरान बाइडेन प्रशासन के कई बड़े अधिकारी मौजूद थे।
जिनमें अमेरिकी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति, राज्य के उप सचिव रिचर्ड वर्मा, राष्ट्रपति बाइडेन की घरेलू नीति सलाहकार नीरा टंडन और व्हाइट हाउस कार्यालय के राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति के निदेशक डॉ राहुल गुप्ता रिसेप्शन का हिस्सा थे। इस कार्यक्रम में अमेरिकी सांसद श्री थानेदार और रिपब्लिकन पार्टी के सांसद रिक मैककॉर्मिक भी उपस्थित थे।












Click it and Unblock the Notifications