विदेश मंत्री Jaishankar Bilawal के दौरे पर अक्रामक, तीखे कटाक्ष में कहा- टॉपिक के अलावा सभी मुद्दों पर बात!
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के गोवा दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर ने तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, बिलावल ने एससीओ से जुड़े टॉपिक के अलावा सभी मुद्दों पर बात की।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी पर कटाक्ष किया। बिलावल के गोवा दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, एससीओ शिखर सम्मेलन को छोड़कर उन्होंने हर चीज के बारे में बात की। उन्होंने कहा, अगर हमारे पास कोई अच्छा मेहमान है तो भारत अच्छा मेजबान है।
जयशंकर ने मैसूरु में 'मोदी सरकार की विदेश नीति' पर एक इंटरैक्टिव सत्र के दौरान कहा, "उन्होंने (बिलावल भुट्टो) एससीओ बैठक के बारीक विवरण को छोड़कर, भारत सरकार की नीतियों, कश्मीर मुद्दे, बीबीसी डॉक्यूमेंट्री, जी 20 जैसे तमाम मुद्दों के बारे में बात की।"
उन्होंने कहा, "अगर हमारे पास एक अच्छा मेहमान है, तो मैं एक अच्छा मेजबान हूं।" जयशंकर ने चुटकी लेते हुए संकेत दिया कि बिलावल भुट्टो शायद उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।
जयशंकर ने आतंकवाद को समर्थन देने के लिए भी पाकिस्तान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, पाक न केवल "आतंकवाद संचालित करता है बल्कि ऐसा करने के अपने अधिकारों का दावा करता है।"
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के साथ हमेशा दुश्मनी में रहना हमारे हित में नहीं है, कोई भी ऐसा नहीं चाहता है... लेकिन कहीं न कहीं हमें लाइन खींचनी पड़ेगी। जयशंकर ने कहा, अगर भारत के शहरों और देश की सेना पर अटैक किया जाए तो उन्हें नहीं लगता कि संबंध हमेशा की तरह कायम रहेंगे।
भुट्टो ने भारत यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने जैसे मुद्दों पर बात की। जयशंकर ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री की आलोचना की। पाकिस्तानी समकक्ष पर करारा प्रहार करते हुए जयशंकर ने कहा, आतंकवाद उद्योग के ''प्रवर्तक, न्यायोचित और प्रवक्ता'' के रूप में बिलावल के रुख को शुक्रवार की एससीओ की बैठक में खारिज कर दिया गया।
आतंकवाद से निपटने पर बिलावल की टिप्पणियों पर, जयशंकर ने कहा कि इससे निपटने में पाकिस्तान की विश्वसनीयता उनके विदेशी मुद्रा भंडार से भी तेजी से घट रही है। गौरतलब है कि भारत-पाक संबंधों की तल्खी उस समय साफ दिखी थी जब गोवा में एससीओ शिखर सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बिलावल भुट्टो का अभिवादन तो किया लेकिन हाथ मिलाने से परहेज किया।

क्या आतंकवाद की समस्या से निपटने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत हो सकती है? इस सवाल पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, 'आतंकवाद के शिकार लोग आतंकवाद पर चर्चा करने के लिए आतंकवाद के अपराधियों के साथ नहीं बैठते हैं। जयशंकर ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा "था, है और हमेशा रहेगा।"
गोवा की एससीओ समिट के बाद कर्नाटक पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की स्वतंत्र विदेश नीति के लिए भारत की सराहना करने पर भी प्रतिक्रिया दी।
'अच्छे लोगों के साथ आप अच्छे होते हैं...'
उन्होंने कहा, ऐसे समय आते हैं जब अच्छे लोगों के साथ, आप अच्छे से पेश आते हैं। अड़ियल लोगों के साथ, कभी-कभी पीछे हटना भी जरूरी होता है। बकौल जयशंकर, "मैं यह कहूंगा क्योंकि यह पिछले साल का मेरा अनुभव रहा है।"
बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले साल लाहौर की एक रैली में, अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के लिए भारत की प्रशंसा करते हुए विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर की एक वीडियो क्लिप भी पाकिस्तान के लोगों को दिखाई थी।
इमरान ने कहा था, "भारत और पाकिस्तान को एक ही समय में आजादी मिली, अगर नई दिल्ली कड़ा रुख अपना सकती है और अपने लोगों की जरूरतों के अनुसार अपनी विदेश नीति बना सकती है तो वे (शहबाज शरीफ) ऐसा क्यों नहीं कर सकते।












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