फ्रांस में इजराइल के विरोध में बैंकों-दुकानों को लूटा, हजारों कारें जलाईं, सरकार ने लगाया प्रतिबंध

इजराइल-हमास संघर्ष ने फ्रांस में अशांति की लहर पैदा कर दी है। फ्रांस की सड़कों पर फिलिस्तीन के समर्थन में लोग उतर गए हैं। इस वजह से देश में यहूदी विरोधी कृत्यों और हिंसक विरोध प्रदर्शनों में तीव्र वृद्धि हुई है।

फ्रांस में यहूदी नागरिकों के खिलाफ हिंसा के बाद फ्रांसीसी आंतरिक मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने सभी फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।

Jail for supporting Palestine in France protest against Israel

गृह मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने गुरुवार को स्थानीय प्रशासन को यहूदी स्कूलों, प्रार्थनास्थलों और अन्य स्थानों के आसपास सुरक्षा को और मजबूत करने का भी निर्देश दिया है।

इस निर्देश में कहा गया है कि फिलिस्तीन के समर्थन में होने वाले प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए और जो लोग प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हैं उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हालांकि फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों पर प्रतिबंध से लोगों का गुस्सा भड़क गया है।

आपको बता दें फ्रांस सरकार ने यह प्रतिबंध कई हिंसक घटनाओं के बाद लगाया गया है, जिसमें हजारों कारों में आग लगाना और बैंकों और दुकानों पर हमले शामिल हैं। प्रतिबंध के बावजूद गुरुवार को हजारों प्रदर्शनकारी पेरिस, लिली, बोर्डो और अन्य शहरों में एकत्र हुए।

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फ्रांसीसी लोगों से एकता का आह्वान करते हुए अपील की है कि वे पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अपने देश पर नहीं पड़ने दें। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने लोगों से आंतरिक विभाजन को बढ़ावा न देने की अपील की।

उन्होंने एक वीडियो संबोधन में कहा, "एकता की ढाल हमें नफरत और ज्यादतियों से बचाएगी।"

इसके बावजूद, उन इलाकों में जहां पर कई अप्रवासी रहते हैं, विरोध का केंद्र बन गए हैं। इन विरोध प्रदर्शनों पर सरकार की कार्रवाई की आलोचना हुई है और दावा किया गया है कि यह शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का उल्लंघन है।

फिलिस्तीन समर्थक समूहों ने कहा कि प्रतिबंध से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खतरा है और उन्होंने फिलिस्तीनी लोगों के समर्थन में प्रदर्शन जारी रखा।

इसके बाद पेरिस की पुलिस ने फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर पानी की बौछारें डाली।

पुलिस ने इजराइल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 10 लोगों को भी गिरफ्तार किया है। शनिवार को इज़राइल पर हमास के हमले में लगभग 13 फ्रांसीसी नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की गई है।

राष्ट्रपति मैक्रॉन ने कहा कि 17 फ्रांसीसी नागरिक लापता हैं और संभवतः गाजा में हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों में से एक हैं। उन्होंने कहा- "फ्रांस उन्हें घर लाने के लिए इज़राइल और हमारे सहयोगियों के साथ मिलकर हर संभव प्रयास कर रहा है।" लापता लोगों में 4 बच्चे भी हैं।

आपको बता दें कि यूरोप में सबसे अधिक फ्रांस में ही यहूदी रहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक देश में लगभग 500,000 यहूदी लोग हैं। फ़्रांस का मुस्लिम समुदाय भी यूरोप के सबसे बड़े समुदाय में से एक है। फ्रांस में मुस्लिम की आबादी 5 लाख है जो कि यहूदी की आबादी के बराबर है।

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