मुस्लिमों के पवित्र अल अक्सा मस्जिद में घुसी इजरायली पुलिस, येरूशलम में भारी तनाव, हमास ने दी चेतावनी
जब यहूदी अपने धार्मिक स्थल पवित्र पहाड़ी की तरफ बढ़ रहे थे, तो फिलिस्तीनियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव काफी बढ़ गया
येरूशलम, मई 06: इजरायल और फिलिस्तीन के बीच लंबे समय से विवादित येरूशलम में एक बार फिर से विवाद काफी बढ़ चुका है और इजरायली पुलिस ने गुरुवार को फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए यरुशलम में में मुस्लिमों के पवित्र स्थल में प्रवेश किया है, जिसके बाद तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। वहीं, रमजान को देखते हुए यहूदियों की पवित्र को यात्रा को रोक दिया गया था, उसे रमजान खत्म होने के बाद फिर से शुरू कर दिया गया है। लेकिन, येरूशलम में जिस तरह से तनाव है, उसके खतरनाक होने की आशंका काफी बढ़ गई है।

अल-अक्सा मस्जिद परिसर में पुलिस
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए इजरायली पुलिस मुसलमानों की तीसरी सबसे पवित्र अल अक्सा मस्जिद परिस में घुस गई है, जहां पिछले कुछ महीनों के दौरान कई बार हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। अल अक्सा मस्जिद मुसलमानों के लिए तीसरा सबसे पवित्र स्थल है, जो एक पहाड़ी की चोटी पर बनाया गया है, जो यहूदियों के लिए सबसे पवित्र स्थल है और यहूदी इसे टेम्पल माउंट कहते हैं। यह इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष के भावनात्मक केंद्र में है। रिपोर्ट के मुताबिक, तनाव भड़कने की सबसे बड़ी वजह यहूदियों की यात्रा का शुरू होना है और जैसे ही यहूदियों की यात्रा शुरू हुई, ठीक वैसे ही सैकड़ों की संख्या में फिलिस्तीनी वहां जमा हो गये और 'अल्लाह-हू-अकबर' के नारे लगाने शुरू कर दिए।

पुलिस के साथ हाथापाई
रिपोर्ट के मुताबिक, जब यहूदी अपने धार्मिक स्थल पवित्र पहाड़ी की तरफ बढ़ रहे थे, तो फिलिस्तीनियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव काफी बढ़ गया और जब पुलिस तनाव भड़काने की कोशिश कर रहे एक शख्स को गिरफ्तार करने के लिए आई, तो फिर इजरायली पुलिस के साथ हाथापाई शुरू हो गई। मस्जिद के अंदर ही कुछ फ़िलिस्तीनियों के पनाह लेने के दौरान पुलिस ने विशाल इलाक़े में रबर की गोलियां चलाईं और फिर इजरायली पुलिस के जवान अल अक्शा मस्जिद के अंदर दाखिल हो गये। पुलिस ने कहा कि उन्होंने उकसाने और पथराव करने वाले दर्जनों लोगों को जवाब दिया है और एक पुलिस अधिकारी मामूली रूप से घायल हो गया। फ़िलिस्तीनी रेड क्रिसेंट आपातकालीन सेवा ने कहा कि, दो फ़िलिस्तीनी लोगों को डंडों से पीटे जाने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

फिलिस्तिनियों की तरफ से पत्थरबाजी
इजरायली पुलिस से पिटाई खाने के बाद कुछ फिलिस्तिनियों ने कहा है कि, उन्होंने पहले पत्थरबाजी नहीं की थी, लेकिन जब इजरायली पुलिस मस्जिद परिसर में दाखिल हो गई, तो उन्होंने पत्थर चलाने शुरू तक दिए। गवाहों ने अपनी सुरक्षा के लिए नाम नहीं छापने की शर्त पर इंडियन एक्सप्रेस को इसकी जानकारी दी है। वहीं, इस घटना के बाद इस्लामिक एंडॉमेंट ने कहा कि, इजरायली पुलिस ने लगभग 50 फिलिस्तीनियों को हिरासत में लिया है। इस ग्रुप ने कहा कि, लगभग 600 यहूदियों ने परिसर का दौरा किया। मध्याह्न तक स्थिति फिर से शांत हो गई। आपको बता दें कि, यथास्थिति के तहत यहूदियों को अपने पवित्र पहाड़ तक जाने की इजाजत तो है, लेकिन उन्हें वहां पर पूजा करने की अनुमति नहीं है। लेकिन, जब इजरायल के लोग अपने धार्मिक पहाड़ पर जाते हैं, तो फिलिस्तीन की तरफ से उन्हें परेशान किया जाता है।

इजरायल ने बढ़ा दी सुरक्षा
आपको बता दें कि, फिलिस्तिनियों की तरफ से काफी परेशान किए जाने के बाजद हाल के वर्षों में इजरायल ने रास्ते में काफी ज्यादा संख्या में पुलिसवालों को तैनात कर दिया है और अब धीरे धीरे इजरायल के तीर्थयात्री सावधानी के साथ पूजा भी करने लगे हैं, जिससे फिलिस्तीनियों के साथ-साथ पड़ोसी जॉर्डन, जो इस साइट का संरक्षक है, को नाराज कर दिया है। फिलिस्तीनियों को लंबे समय से डर था, कि इज़राइल अंततः साइट पर कब्जा करने या इसे विभाजित करने की योजना बना रहा है। जबकि, इजराइल का कहना है कि वह यथास्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस्लामिक आतंकवादी समूह हमास पर हालिया हिंसा को उकसाने का आरोप लगाता है। मुस्लिम पवित्र महीने रमजान और ईद-उल-फितर की छुट्टी के आखिरी 10 दिनों के लिए रुके रहने के बाद ज्यादातर राष्ट्रवादी और धार्मिक यहूदियों द्वारा यात्रा गुरुवार को फिर से शुरू हुई।

इजरायल में आतंकी हमला
वहीं, गुरुवार को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस में फिलिस्तीनी आतंकी संगठन की तरफ से भीषण आतंकी हमला किया गया, जिसमें तीन इजरायली लोग मारे गये हैं। वहीं, फिलिस्तीनी प्राधिकरण और इजराइल के बीच मुख्य संपर्क के रूप में कार्य करने वाले एक वरिष्ठ फिलिस्तीनी अधिकारी हुसैन अल-शेख ने इस सप्ताह की शुरुआत में ट्वीट किया था कि, इजरायलियों द्वारा झंडा उठाना, फिलिस्तीनी भावनाओं के लिए "अपमानजनक अवहेलना" दिखाएगा और "चरमपंथी नस्लवादी अभियानों की निरंतरता" को चिह्नित करेगा।

हमास ने दी चेतावनी
आपको बता दें कि, इससे पहले हमास ने बुधवार को चेतावनी दी थी, कि इजरायल "आग से खेल रहा है और इस क्षेत्र को एक ऐसी स्थिति में घसीट रहा है जिसके लिए कब्जे की पूरी जिम्मेदारी है।" पिछले साल अल-अक्सा और उसके आसपास संघर्षों ने इज़राइल और हमास के बीच 11 दिनों तक चलने वाले युद्ध को जन्म दिया था, जिसमें हमास के दर्जनों आतंकी मारे गये थे। आपको बता दें कि, अल अक्शा मस्जिद परिसर पुराने शहर में है, जिसमें यहूदियों, ईसाइयों और मुसलमानों के लिए पवित्र प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। ओल्ड सिटी पूर्वी यरुशलम का हिस्सा है, जिसे इज़राइल ने 1967 के युद्ध में वेस्ट बैंक और गाजा के साथ कब्जा कर लिया था। फिलीस्तीनी चाहते हैं कि तीनों क्षेत्र पर उनका राज्य हो और यहूदियों को उनके धार्मिक स्थल तक नहीं जाने दिया जाए। (सभी तस्वीर- फाइल)












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