गाजा पट्टी में खाने का इंतजार कर रहे लोगों पर इजराइल ने बरसाई गोलियां... 21 लोगों की मौत का दावा
Israel-Gaza Strip: गाजा पट्टी के अधिकारियों ने दावा किया है, कि इजरायली बलों ने गाजा शहर में मदद की उम्मीद में जुटे हजारों लोगों पर भीषण गोलीबारी कर दी है, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है।
अलजजीरा के मुताबिक, इजराइल ने उसी क्षेत्र में गोलीबारी की है, जिस क्षेत्र में पहले भी राहत की उम्मीद लगाए लोगों पर गोलीबारी की गई थी। गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार देर रात हुए हमले को नया और पहले से तय किया गया नरसंहार करार दिया है और कहा है, कि पहले की गोलीबारी में कम से कम 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।

आम लोगों पर गोलीबारी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हजारों की संख्या में लोग खाना और दूसरी जरूरी सामानों के लिए जुटे हुए थे और उस क्षेत्र में मानवीय सहायता का वितरन होने वाला था और उसी दौरान गोलीबारी की गई है। हमास ने आरोप लगाया है, कि गाजा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचने से इजराइल रोक रहा है और मानवीय सहायता को गंभीर रूप से कंट्रोल कर रहा है।
इससे पहले गुरुवार को, गाजा पट्टी के कुवैत राउंडअबाउट पर उसी खाद्य वितरण प्वाइंट पर, इजरायली बलों ने फायरिंग कर 6 फिलिस्तीनियों की हत्या कर दी थी, जहां ताजा गोलीबारी की गई। अलजजीरा ने दावा किया है, कि ऐसी गोलीबारी में मरने वाले लोगों की संख्या 400 से ज्यादा हो गई है। अलजजीरा ने चश्मदीदों के हवाले से दावा किया है, कि इजरायली सेना ने खाद्य ट्रकों पर इंतजार कर रहे हजारों लोगों को निशाना बनाने के लिए हेलीकॉप्टर, टैंक और ड्रोन का इस्तेमाल किया है।
हालांकि, इजरायली सेना ने इस बात से इनकार किया है, कि उसकी सेना ने भीड़ पर गोलीबारी की है।
अरबी मीडिया में सेना के प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कि "ऐसी खबरें कि (इजरायली सेना) ने गुरुवार शाम को मानवीय सहायता वितरण बिंदु पर दर्जनों गाजावासियों को निशाना बनाया, गलत हैं।"
एड्राई ने कहा, कि सेना "घटना के विवरण की जांच" कर रही है।

नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल की कम्युनिकेशन सलाहकार शाइना लो ने कहा, कि सहायता मागने वालों की लगातार हत्याएं, सहायता समूहों और इजरायली अधिकारियों के बीच कम्युनिकेशन में आई रूकावट की वजह से हो सकती है।
उन्होंने अल जज़ीरा को बताया, "मानवीय सहायता पहुंचाने वाली एजेंसियां जिस तरह से इजराइल के साथ राहत पहुंचाने से पहले संपर्क करती हैं, साफ तौर पर इसमें गंभीर कमी आई है, ये कम्युनिकेशन लाइन फेल हो गई हैं, इसीलिए ऐसी घटनाएं हो रही हैं और ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए, कि ये घटनाएं निशाना बनाकर की गईं हैं या नहीं?"
लो ने कहा, कि "यह कुछ ऐसा है, जिसे रोका जा सकता है और ऐसा नहीं होना चाहिए।"
अधिकार समूहों का कहना है, कि इजराइल, फिलिस्तीनियों के खिलाफ युद्ध के हथियार के रूप में भुखमरी का उपयोग कर रहा है। गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ इजराइली लड़ाई अब 6ठवें महीने में जा चुकी है और संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है, कि गाजा पट्टी की एक चौथाई आबादी, कम से कम 5 लाख 76 हजार से ज्यादा लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं और संयुक्त राष्ट्र ने मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए इजराइल पर दबाव बनाने की अपील की है।
पिछले महीने, इजरायली फोर्स ने गाजा शहर के दक्षिण-पश्चिम में तटीय अल-रशीद स्ट्रीट पर आटे के लिए संघर्ष कर रहे लोगों पर गोलीबारी कर दी थी, जिसमें 118 लोग मारे गये थे, जिसकी दुनिया भर में निंदा हुई। गाजा में हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को अपने लेटेस्ट अपडेट में कहा है, कि 7 अक्टूबर से इजरायली हमलों में कम से कम 31,341 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 73,134 घायल हुए हैं।












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