Khamenei Death: पाताल चीर कर घुसी मिसाइलें, चंद मिनटों में राख हुआ बंकर! खामेनेई के खौफनाक अंत का वीडियो जारी
Khamenei Death Video: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सामने आई एक खबर ने वैश्विक सुरक्षा हलकों में हलचल मचा दी है। इजरायल की वायुसेना द्वारा किए गए एक कथित सटीक एयर स्ट्राइक ने सीधे तेहरान के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले इलाके को निशाना बनाया। रिपोर्टों और वायरल फुटेज के मुताबिक यह हमला उस गुप्त बंकर पर किया गया, जिसे ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व से जुड़ा सबसे संरक्षित ठिकाना माना जाता था।
इस कार्रवाई ने न सिर्फ ईरान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र में सैन्य और कूटनीतिक तनाव को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।

Israel Iran War Video: 50 लड़ाकू विमानों का प्रचंड हवाई हमला
इजरायली वायुसेना ने इस मिशन के लिए अपने 50 अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की पूरी ताकत झोंक दी। तेहरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले 'लीडरशिप कॉम्प्लेक्स' को निशाना बनाते हुए इन विमानों ने 100 से ज्यादा सटीक बम बरसाए। हमला इतना विध्वंसक था कि जमीन के कई मीटर नीचे बना कंक्रीट का विशाल बंकर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। IDF ने इसे 'ईरानी आतंकी शासन के कमांड सेंटर का अंत' करार देते हुए स्पष्ट किया कि अब कोई भी सुरक्षित नहीं है।
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Khamenei Bunker Strike Footage: खामेनेई का 'पाताल वाला बंकर' हुआ जमींदोज
तेहरान की सड़कों के नीचे फैला यह बंकर किसी अभेद्य किले से कम नहीं था। इसमें वरिष्ठ अधिकारियों के बैठने के लिए विशेष कमरे और आपातकालीन युद्ध प्रबंधन के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद थीं। सेना के अनुसार, खामेनेई ने इस बंकर को युद्ध के दौरान अपनी सुरक्षा के लिए बनवाया था, लेकिन 28 फरवरी को हुए पहले हमले में मारे जाने के कारण वे इसका इस्तेमाल भी नहीं कर पाए।
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IDF Tehran Attack: यूनिट 8200 और 9900 का खुफिया कमाल
इस जटिल ऑपरेशन की सफलता के पीछे इजरायल की दो सबसे खतरनाक खुफिया इकाइयां यूनिट 8200 (साइबर और सिग्नल इंटेलिजेंस) और यूनिट 9900 (विजुअल इंटेलिजेंस) थीं। इन इकाइयों ने सालों की मेहनत से बंकर के प्रवेश द्वारों और उसके गुप्त रास्तों का नक्शा तैयार किया था। इसी सटीक जानकारी के आधार पर इजरायली विमानों ने घने शहरी इलाके के बीचों-बीच बने इस ठिकाने को निशाना बनाया।
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मौत के बाद भी बंकर का हो रहा था इस्तेमाल
IDF का दावा है कि 28 फरवरी को खामेनेई की मौत के बाद भी ईरानी शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनरल इस अंडरग्राउंड सेंटर का उपयोग कर रहे थे। यहीं से इजरायल के खिलाफ जवाबी हमलों की योजना बनाई जा रही थी। इस बंकर के तबाह होने से ईरान की 'कमांड एंड कंट्रोल' क्षमता को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है, जिससे युद्ध की दिशा पूरी तरह बदल सकती है।












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