Israel: बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ लाखों लोग सड़क पर उतरे, इजराइल में हो रहे प्रदर्शन की बड़ी बातें जानिए

Israel Protest: गाजा में हमास और अन्य फिलिस्तीनी समूहों की तरफ से बंधक बनाए गए छह लोगों के शव बरामद होने के बाद इजराइल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और आम हड़ताल शुरू हो गई है। इजराइल की सेना के मुताबिक, अक्टूबर से बंधक बनाए गए इन लोगों को इजरायली सैनिकों के पहुंचने से ठीक पहले मार दिया गया।

लोगों का गुस्सा मुख्य रूप से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर है, जिनकी बढ़ती मांगों को हमास केस साथ युद्ध विराम में बाधा के रूप में देखा जा रहा है। लोगों ने मानना शुरू कर दिया है, कि बेंजामिन नेतन्याहू राजनीतिक तौर पर खुद को अस्तित्व में बनाए रखने के लिए युद्धविराम नहीं होने दे रहे हैं।

Israel Protest

हमास ने 6 बंधकों के सिर में मारी गोली

इजरायल की सेना ने कहा है, कि इजराइली सैनिकों के पहुंचने से कुछ समय पहले ही हमास ने इन लोगों के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी, लेकिन लोगों का गुस्सा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके मंत्रिमंडल की उन बार-बार की गई नाकामियों पर टिक गया है, जो युद्ध विराम को अंतिम रूप देने में फेल साबित हुए हैं। लोग मान रहे हैं, कि अगर युद्धविराम पर समझौता हो गया होता, तो बंधकों कि सुरक्षित रिहाई हो सकती थी।

दूसरी तरफ, हमास ने बयान जारी करते हुए कहा है, कि अगर इजराइल ने युद्ध जारी रखा, तो सभी बंधकों के शव इजराइल पहुंचेंगे। हमास के बयान ने प्रदर्शन की आग में घी डालने का काम किया है।

इजराइली लोगों का प्रदर्शन कितना बड़ा है?

बहुत बड़ा!

रविवार शाम को करीब 300,000 लोग सड़कों पर उतर आए और रास्तों को ब्लॉक कर दिया। प्रदर्शनकारी, सरकार से गाजा में अभी भी बचे हुए बंधकों को बचाने के लिए अपनी कार्रवाई में बदलाव करने की मांग की। ऐसा माना जा रहा है, कि हमास के कब्जे में अभी भी करीब 100 इजराइली नागरिक हैं।

सोमवार को, इजराइल के सबसे बड़े ट्रेड यूनियन हिस्ताद्रुत, जो करीब 8 लाख श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करता है, उसने एक दिवसीय आम हड़ताल का आह्वान कर दिया और इजराइल पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है।

इस आह्वान को इजराइल के मुख्य निर्माताओं और उच्च तकनीक क्षेत्र के उद्यमियों का समर्थन हासिल था। जिसकी वजह से इजराइल की अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से कई घंटों तक बंद रहे, हालांकि बाद में लेबर कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों को दोपहर 2:30 बजे (11:30 GMT) काम पर लौटने का आदेश दिया।

हड़ताल में कौन कौन शामिल थे?

बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो कि इजराइल का मुख्य अंतरराष्ट्रीय प्रवेशद्वार है, वो सुबह 8 बजे (05:00 GMT) से हड़ताल खत्म होने तक बंद कर दिया गया। 2023 में, 21 मिलियन लोग एयरपोर्ट पर उतरे थे या वहां से उड़ान भरी थी।

इजराइल बिजनेस फोरम, जो देश की 200 सबसे बड़ी कंपनियों के निजी क्षेत्र के ज्यादातर श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करता है, वो भी इस हड़ताल में शामिल था, साथ ही इजराइल के तकनीकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां भी हड़ताल में शामिल हुईं, जैसे कि विक्स, फाइवर, हनीबुक, प्लेटिका, रिस्किफाइड, एप्सफ्लायर, मंडे.कॉम, एआई21 लैब्स और लेमोनेड।

इजराइल के निर्माता संघ ने सरकार पर बंदियों को जीवित वापस लाने के अपने "नैतिक कर्तव्य" में नाकाम होने का आरोप लगाया, और इजराइल बार एसोसिएशन के डायरेक्टर अमित बेचर ने "सभी वकीलों से हड़ताल पर जाने" का आह्वान किया था।

हड़ताल के अलावा, गाजा में बंदियों के परिवारों के साथ सहयोग करने वाले इजराइली कार्यकर्ताओं ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की योजना की घोषणा की। ये कार्रवाइयां सरकार द्वारा स्थिति से निपटने और नागरिकों के जीवन पर इसके प्रभाव से बढ़ती निराशा को दर्शाती हैं।

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विरोध प्रदर्शनों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं क्या हैं?

इजराइल में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर राजनीतिक प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। विपक्षी नेता यायर लैपिड ने हड़ताल का समर्थन किया था और कथित कुप्रबंधन के लिए नेतन्याहू के प्रशासन की आलोचना की है। दूसरी ओर, दक्षिणपंथी गुट के वित्त मंत्री बेज़ेलेल स्मोट्रिच ने हड़ताल को समाप्त करने का आह्वान करते हुए राजकोष को निर्देश दिया, कि हड़ताल में भाग लेने वालों को वेतन न दिया जाए।

रविवार को करीब 300,000 लोग सड़कों पर उतरे और मांग की कि सरकार शेष बंदियों को बचाने के लिए अपना रवैया बदले। यह भारी भीड़ तत्काल कार्रवाई और समाधान की जनता की मांग को रेखांकित करती है।

नेतन्याहू सरकार ने हमास को "कड़ा" जवाब देने का वादा किया है।

इजराइली विपक्षी नेता यायर लैपिड, जिन्होंने सरकार से समझौता करने का आह्वान किया है, उन्होंने हड़ताल का समर्थन किया है। उन्होंने नेतन्याहू प्रशासन पर देश को "सबसे बड़ी अराजकता" में धकेलने का आरोप लगाया है और तर्क दिया है कि सरकार द्वारा कुप्रबंधन के सामने जनता "अविश्वसनीय नियंत्रण" दिखा रही है।

नेतन्याहू के लिए युद्धविराम करना कितना मुश्किल है?

नेतन्याहू सरकार ने हमास को "कड़ा" जवाब देने की कसम खाई है, लेकिन युद्ध विराम वार्ता में कई बाधाएं हैं। मुख्य बाधाओं में नेतन्याहू की सख्त मांगें और फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करने से संबंधित शर्तें शामिल हैं। इन अड़चनों ने एक समझौते पर पहुंचना मुश्किल बना दिया है। हमास ज्यादा से ज्यादा अपने नेताओं को इजराइली जेल से रिहा करवाना चाहता है, और बेंजामिन नेतन्याहू इसके खिलाफ हैं।

लेकिन, चल रहे संघर्ष और समाधान की कमी की वजह से इजराइल में काफी अशांति फैल गई है। लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है, जिसको लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है, कि ये गुस्सा प्रधानमंत्री की कुर्सी पर भारी पड़ सकतै है। ये प्रदर्शन इजराइल के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ को उजागर करती हैं क्योंकि वह आंतरिक असंतोष और बाहरी खतरों से निपट रहा है। इन विरोध प्रदर्शनों और हड़तालों के परिणाम गाजा में संघर्ष समाधान किस तरह मुड़ेगा, ये कहना अनिश्चित हो गया है।

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