Israel Palestine: इजरायल पर फिलिस्तीनियों की मदद को लेकर क्या जिम्मेदारी? UN ने ICJ से मांगी राय
Israel Palestine: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक बड़ा कदम उठाते हुए फिलिस्तीनियों को सहायता प्रदान करने में इजरायल की जिम्मेदारी को लेकर विश्व न्यायालय (ICJ) से राय मांगी है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब गाजा और पश्चिमी तट पर इजरायल की नीतियों के कारण फिलिस्तीनी शरणार्थियों को मदद पहुंचाने में कई रुकावटें आ रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 137 ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, जबकि इजरायल, अमेरिका और 10 अन्य देशों ने इसके खिलाफ मतदान किया। 22 देशों ने वोटिंग से दूरी बनाई। इस प्रस्ताव का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत फिलिस्तीनियों की सहायता सुनिश्चित करने की क्या जिम्मेदारी है?

इजरायल पर क्या हैं आरोप?
गाजा और पश्चिमी तट को संयुक्त राष्ट्र ने इजरायल द्वारा कब्जा किया हुआ क्षेत्र माना है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत, किसी भी कब्जा करने वाली ताकत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जरूरतमंद लोगों को भोजन, दवाएं, और अन्य जरूरी चीजें मिलें। लेकिन इजरायल पर आरोप है कि उसने गाजा में संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के कार्यों को बाधित किया है।
UNRWA के साथ इजरायल का तनाव
संयुक्त राष्ट्र की फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी (UNRWA) को लेकर इजरायल का रुख शुरू से ही सख्त रहा है। इजरायल का कहना है कि UNRWA के कुछ कर्मचारी हमास जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र ने माना कि UNRWA के 9 कर्मचारी हमास के हमलों में शामिल हो सकते हैं, जिनमें से कुछ को बर्खास्त कर दिया गया है।
गाजा में गंभीर हालात
संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों का कहना है कि गाजा में मानवीय संकट तेजी से बढ़ रहा है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि उत्तरी गाजा में भूखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, इजरायल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसने गाजा में बड़ी मात्रा में सहायता पहुंचाई है, लेकिन हमास इस सहायता को कब्जा कर लेता है।
आईसीजे से राय क्यों?
विश्व न्यायालय (आईसीजे) की राय कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होती, लेकिन यह राजनीतिक और नैतिक दृष्टि से बहुत प्रभावशाली हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि इजरायल को फिलिस्तीनियों की मदद के लिए किस हद तक जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
आगे की राह क्या?
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आईसीजे क्या राय देता है और इसका वैश्विक स्तर पर क्या प्रभाव पड़ता है। इजरायल ने फिलिस्तीनियों को मदद पहुंचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ काम करने की इच्छा जताई है, लेकिन UNRWA की भूमिका को सीमित करना चाहता है।
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