संयुक्त राष्ट्र की भी मानने को तैयार नहीं इजरायल, तेज की कार्रवाई

2012 के बाद से सबसे भीषण खूनी संघर्ष माने जा रहे इस अभियान में 170 से अधिक फिलीस्तीनी मारे जा चुके हैं। जिनमें एक ही परिवार के 18 लोग शामिल हैं।
जबकि रविवार को जमीनी कार्रवाई शुरू करने से पहले इजरायली विमानों ने पर्चों के जरीए उत्तरी गाजा पट्टी के निवासियों को अभियान का दायरा बढ़ाने से पहले जगह खाली करने की धमकी दी । जिसके बाद हजारों की संख्या में फिलीस्तीनी अपने घर छोड़कर अन्य ठिकानों की ओर चले गए।
संयुक्त राष्ट्र ने जाहिर की चिंता
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने भी इजरायल और गाजा के बीच हो रही इस खूनी संघर्ष पर चिंता जाहिर की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान-की-मून ने कहा कि यह संघर्ष इजरायल और फिलीस्तीनी दोनों ओर के नागरिकों के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है। यहां तक की संयुक्त राष्ट्र की तरफ से युद्धविराम के लिए भी कहा गया, लेकिन इजरायल की ओर से इस संबध में कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली।
युद्धविराम की मांग को नजरअंदाज कर इजरायल उत्तरी गाजा के साथ अपनी सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है। इजरायल ने विशेष प्रशिक्षित कंमाडों की मदद से गाजा के उस इमारत में लगातार बमबारी की, जहां से कई रॉकेटों को इजरायल की ओर छोड़े गए थे।
फिसीस्तीनी शरणार्थियों की संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के प्रवक्ता क्रिस गुनेस ने एक बयान में कहा कि करीब 17,000 लोगों ने अपने घरों को छोड़कर एजेंसी के प्रतिष्ठानों में शरण ली है।












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