Israel Attack On Iran: परमाणु हथियार या खामनेई के साम्राज्य का अंत? इजरायल के इस हमले के पीछे क्या है वजह?
Israel Attack On Iran: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है। इजरायल ने ईरान पर हमला बोल दिया है। शनिवार (28 फरवरी, 2026) को शुरू हुए इस बढ़ते सैन्य संघर्ष की वजह से दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। दोनों देशों के बीच सीधे हमले का मुख्य कारण इजरायल का यह मानना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता हैं। अमेरिका और इजरायल के मिलकर किए इस हमले के पीछे की कहानी काफी उलझी हुई और लंबी है।
हमले के पीछे सबसे बड़ा कारण ईरान के परमाणु हथियार बनाने की आशंका है। इजरायली रक्षा मंत्री ने 28 फरवरी को घोषणा की कि उन्होंने ईरान पर 'निवारक हमला' किया है, ताकि उसे परमाणु बम विकसित करने से रोका जा सके। इसी बीच अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान के अपने यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) कार्यक्रम रोकने की पुष्टि नहीं की है। इस वजह से भी तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।

Israel Attack On Iran: परमाणु हथियार ही नहीं कई और वजह
- हालिया हमले की एक वजह ईरान का लंबी दूरी तक मार करने वाले बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम है। इजरायल इसे अपने लिए सीधा खतरा मानता है और इन मिसाइल साइटों को निशाना बनाना चाहता है ताकि ईरान जवाबी हमले में सक्षम न रहे।
- इसके अलावा, क्षेत्रीय प्रभुत्व की जंग और प्रॉक्सी युद्ध है। दशकों से दोनों देशों के बीच छिपी लड़ाई चल रही थी, जिसमें ईरान पर हमास और हिज्बुल्लाह जैसे गुटों को हथियार और वित्त सहायता देने का आरोप है। इजरायल सीरिया में ईरानी सैन्य उपस्थिति को भी अपने सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।
- जून 2025 में दोनों देशों के बीच 12 दिन का हवाई युद्ध (Twelve-Day War) भी हुआ था, जिसने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया था। कूटनीतिक प्रयास विफल रहे और कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका, जिससे मामला और बिगड़ा।
Khamenei की सत्ता खत्म करने की भी चुनौती
अमेरिका और इजरायल दोनों ही खामनेई को सबसे बड़ा दुश्मन मानते हैं। दूसरी ओर बुजुर्ग और बीमार चल रहे खामनेई भी अक्सर अमेरिका और इजरायल को सबक सिखाने की बात करते हैं। पिछले कुछ समय में ईरान के अंदर ही खामनेई के विरोध में भारी प्रदर्शन हुए हैं। युवाओं और महिलाओं का बड़ा वर्ग खुलकर खामनेई और ईरानी सत्ता के सामने खड़ा है। ईरान पर हमले की एक वजह यह भी मानी जा रही है कि नेतन्याहू और ट्रंप खामनेई की साम्राज्य को अब सिरे से खत्म करने की तैयारी में हैं।
इजरायल के हमले के बााद तनाव चरम पर
तेहरान में भारी धमाके सुने गए हैं और कई मिसाइलें यूनिवर्सिटी स्ट्रीट तथा जम्हूरी इलाकों में गिरी हैं। इजरायल ने पूरे देश में आपातकाल घोषित कर दिया है और संभावित जवाबी हमलों के मद्देनज़र नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। संघर्ष आगे कैसे बढ़ेगा, इस पर वैश्विक नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह सिर्फ मध्य पूर्व का ही मुद्दा नहीं रहा - यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को भी प्रभावित कर सकता है।












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