विदेशों में नौकरी दिलाने का झांसा, फर्जी एप्वाइंटमेंट लेटर... ISIS के नये 'इंडिया मॉड्यूल' का खुलासा
ISIS India Module Reveal: इंटरनेशनल टेरेरिस्ट ऑर्गेनाइजेशन आईएसआईएस के नये इंडिया मॉड्यूल का खुलासा हुआ है और भारतीय सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों का कहना है, कि इस्लामिक स्टेट ने स्पष्ट रूप से ईरान से आकर्षक नौकरियों की पेशकश की आड़ में, गरीब भारतीय युवाओं को भर्ती करना शुरू कर दिया है और पूरे ऑपरेशन को वास्तविकता का आवरण देने के लिए, फर्जी एप्वाइंटमेंट लेटर जारी कर रहा है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा, कि "ऐसे मामले कम से कम 14 राज्यों में देखे गए हैं।" उन्होंने कहा, कि युवाओं को विदेश ले जाने का आईएसआईएस का रास्ता भारत में पोरबंदर बंदरगाह से शुरू होता है, जहां से उन्हें अफगानिस्तान भेजे जाने से पहले ईरान ले जाया जाता है।

ISIS का नया 'इंडिया मॉड्यूल'
जांचकर्ताओं के मुताबिक, आतंकवादी भर्तियों के अलावा, देश के कुछ हिस्सों में आईएसआईएस का ऑपरेशन इस हद तक फैल गया है, कि आईएसआआएस के एक मॉड्यूल ने ग्रामीण ठाणे के पडघा गांव को "मुक्त क्षेत्र" और "अल शाम" के रूप में घोषित कर दिया है।
ISIS मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात, यूपी, झारखंड, गोवा, बिहार, पंजाब, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड सहित 14 राज्यों में अपना आधार स्थापित करने में कामयाब हो चुका है।
कोयंबटूर विस्फोट, कर्नाटक में कुकर विस्फोट और मध्य प्रदेश के पांच युवाओं को अफगानिस्तान भेजने का प्रयास इन आईएसआईएस मॉड्यूल की गतिविधियों का हिस्सा है।
जांच से पता चला है, कि आईएसआईएस के संचालक, गरीब परिवारों के युवाओं को निशाना बनाने और उन्हें इस्लाम में परिवर्तित होने के लिए मजबूर करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं। युवाओं को हथियारों के इस्तेमाल में प्रशिक्षित किया जाता है और पूरे समय आतंक का सामना करने के लिए तैयार किया जाता है।
एनआईए ने जुलाई 2023 में गुजरात से आईएसआईएस ऑपरेटिव उबैद नासिर मीर और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। ये पांचों आईएसकेपी मॉड्यूल से जुड़े थे। कर्नाटक कुकर विस्फोट का आरोपी मोहम्मद शरीफ, जबलपुर मॉड्यूल का नेता मंसूर अली, पुणे मॉड्यूल का इमरान उर्फ मटका एजेंसी द्वारा छापे के दौरान गिरफ्तार किए गए कुछ आईएसआईएस गुर्गों में से हैं।

ISIS का भारत में खतरनाक मकसद
अधिकारियों ने कहा है, कि आईएसआईएस देश के सांप्रदायिक सद्भाव और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बिगाड़ना चाहता है। आतंकी समूह के मंसूबों को नाकाम करने के लिए एनआईए ने हाल ही में 44 स्थानों पर छापेमारी की और 15 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
एनआईए की टीमों ने महाराष्ट्र के पडघा-बोरीवली, ठाणे, मीरा रोड और पुणे और कर्नाटक के बेंगलुरु में स्थानों पर छापेमारी की और आतंक और आतंक से संबंधित कृत्यों और प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 15 आरोपियों को पकड़ा है।
इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के खतरनाक मंसूबों को काउंटर करने के एनआईए के चल रहे प्रयासों के तहत की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में बेहिसाब नकदी, आग्नेयास्त्र, तेज धार वाले हथियार, आपत्तिजनक दस्तावेज, स्मार्टफोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। आतंक के हिंसक कृत्यों को अंजाम देना और निर्दोष लोगों की जान लेना इनका मकसद होता है।
एनआईए की जांच के अनुसार, आरोपी, अपने विदेशी आकाओं के निर्देशों पर काम करते हुए, आईएसआईएस के हिंसक और विनाशकारी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आईईडी के निर्माण सहित विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे।

एनआईए की जांच से पता चला है, कि आरोपी, आईएसआईएस महाराष्ट्र मॉड्यूल के सभी सदस्य, पडघाबोरीवली से काम कर रहे थे, जहां उन्होंने पूरे भारत में आतंक फैलाने और हिंसा की घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रची थी। आरोपियों ने हिंसक जिहाद, खिलाफत, आईएसआईएस आदि का रास्ता अपनाते हुए देश की शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का लक्ष्य रखा था।
मुख्य आरोपी और आईएसआईएस मॉड्यूल का नेता और प्रमुख साकिब नाचन, प्रतिबंधित संगठन में शामिल होने वाले व्यक्तियों को "बायथ" (आईएसआईएस के खलीफा के प्रति निष्ठा की शपथ) भी दिला रहा था। हालांकि, एनआईएन ने बड़े पैमाने पर इनके खिलाफ ऑपरेशन चलाना शुरू कर दिया है और ऐसी संभावना है, कि आने वाले दिनों में भारी संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारियां होने वाली है।












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