Iran-Israel War: इजराइल के जवाबी हमले का ईरान में पसरा खौफ, डिप्लोमेसी से तबाही टाल पाएंगे खामेनेई?
In response to Israel's missile attack, Iran intensifies diplomatic efforts with Middle Eastern nations to mitigate potential retaliation. The rising tensions pose significant risks to regional stability.
Iran-Israel War: सीएनएन ने परिचित सूत्रों ने हवाले से बताया है, कि ईरान की सरकार बेहद घबराई हुई है और मध्य पूर्व के देशों के साथ तत्काल कूटनीतिक प्रयास कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके, कि क्या वे इस महीने की शुरुआत में इजराइल पर किए गए मिसाइल हमले के जवाब में इजराइल की प्रतिक्रिया के पैमाने को कम कर सकते हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान इस महीने की शुरुआत में तेहरान की तरफ से किए गए मिसाइल हमले के बाद इजराइल की संभावित जवाबी कार्रवाई की तीव्रता को कम करने के लिए मध्य पूर्व के देशों के साथ कूटनीतिक रास्ते तलाश रहा है।

ईरान में खौफ का माहौल है!
ईरान के लिए प्राथमिक चिंता इजराइल की तरफ से उसके परमाणु और तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का खतरा है, जो इस क्षेत्र में ईरान के प्रमुख सहयोगी हिज्बुल्लाह की घटती ताकत से बढ़ गया है। यह कमजोरी इजराइल की हालिया सैन्य गतिविधियों के परिणामस्वरूप हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका मध्यस्थता कर रहा है और इजराइल से ईरानी संपत्तियों पर हमला करने से परहेज करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह कर रहा है, कि कोई भी जवाबी कार्रवाई सोच-समझकर दायरे में की जाए। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजराइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत में इन विचारों को स्पष्ट किया है।
संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर जैसे खाड़ी देशों के रुख से कूटनीतिक हालात काफी जटिल हो गया है। ये देश, ईरान की तेल सुविधाओं पर हमलों के परिणामस्वरूप होने वाले आर्थिक नुकसान और पर्यावरणीय क्षति के बारे में चिंतित हैं। ज्यादा डर इस बात को लेकर है, कि ईरान और इजराइल के बीच तनाव बढ़ने से एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संघर्ष शुरू हो सकता है, जिसमें संभवतः संयुक्त राज्य अमेरिका भी शामिल हो सकता है।

हालांकि, अभी तक के हालातों से पता चलता है, कि इजराइल पर अमेरिका का प्रभाव काफी कम हो रहा है, क्योंकि इजराइल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ शुरू किए गये जमीनी सैन्य अभियान में भी अमेरिका से सलाह मशविरा नहीं किया और ही इजराइल ने अमेरिका के बार बार कहने के बाद भी, गाजा पट्टी में अपने हमले कम किए हैं।
बाइडेन प्रशासन इस बात से बहुत चिंतित है, कि ईरान और इजराइल के बीच चल रहे प्रतिशोधात्मक हमले, जो इस साल की शुरुआत में तब शुरू हुए थे, जब इजराइल ने दमिश्क में ईरान के वाणिज्य दूतावास की इमारत पर हमला किया था, वो एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसमें अमेरिका भी शामिल हो सकता है।
दूसरी ओर, इज़राइल ने अभी तक अपनी प्रतिक्रिया रणनीति को अंतिम रूप नहीं दिया है। अमेरिका और इजराइली नजरियों से देखने की कोशिश करने के बाद भी, अपनी योजनाओं के बारे में इजराइल की पारदर्शिता के बारे में संदेह बना हुआ है। इजराइल के ट्रैक रिकॉर्ड में ईरान के परमाणु स्थलों पर हमलों की योजना बनाना और उनका अनुकरण करना, ईरानी परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या में संदिग्ध संलिप्तता और तेहरान के परमाणु संचालन पर साइबर हमले शुरू करना शामिल है।
रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने ईरान को कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें एक शक्तिशाली और अप्रत्याशित प्रतिक्रिया की कसम खाई है। इसके विपरीत, खाड़ी देश तटस्थता की वकालत कर रहे हैं, ईरान पर हमले के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी दे रहे हैं। इसी तरह जॉर्डन ने किसी भी अनधिकृत गतिविधियों के खिलाफ अपने हवाई क्षेत्र की रक्षा करने का इरादा जताया है।

अमेरिका के मुताबिक, ईरान इजराइल के साथ पूर्ण पैमाने पर संघर्ष में शामिल होने से डर रहा है, क्योंकि इससे उसकी पहले से ही बर्बाद आर्थिक स्थिति और भी ज्यादा बर्बाद हो जाएगी और देश में खाने के लाले पड़ सकते हैं और ये ईरान की कट्टर इस्लामिक सरकार को भी जड़ से उखाड़ सकता है। हालांकि, अमेरिका ने तेहरान को चेतावनी दी है, कि वह इजराइल के किसी भी आक्रमण पर अपनी प्रतिक्रिया में सावधानी बरते।
ईरान ने सऊदी अरब से संपर्क किया है, ताकि हमले को रोका जा सके और वाशिंगटन के साथ राजनयिक समाधान के लिए सऊदी प्रभाव का उपयोग किया जा सके।
तनाव बढ़ने के साथ ही, यह समय इजराइल के योम किप्पुर के उत्सव के साथ मेल खाता है, जिससे संभावित रूप से किसी भी तत्काल कार्रवाई को स्थगित किया जा सकता है। तनाव से भरी स्थिति के साथ, वैश्विक ध्यान इजराइल के अगले कदम पर है, और इजराइली हमले को रोकने के लिए काफी तेज स्तर पर डिप्लोमेटिक कोशिशें जारी हैं, लेकिन क्या इजराइल रूकेगा, कहना मुश्किल है।
एक इजरायली अधिकारी ने शुक्रवार को सीएनएन को बताया, कि इजराइल के सुरक्षा मंत्रिमंडल ने अभी तक इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया है, कि आगे कैसे बढ़ना है। लेकिन, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है, इजराइल का जवाबी हमला काफी खतरनाक हो सकता है, जिससे ईरान में काफी तबाही फैल सकती है।












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