Iran Earthquake: ईरान में युद्ध के बीच कांपी धरती, बंदर अब्बास में 4.1 तीव्रता का भूकंप
Iran Earthquake Today: विदेशी हमलों और युद्ध की विभीषिका झेल रहे ईरान के लिए शनिवार की सुबह दोहरी मुसीबत लेकर आई। एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में सैन्य संघर्ष के कारण धुआं उठ रहा है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण ईरान की धरती शक्तिशाली भूकंप के झटकों से कांप उठी।
ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर 'बंदर अब्बास' के पास शनिवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब ईरान पहले से ही अमेरिका और इजरायल के साथ जारी सैन्य संघर्ष के कारण संकट में है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बम धमाकों और अब प्राकृतिक आपदा के डर ने क्षेत्र में भारी दहशत पैदा कर दी है।

Bandar Abbas Earthquake Magnitude 4.1: कितनी रही भूकंप की तीव्रता
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, शनिवार सुबह आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र बंदर अब्बास शहर से लगभग 74 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था। जमीन के भीतर इसकी गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की गई। इतनी कम गहराई पर आने वाले भूकंप काफी खतरनाक माने जाते हैं क्योंकि इनका प्रभाव सतह पर अधिक महसूस होता है।
Gerash Earthquake Fars Province: ईरान को मिला दूसरा झटका
यह भूकंप उस समय दर्ज किया गया जब ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य महत्वपूर्ण शहर अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान के तहत किए जा रहे हवाई हमलों का सामना कर रहे हैं। समाचार एजेंसी AP की रिपोर्ट के अनुसार, एक तरफ जहां आसमान में हमलों के कारण धुएं के गुबार दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शनिवार की सुबह लोगों ने जमीन में कंपन महसूस किया।
हालांकि, अभी तक भूकंप के कारण किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। ईरान में पिछले कुछ दिनों से भूगर्भीय हलचल तेज हो गई है। शनिवार से पहले इसी मंगलवार को भी देश के दक्षिणी हिस्से में भूकंप आया था। दक्षिणी ईरान के फार्स प्रांत के गेराश (Gerash) इलाके में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। मंगलवार को आए भूकंप की गहराई भी जमीन से 10 किलोमीटर (6.21 मील) नीचे थी।
भूकंप के लिहाज से कितनी संवेदनशील है ईरान की भौगोलिक
ईरान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप संभावित देशों में से एक है क्योंकि यह कई प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन स्थल (Fault Lines) पर स्थित है। बंदर अब्बास ईरान का एक रणनीतिक बंदरगाह है। यहां आने वाले झटके न केवल रिहायशी इलाकों बल्कि औद्योगिक और सैन्य प्रतिष्ठानों के लिए भी चिंता का विषय हैं। वर्तमान में ईरान एक साथ कई मोर्चों पर लड़ रहा है।
सैन्य हमलों ने पहले ही संचार और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है, और अब लगातार आ रहे भूकंप राहत कार्यों में बाधा डाल सकते हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि कहीं इन झटकों का संबंध हालिया भारी बमबारी से तो नहीं है, हालांकि विशेषज्ञों ने इसे प्राकृतिक भूगर्भीय प्रक्रिया बताया है।
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