श्रीलंका की बदहाली दूर करने आगे आया IMF, मिलेंगे 2.9 अरब डॉलर, रखी ये शर्त
आजादी के बाद से सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) आगे आया है। IMF प्रारंभिक समझौते के तहत श्रीलंका को 2.9 अरब डॉलर का कर्ज देने के लिए राजी हो गया है।
कोलंबो, 01 सिंतबरः आजादी के बाद से अपने सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) आगे आया है। IMF प्रारंभिक समझौते के तहत श्रीलंका को 2.9 अरब डॉलर का कर्ज देने के लिए राजी हो गया है। IMF ने एक बयान में कहा, 'आईएमएफ और श्रीलंका के अधिकारी संकटग्रस्त देश की आर्थिक नीतियों को समर्थन देने की खातिर कर्मचारी स्तर के समझौते पर सहमत हुए हैं।

48 महीने में मिलेंगे 2.9 अरब डॉलर
आईएमएफ के द्वारा समझौते के तहत विस्तारित कोष सुविधा (EFF) में 48 महीने की अवधि के दौरान 2.9 अरब डॉलर दिए जाएंगे।' इसमें कहा गया कि इस मदद का उद्देश्य श्रीलंका में व्यापक आर्थिक स्थिरता और ऋण वहनीयता को बहाल करना है और इसके साथ-साथ वित्तीय स्थिरता की रक्षा करना भी है। IMF के बयान में कहा गया है कि दुनिया में सबसे कम राजस्व स्तरों में से एक से शुरू होकर ये कर्ज कार्यक्रम प्रमुख कर सुधारों को लागू करेगा। इन सुधारों में व्यक्तिगत आयकर को और अधिक प्रगतिशील बनाना और कॉर्पोरेट आयकर और वैट के लिए कर आधार को व्यापक बनाना शामिल है।

IMF ने दिया बयान
यह समझौता IMF प्रबंधन और उसके कार्यकारी बोर्ड द्वारा अनुमोदन के अधीन है और पहले से सहमत उपायों के बाद श्रीलंकाई अधिकारियों पर निर्भर है। IMF को श्रीलंका के अधिकारियों से वित्तीय आश्वासन प्राप्त करने की भी आवश्यक्ता है। IMF के बयान में कहा गया है कि श्रीलंका के लेनदारों से ऋण राहत और बहुपक्षीय भागीदारों से अतिरिक्त वित्तपोषण की आवश्यक्ता होगी ताकि ऋण स्थिरता सुनिश्चित करने और वित्तपोषण अंतराल को बंद करने में मदद मिल सके।

30 अरब डॉलर कर्ज का पुनर्गठन करने की जरूरत
श्रीलंका को करीब 30 अरब डॉलर के कर्ज का पुनर्गठन करने की जरूरत है। जापान ने भारत और चीन सहित अन्य मुख्य लेनदारों के संग बातचीत का नेतृत्व करने की पेशकश की है। श्रीलंका को अंतर्राष्ट्रीय बैंकों और परिसंपत्ति प्रबंधकों के साथ एक सौदा करने की भी आवश्यकता होगी, जो इसके 19 अरब डॉलर मूल्य के अधिकांश सॉवरेन बॉन्ड को रखे हुए हैं, जिन्हें अब डिफॉल्ट बता दिया गया है।

सबसे बुरे आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका
आर्थिक मदद देने से पहले आईएमएफ ने श्रीलंका को कई सुधारात्मक कदम उठाने को कहा था। उसने ऋण वहनीयता सुनिश्चित करने और वित्तीय खाई को पाटने में मदद देने के लिए बहुपक्षीय साझेदारों से अतिरिक्त आर्थिक मदद करने और श्रीलंका के कर्जदाताओं से कर्ज राहत देने का आह्वान भी किया था। 1948 में ब्रिटेन से आजादी के बाद से अपने सबसे खराब आर्थिक संकट से बचने के लिए कर्ज में डूबा देश आईएमएफ से 3 बिलियन डॉलर तक की मांग कर रहा था।












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