चीन ने LAC पर बिछाया 5G नेटवर्क का जाल, अब Indian Army दिखाएगी भारत का दम
नई दिल्ली, 26 जुलाईः चीन द्वारा एलओसी के पास 5G नेटवर्क शुरू करने के बाद भारत ने भी लद्दाख सीमा पर 4G और 5G आधारित मोबाइल सेलुलर नेटवर्क का उपयोग करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए भारतीय सेना ने ओपन रिक्वेस्ट फॉर इंफॉर्मेशन (RFI) जारी किया है। इसमें कंपनियों से ऐसे दुर्गम इलाके में तैनात फील्ड फॉर्मेशन तकनीक मुहैया कराने के लिए बोलियां मांगी गई हैं।

चीन ने सीमा पर लगाया 5G नेटवर्क
चीन द्वारा बीते दिनों एलएसी सीमा के पास कम्यूनिकेशन सिस्टम बेहतर करने और 5G टावर लगाने की खबरें आयी थी। इसके बाद भारत भी हरकत में आया है और 18 हजार फीट तक की ऊंचाई वाले इस पहाड़ी इलाकों में बेहतर स्पीड कनेक्शन लगाने पर काम कर रहा है। बेहतर कम्यूनिकेशन सिस्टम लग जाने के बाद इन इलाकों में स्पष्ट संदेश और डेटा सेवाएं की सुविधा आसान हो जाएगी। सेना अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाने के 12 महीने के भीतर निष्पादन सहित नेटवर्क की डिलीवरी पर विचार कर रही है। 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव के तुरंत बाद चीनियों द्वारा की गई पहली निर्माण गतिविधियों में से एक सुचारू संचार लिंक सुनिश्चित करने के लिए अपनी तरफ फाइबर-ऑप्टिक केबल बिछाना था। इसी योजना के तहत चीन ने यहां 5G नेटवर्क स्थापित किया है।
RFI में सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि सेवा वैश्विक स्वीकृत मानकों के अनुकूल होनी चाहिए। इसके साथ ही इसकी गोपनीयता भी विश्वसनीय होनी चाहिए। फिलहाल सेना को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मोबाइल संचार संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। रक्षा और सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने कहा कि जहां एक सुरक्षित रेडियो फ्रीक्वेंसी सैटेलाइट मोड के साथ उपलब्ध है, वहीं 4G और 5G नेटवर्क समय की जरूरत है क्योंकि इससे तेजी से संचार और डेटा ट्रांसफर में मदद मिलेगी।












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