अमेरिका में H-1B वीजा फ्रॉड में फंसा भारतीय मूल का व्यापारी, 28 महीनों की हुई सजा
वॉशिंगटन। अमेरिका के वर्जीनिया में भारतीय मूल का एक व्यापारी एच-1बी वीजा की जालसाजी में फंसा गया है। व्यापारी राजू कोसूरी पर अमेरिका में शेल कंपनियों के लिए करीब एक हजार विदेशी श्रमिकों के वीजा धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। इस आरोप में दोषी पाए जाने के बाद भारतीय व्यापारी को अमेरिका में 28 महीनों की सजा काटनी होगी और उसके बाद उसे भारत भेज दिया जाएगा। इसके अलावा उनकी पत्नी और अमेरिका में जन्मे उनके एक बेटे को अमेरिकी सरकार वापस भारत भेज रही है।

वर्जीनिया की फेडरल कोर्ट ने कहा है कि एच-1बी प्रोग्राम कोसूरी ने कई विदेशी वर्कर्स को वीजा अप्लाई करवाया और उन्हें में धोखे में रखा। कोर्ट के अनुसार, कोसूरी ने एच-1बी प्रोग्राम के तहत 2 करोड़ रुपये का भी निवेश किया है। कोर्ट के अनुसार उसने करीब 800 से ज्यादा अवैध आव्रजन लाभों के लिए फर्जी आवेदन किया था। कोसूरी को इन इमिग्रेंट्स की कंपनी से बदले में पैसे मिलते थे।
कोसूरी की वजह से उनके परिवार को भी इसका खामियाजा भूगतना पड़ा है। कोसूरी ने अपनी पत्नी को भी फर्जी तरीके से अमेरिका में एंट्री करवाई थी। इसके लिए फेडरल कोर्ट ने उसकी पत्नी को भी दोषी ठहराया है उनसे अमेरिकी नागरिकता छीन ली गई। बता दें कि कोसूरी की पत्नी भी इस फर्जी काम मे सहयोग देती थी।
अमेरिका में जब से डोनाल्ड ट्रंप की सरकार आई है, तभी से एच-1बी प्रोग्राम को बदलने को कोशिश की जा रही है। हाल ही में ट्रम्प प्रशासन ओबामा-युग के उस नियम को रद्द करने पर विचार किया था, जो एच-1बी वीजा धारकों की पत्नी या अन्य किसी सहायक के साथ कार्य करने की अनुमति प्रदान करता है।












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