कनाडा में प्रदर्शन के बीच मुसीबत में फंसे भारतीय छात्र, 3 संस्थान बंद होने के बाद भारत की एडवाइजरी
भारतीय उच्चायोग ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि, वो कनाडा की संघीय सरकार, क्यूबेक प्रांत की सरकार के साथ-साथ प्रभावित छात्रों के साथ संपर्क हैं।
ओटावा, फरवरी 19: कनाडा की राजधानी ओटावा में ट्रक ड्राइवर्स के प्रदर्शन के बीच तीन संस्थान बंद होने के बाद भारतीय छात्र संकट में फंस गये हैं। ट्रक ड्राइवर्स के प्रदर्शन को देखते हुए राइजिंग फीनिक्स इंटरनेशनल इंक ने अपने तीन संस्थानों को बंद करने का फैसला लिया है और इस बाबत नोटिस जारी किया है, जिसके बाद छात्र बड़ी मुसीबत में फंस गये हैं और इसे देखते हुए भारतीय उच्चायोग ने एडवाइजरी जारी की है।

भारतीय छात्रों के लिए एडवाइजरी
कनाडा स्थिति भारतीय उच्चायोग ने प्रभावित और परेशान छात्रों से संपर्क करने के बाद एडवाइजरी जारी की है, जो राइजिंग फीनिक्स इंटरनेशनल इंक द्वारा संचालित तीन संस्थानों में पढ़ रहे थे। ये छात्र, एम कॉलेज एच मॉन्ट्रियल, शेरब्रुक में सीईडी कॉलेज और लॉन्ग्यूइल में सीसीएसक्यू कॉलेज के छात्र हैं और ये तीनों कॉलेज कनाडा के क्यूबेक प्रांत में है। सरकार की एडवाइजरी में कहा गया है कि, तीनों संस्थानों के बंद होने के बाद भारतीय छात्र प्रभावित हुए हैं।
प्रांतीय सरकार से बातचीत
भारतीय उच्चायोग ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि, वो कनाडा की संघीय सरकार, क्यूबेक प्रांत की सरकार के साथ-साथ प्रभावित छात्रों के साथ संपर्क हैं। खासकर प्रभावित छात्रों को सहायता प्रदान करने और इस मुद्दे के समाधान के लिए भारतीय समुदाय के निर्वाचित कनाडाई प्रतिनिधियों के साथ बातचीत चल रही है।
भारतीय उच्चायोग ने कहा कि, अगर छात्रों को अपनी फीस को वापस लेने में या फीस ट्रांसफर होने में कोई कठिनाई होती है, तो वे क्यूबेक सरकार के उच्च शिक्षा मंत्रालय के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वहीं, क्यूबेक प्रांत की सरकार ने कहा है कि, प्रभावित छात्र सीधे उस संस्थान से संपर्क करें, जहां उन्होंने रजिस्ट्रेशन कर रखा है और अगर उन्हें अपनी फीस की वापसी या फीस के ट्रांसफर में कोई कठिनाई मिलती है, तो वे उच्च मंत्रालय के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

संस्थान की सही जानकारी लेने की सलाह
भारतीय छात्रों के लिए जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि, ''कनाडा में उच्च अध्ययन की योजना बनाने वाले भारत के छात्रों को फिर से सलाह दी जाती है, कि वे ऐसे संस्थानों में फीस भरने से पहले संस्थान की साख और उसकी स्थिति की पूरी तरह से जांच कर लें, जहां वे एडमिशन लेना चाहते हैं।'' एडवाइजरी में कहा गया है कि, ''कृपया कनाडा/प्रांतीय सरकार द्वारा मान्यता का प्रमाण पत्र संस्थान से मांगें। संस्थान और वेरिफाई चयनित संस्थान को कनाडा सरकार की वेबसाइट पर प्रकाशित नामित शिक्षण संस्थानों की सूची में शामिल किया गया है या जोड़ा गया है, इसे जांच लें''। इसके साथ ही एडवाइजरी में भारतीय छात्रोौं को अपने नजदीकी भारतीय मिशन या फिर 'मदद पोर्टल' पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा गया है।

जनवरी से चल रहा है आंदोलन
आपको बता दें कि, पूरे कनाडा में विरोध की लहर जनवरी में शुरू हुई थी, जिसमें हजारों ट्रक चालक और सैकड़ों अन्य प्रदर्शनकारी प्रदर्शन कर रहे हैं। ये प्रदर्शनकारी वैक्सीन जनादेश के खिलाफ सड़कों पर बैठे हुए हैं और अब ये प्रदर्शन काफी व्यापक हो चला है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है, कि कनाडा सरकार वैक्सीन अनिवार्यता खत्म करे। विरोध तब से सरकार विरोधी प्रदर्शन में विकसित हुआ है, जिसमें विभिन्न समूहों ने प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो के विरोध में एकजुट होकर सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया है।












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