थार के मरुस्थल में पाकिस्तान की सीमा पर जाकर इंडियन आर्मी ने किया युद्धाभ्यास
जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर थार मरुस्थल में भारत-पाकिस्तान सीमा पर भारतीय सेना ने 'हमेशा विजयी' नामक सैन्य अभ्यास किया। इस मिलिट्री एक्सरसाइज का उद्देश्य दुश्मन की क्षमताओं को आंकने था, जिसमें इंडियन आर्मी और एयर फॉर्स ने भाग लिया। इस युद्धाभ्यास में आर्मी चीफ जनरल बिपीन रावत भी मौजूद थे। यह युद्धाभ्यास सेना की दक्षिणी कमान द्वारा आयोजित किया गया था।

दुश्मन के बारे में सूचना प्राप्त करना
सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष ओझा ने बताया कि इस युद्धाभ्यास के दौरान निगरानी और नेटवर्क को केन्द्र बनाकर भूमि और हवाई आधारित निगरानी उपकरण लगाए गए ताकि उनसे सूचना प्राप्त करके कंमाडरो को बड़े पैमाने पर जानकारी दी जा सके। इसके अलावा कई इलेक्ट्रोनिक युद्ध उपकरण और अन्य फोर्स मल्टीप्लायर्स तकनीक में शामिल किए गए हैं जिससे विरोधी के बारे में सूचना प्राप्त कर शीघ्र कार्रवाई की जा सके।

सेना के दक्षिणी कमान ने आयोजित किया था युद्धाभ्यास
दक्षिणी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी आर सोनी ने कहा कि अभ्यास का उद्देश्य युद्ध की योजनाओं को प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण अवधारणाओं को मान्य किया गया। दक्षिण कमान की सेना के कौशल पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आवश्यकता पडऩे पर दक्षिणी कमान अपने साहस का परिचय देगा।

हथियारों चलाने का अभ्यास
इसके बाद, युद्ध की तैयारी के लिए एक मिडियम और लंबी दूरी के हथियार, साथ ही एयरबोर्न और हेलिबॉर्न बलों और हवाई प्लेटफार्मों के पूरे स्पेक्ट्रम का उपयोग किया गया। इस युद्धाभ्यास में सेना ने कई प्रकार के बड़े टैंकों और अन्य प्रकार के बख्तरबंद वाहनों के साथ व्यापक फायरपॉवर हथियारों को चलाने का अभ्यास किया गया।












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