बोस्टन में रह रहे भारतीय अमेरिकी अयादुराई अगले साल लड़ेंगे सीनेट का चुनाव
बोस्टन में बसे भारतीय अमेरिकी बिजनेसमैन वीए शिव अयादुराई अगले वर्ष अमेरिकी सीनेट चुनावों में आजमाएंगे अपनी किस्मत। डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रभावशाली सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन के खिलाफ होंगे मैदान में।
बोस्टन। बोस्टन में बसे प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकी बिजनेसमैन, वीए शिव अयादुराई डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर और आजाद ख्यालों के लिए जाने वाले एलिजाबेथ वॉरेन के खिलाफ मैदान में उतरेंगे। वह अमेरिकी राज्य मैसाच्यूसेट्स से वॉरेन के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।

एमआईटी चार डिग्रियां
अयादुराई प्रतिष्ठित मैसाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के पूर्व छात्र रहे हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने ही ई-मेल का अविष्कार किया था। पिछले माह ही उन्होंने सीनेट के चुनावों में अपनी किस्मत आजमाने और वॉरेन को हराकर 'अमेरिकी सपनों की रक्षा' करने का औपचारिक ऐलान किया है। उन्होंने खुद को असली योद्धा, आविष्कारक और पूरी तरह से अमेरिकी-भारतीय करार दिया है। उन्होंने कहा, 'अपने सांतवें जन्मदिन वर्ष 1970 में मैंने भारत छोड़ दिया और फिर मैं अमेरिका आ गया और यहां पर आकर मुझे कई महान अवसर मिले। जब मैं बच्चा था तो मैंने अपने माता-पिता, टीचर्स, कोच और दोस्तों से सीखा कि जो बात सबसे ज्यादा अहम है वह है सच। इसका पता लगाने और इसके लिए लड़ना चाहिए। यही अमेरिकी सपनों की आधारशिला है और मेरी पूरी जिंदगी सच के लिए लड़ने में ही बीती है।'
जीत सकते हैं अयादुराई
अयादुराई वर्तमान समय में साइटोसॉल्व के सीईओ और चेयरमैन हैं। उनके पास एमआईटी की चार डिग्रियां हैं और वह ब्रिटबार्ट न्यूज के लिए कॉन्ट्रीब्यूटर भी हैं जो अमेरिकी न्यूज, ओपिनियन और कमेंट्री की वेबसाइट है। हालांकि मैसाच्यूसेट्स एक डेमोक्रेटिक दबदबे वाला राज्य है, फिर भी राजनीति के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि वह वॉरेन के खिलाफ रेस जीत सकते हैं। वॉरेन मैसाच्यूसेट्स से काफी लोकप्रिय सीनेटर हैं। अयादुराई का जन्म मुंबई में हुआ था और वह 70 के दशक में अपने माता-पिता के साथ अमेरिका आ गए थे। उनका दावा है कि ई-मेल का आविष्कार उन्होंने ही किया था। उन्होंने बताया था कि वर्ष 1970 में वह न्यू जर्सी हाई स्कूल में थे जब उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मेल सॉफ्टवेयर तैयार किया था। इसे उन्होंने सॉफ्टवेयर ई-मेल नाम दिया था। वर्ष 2009 में उन्हें कांउसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च ने सीएसआईआर टेक को क्रिएट करने के लिए अप्वाइंट किया था। इसका मकसद देश की सार्वजनिक लैबोरेट्रीज के लिए रिसर्च के जरिए बिजनेस तैयार करना था। बाद में उनके जॉब ऑफर को वापस ले लिया गया था।
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