रक्षा से AI तक: दिल्ली में UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद का दौरा, 5 समझौते और 7 रणनीतिक फैसले
India-UAE Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता की। पीएम मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के बीच दिल्ली में हुई द्विपक्षीय वार्ता को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने "छोटा, लेकिन बेहद ठोस" दौरा बताया। इस हाई लेवल मीटिंग में दोनों देशों ने भविष्य में साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

अंतरिक्ष सहयोग: लॉन्च से लेकर सैटेलाइट तक
अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत और यूएई ने दो नई लॉन्च सुविधाओं और उपग्रह निर्माण के लिए संयुक्त पहल पर सहमति जताई। यह सहयोग दोनों देशों को वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में मजबूत भागीदार बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
ऊर्जा सुरक्षा: LNG आपूर्ति से भरोसे की मजबूती
ऊर्जा सुरक्षा के तहत यूएई भारत को सालाना 0.5 मिलियन मेट्रिक टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति करेगा। इसके साथ ही यूएई, भारत का दूसरा सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता बन जाएगा, जिससे दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों को स्थिरता मिलेगी।
तकनीक और निवेश: AI, डेटा सेंटर और सुपर कंप्यूटिंग
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को द्विपक्षीय सहयोग का प्राथमिकता वाला क्षेत्र घोषित किया गया। भारत में डेटा सेंटर और सुपर कंप्यूटिंग क्लस्टर की स्थापना, साथ ही 'डेटा एंबेसी' के निर्माण पर काम करने पर सहमति बनी। यूएई गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र में भी सहयोग करेगा।
खाद्य सुरक्षा: किसानों को लाभ, साझेदारी को बल
खाद्य सुरक्षा पर हुए समझौता ज्ञापन (MoU) से भारतीय किसानों को नए अवसर मिलेंगे, वहीं यूएई की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। यह समझौता कृषि आपूर्ति श्रृंखला को अधिक टिकाऊ बनाने पर केंद्रित है।
आतंकवाद पर सख्त संदेश
दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की प्रतिबद्धता दोहराई। नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग पर भी विचार करने का निर्णय लिया गया।
सांस्कृतिक और जनसंपर्क पहल
अबू धाबी में लगभग 4.5 मिलियन भारतीयों के लिए 'हाउस ऑफ इंडिया' की स्थापना होगी, जो साझा विरासत और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बनेगा।
निर्यात को प्रोत्साहन, युवाओं को सहयोग
इसके अलावा पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार साझा करते हुए दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि का समर्थन किया। साथ ही पश्चिम एशिया और अफ्रीका में निर्यात प्रोत्साहन, युवाओं के आदान-प्रदान और कौशल सहयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।












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