भारत-पाकिस्तान में फिर शुरू होगा कारोबार? शहबाज सरकार का बड़ा फैसला, क्या होगा असर

इमरान खान ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के चलते इस पद को खत्म कर दिया था। खान ने कहा था कि जब तक कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल नहीं कर दी जाती भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते कायम नहीं किए जाएंगे।

नई दिल्ली, 11 मई : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत के साथ दोबारा व्यापार शुरू कर सकते हैं। खबर के मुताबिक मंगलवार को पाकिस्तान के संघीय कैबिनेट की बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया है। बता दें कि वर्तमान में पाकिस्तान घोर आर्थिक चुनौतियों की दौर से गुजर रहा है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शहबाज शरीफ के हाथ में एक ऐसा देश छोड़ गए हैं जहां उन्हें महंगाई और और लचर अर्थव्यवस्था से जूझना पड़ेगा।

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ट्रेड रिलेशन मजबूत करने की कोशिश
पाकिस्तान में उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए नए पीएम शहबाज शरीफ भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूत करना चाहते हैं। पाकिस्तान में आर्थिक के साथ-साथ कई अन्य तमाम चुनौतियां हैं जिनसे शहबाज शरीफ को फिलहाल मुकाबला करना है। दूसरी तरफ मीडिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है कि शहबाज शरीफ बहुत जल्द लंदन जाकर अपने बड़े भाई नवाज शरीफ से मुलाकात कर सकते हैं।

अनुच्छेद 370 के बाद भारत-पाक संबंध
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने के बाद पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को खत्म कर दिया था। अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद पाकिस्तान ने अपने उच्चायुक्त को वापस बुला लिया। वहीं समझौता एक्सप्रेस को भी स्थायी तौर पर बंद कर दिया। पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार को दोबारा शुरू करने के लिए कमर जमान को नया व्यापार मंत्री नियुक्त किया है।

उच्चायोग में कई पद खाली
खबरों की माने तो इससे पहले पाकिस्तान के एक व्यवसायी ने भी भारत के व्यापारिक संबंधों की बहाली पर जोर दिया था और कहा था कि देश में महंगाई को कम करने का यही एक तरीका मात्र बचा है। जानकारी के लिए बताते चले कि, भारत ने 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाई थी, इसके बाद से नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में व्यापार मंत्री व कई अहम पद खाली हैं।

ट्रे़ड ऑफिसर की नियुक्ति
उच्चायोग में खाली पदों को देखते हुए पाक पीएम ने दिल्ली में व्यापार मंत्री की नियुक्ति की मंजूरी दे दी है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के एक व्यसायी ने भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने पर जोर डाला था। उनका मानना है कि पाकिस्तान में महंगाई कम करने का बस यही एक तरीका है। जानकारी के मुताबिक संघीय कैबिनेट की बैठक में 16 से अधिक ट्रेड ऑफिसरों की नियुक्ति भी की गई है।

370 के चलते भारत के साथ व्यापार के खिलाफ थे इमरान
गौरतलब है कि इमरान खान ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के चलते इस पद को खत्म कर दिया था। खान ने कहा था कि जब तक कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल नहीं कर दी जाती भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते कायम नहीं किए जाएंगे। उन्होंने घोषणा की थी कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा घोषित विवादित क्षेत्र की विशेष स्थिति को समाप्त करने के लिए 5 अगस्त 2019 को की गई कार्रवाई को उलटने तक भारत के साथ कोई व्यापार नहीं होगा।

200 फीसद तक बढ़ी थी कस्टम ड्यूटी
बता दें कि, साल 2019 से ही भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार कम हो गया है। उसी साल जनवरी में कश्मीर के पुलवामा हमले में 40 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद पाकिस्तान से व्यापार पर कस्टम ड्यूटी को 200 फीसदी तक बढ़ा दिया गया था। इसका गहरा असर दोनों देशों के व्यापार पर पड़ा।

पाक को उठाना पड़ा नुकसान
भारत ने अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया जिसके जवाब में पाकिस्तान ने भारत से व्यापारिक रिश्तों को खत्म कर दिया। इससे आने वाले समय में पाकिस्तान को काफी नुकसान उठाना पड़ा। देश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई। वर्तमान प्रधानमंत्री इमरान खान की जिद्द की वजह से इसका खामियाजा पाकिस्तान को उठाना पड़ा।

क्या हुआ था असर, आगे क्या फर्क पड़ेगा
अगर भारत पाकिस्तान के बीच फिर से व्यापारिक संबंध मजबूत होते हैं तो इससे पाकिस्तान खराब अर्थव्यवस्था से उबरने में मदद मिलेगी। कपड़ा और चीनी उद्योग जो काफी समय से प्रभावित थी वह पटरी पर आ जाएगी। वहीं, भारत में ड्राई फ्रूट्स, सीमेंट का बाजार को गति मिलेगी। बता दें कि, दोनों देशों की बीच व्यापारिक प्रतिबंध से पाकिस्तान का कपड़ा और चीनी उद्योग काफी प्रभावित हुआ। दूसरी तरफ भारत की बात करें तो सीमेंट, छुहारे, सेंधा व अन्य ड्राई फ्रूट्स के बाजार पर इसका असर पड़ा। हालांकि, पाकिस्तान को भारत की तुलना में ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान का कपड़ा उद्योग कच्चे माल के लिए भारत पर निर्भर है और प्रतिबंध लगने से पाकिस्तान इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

वीजा पॉलिसी आसान बनने से व्यापार में सुगमता
भारत और पाकिस्तान के बीच कम व्यापार होने का एक कारण हाई टैरिफ, जटिल वीजा नीति और व्यापार की मुश्किल प्रक्रिया भी है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर भारत और पाकिस्तान व्यापार प्रक्रिया को आसान बनाते हैं, टैरिफ को कम करते हैं और वीजा नीति को आसान बनाते हैं तो दोनों का व्यापार 2 अरब डॉलर से बढ़कर 37 अरब डॉलर का हो सकता है।

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