गलवान में भारतीय सेना के साथ झड़प में चीन ने खोया अपना एक कमांडिंग अफसर
नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में 15 जून की रात भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुए हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। हालांकि उस दौरान ऐसी रिपोर्टें आई थी कि चीन के भी सैनिक मारे गए हैं लेकिन इस पर चीनी विदेश मंत्रालय की तरफ से कुछ पुष्टि नहीं की गई थी। इस हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच आज सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत हुई। इस बैठक के दौरान चीन ने माना कि गलवान ने उन्होंने अपना एक कमांडिंग अफसर खोया है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इस बैठक के दौरान चीन ने इस बात को माना कि 15 जून को गलवान में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुए हिंसक झड़प में उनका एक सैन्य ऑफिसर मारा गया। रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने मारे गए सैनिकों की संपष्ट संख्या के बारे में खुलकर जानकारी नहीं दी है। वहीं चीनी मीडिया ने भी झड़प में मारे गए सैनिकों के बारे में कबूला है।
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चीन के सरकारी अखबार ने स्वीकार किया सच
चीनी राज्य संचालित मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने गलवान घाटी पर सोमवार को एक बाद एक कई ट्वीट किए। चीनी मीडिया ने पीएलए सैनिक के मारे जाने की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि अगर चीन ने नंबर जारी किया तो भारत सरकार फिर से दबाव में आ जाएगी। चीन ने आरोप लगाया है कि भारतीय अधिकारी गलत जानकारी दे रहे हैं, उनका यह दावा गलत है कि गलवान घाटी संघर्ष में चीन ने भारत से अधिक सैनिकों को खोया है।
The reason why China did not release casualties number is that China also wants to avoid an escalation. If China releases the number which is less than 20, the Indian govt would again come under pressure: observer https://t.co/ik664PrYLU
— Global Times (@globaltimesnews) June 22, 2020
संख्या ना बताने के पीछे बताई ये वजह
ग्लोबल टाइम्स ने अपने ट्वीट में लिखा, 'भारतीय अधिकारी कट्टरपंथियों को संतुष्ट करने के लिए चीन के हताहतों का अनुमान लगाकर राष्ट्रवादियों को शांत करना चाहते हैं, जैसे कि अटकलें लगाई जा रही हैं कि चीन ने भारत से अधिक सैनिकों को खो दिया।' ट्वीट में ग्लोबल टाइम्स ने एक विश्लेषक के हवाले से कहा कि चीन ने हताहतों की संख्या जारी नहीं करने का कारण यह है कि चीन भी बढ़ोतरी से बचना चाहता है। यदि चीन 20 से कम की संख्या जारी करता है, तो भारतीय सरकार फिर से दबाव में आ जाएगी।

मोल्डो में कोर कमांडर स्तर की वार्ता बेनतीजा
बता दें कि भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन की तरफ मोल्डो में हुई कोर कमांडर स्तर की वार्ता बेनतीजा खत्म हो गई है। सूत्रों की मानें तो चीन गलवान घाटी और फिंगर 4 से पीछे हटने को तैयार नहीं है। कहा जा रहा है कि वार्ता में जो उम्मीद की गई थी, वह उसके विपरीत रही है। हालांकि अभी तक इस वार्ता का पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कहा जा रहा है कि भारत भी इस बात पर अड़ा है कि वह पीछे नहीं हटेगा और उसने चीन को स्पष्ट कर दिया है कि चीनी सेना को पीछे हटना ही पड़ेगा।
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