hafiz saeed: भारत ने पाकिस्तान को आतंकी हाफिज सईद को सौंपने के लिए कहा, मुकदमा चलाने के लिए लिखा पत्र
पाकिस्तान में अगले साल 8 फरवरी को आम चुनाव होने जा रहे हैं। हाफिज सईद का बेटा तल्हा सईद पाकिस्तान में चुनाव लड़ने जा रहा है। ऐसे में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को लेकर भारत ने आधिकारिक तौर पर बयान दिया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत सरकार ने आतंकवादी हाफिज सईद को देश लाने के लिए पाकिस्तान से आधिकारिक तौर पर निवेदन किया है। उन्होंने कहा कि हाफिज सईद को लेकर भारत लगातार पाकिस्तान से शिकायत भी कर रहा है।

प्रवक्ता बागची ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हाफिज सईद भारत में कई बड़े मामलों में वांछित हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी उसे आतंकवादी घोषित किया है। इसलिए, हमने पाकिस्तान सरकार को एक आधिकारिक पत्र और जरूरी दस्तावेजों के साथ भेजा है, ताकि सईद को भारत लाकर उस पर मुकदमा चलाया जा सके।
बागची ने कहा कि हाफिज सईद पर पहले से ही कई आरोप हैं और हम इसकी लगातार पाकिस्तान सरकार से शिकायत कर रहे हैं। इस संबंध में उचित दस्तावेज भी पाकिस्तान को सौंपे गए हैं। बागची ने कहा पाकिस्तान को यह अनुरोध कुछ हफ्ते पहले किया है। बता दें कि पिछले दिनों पाकिस्तान के अखबार इस्लामाबाद पोस्ट ने हाफिज सईद के प्रत्यर्पण से जुड़ी एक खबर चलाई थी जिसके बाद भारत सरकार ने इसका जवाब दिया है।
अरिंदम बागची ने कहा कि हम किसी अन्य देश की चुनावी प्रक्रिया पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि, चुनावों में चरमपंथी और कटट्पंथी तत्वों की भागीदारी पाकिस्तान में कोई नई बात नहीं है। इस तरह के घटनाक्रमों के हमारे क्षेत्र की सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ते हैं।
पूर्व नौसैनिकों की सजा मामले पर क्या बोले
कतर की अदालत द्वारा भारतीय नौसेना के 8 पूर्व कर्मियों की मौत की सजा को माफ किए जाने पर प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी सजाएं कम कर दी गई हैं, लेकिन (अदालत का) विस्तृत फैसला देखने तक उनके पास साझा करने के लिए कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं है। बागची ने कहा, भारतीयों और उनके परिवार के सदस्यों का हित हमारी सबसे बड़ी चिंता है। हम निश्चित रूप से कानूनी टीम और परिवार के सदस्यों के साथ अगले संभावित कदमों पर भी चर्चा करेंगे।
फ्रांस में 4 दिनों तक भारतीय यात्रियों को लेकर खड़े रहे विमान को लेकर भी बागची ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'पेरिस के पास तकनीकी ठहराव के दौरान इसे उड़ान भरने से रोक दिया गया था। फिलहाल अभी भी कुछ भारतीय वहां ठहरे हैं, जिनकी सटीक संख्या मेरे पास नहीं है। उन्हें फ्रांसिसी अधिकारियों द्वारा स्थानीय कानूनों के अनुसार निपटाया जा रहा है। अगर उन्हें हमसे किसी मदद की जरूरत है, तो हम राजनयिक सहायता प्रदान करेंगे।'












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