Imran Khan: इमरान खान और उनकी पत्नी को 14 साल जेल की सजा, सीक्रेट दस्तावेज के बाद तोशाखाना मामले में फैसला
Imran Khan, wife Bushra sentenced to 14 years: पाकिस्तान के जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, तोशाखाना मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 14 साल की 'कठोर सजा' सुनाई गई है।
पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश मुहम्मद बशीर ने फैसले की घोषणा करते हुए पूर्व प्रधान मंत्री को 10 साल के लिए चुनाव लड़ने से भी अयोग्य घोषित कर दिया है, जबकि दंपति पर 1.573 अरब रुपये का जुर्माना लगाया है।

आपको बता दें, कि पिछले महीने, पाकिस्तान की नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो ने (एनएबी) ने सऊदी क्राउन प्रिंस से प्राप्त एक आभूषण सेट को कम मूल्यांकन के बावजूद अपने पास रखने के लिए जवाबदेही अदालत में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ एक नया मामला दायर किया था।
यह फैसला 8 फरवरी के आम चुनाव से आठ दिन पहले आया है, जिसे पीटीआई राज्य की सख्ती के बीच और बिना किसी चुनाव चिह्न के लड़ रही है।
इमरान खान को कल ही सरकारी सीक्रेट लीक करने के मामले में उनके सहयोगी शाह महमूद कुरैशी के साथ 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी और अब उन्हें 14 साल की और सजा सुनाई गई है। यानि, अब इमरान खान को 24 साल जेल में रहना होगा।
तोशाखाना मामला क्या है?
तोशेखान (तोशखाना) का अर्थ सरकारी खजाना है और ये विभाग कैबिनेट डिवीजन के प्रशासनिक शाखा के नियंत्रण में आता है। भारत और पाकिस्तान में नेताओं के अलावा सरकारी पदों पर तैनात तमाम बड़े अधिकारियों को विदेशों से मिलने वाले किसी भी उपहार को सरकारी खजाने में जमा कराना होता है।
तोशाखान नियमों के मुताबिक, जिन लोगों पर ये नियम लागू होते हैं, उन्हें मिलने वाले उपहारों की जानकारी कैबिनेट डिवीजन को दिया जाना जरूरी है। और इमरान खान पर आरोप हैं, कि उन्होंने किसी भी नियम का पालन नहीं किया।
इमरान खान साल 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद वे अलग-अलग देशों की यात्रा पर गए। यूरोप और अरब देशों की यात्रा करने के दौरान उन्हें कई कीमती उपहार मिले थे।
इमरान खान को कल ही सरकारी सीक्रेट लीक करने के मामले में उनके सहयोगी शाह महमूद कुरैशी के साथ 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी और अब उन्हें 14 साल की और सजा सुनाई गई है। यानि, अब इमरान खान को 24 साल जेल में रहना होगा।
अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो के न्यायाधीश मोहम्मद बशीर ने रावलपिंडी की अदियाला जेल में सुनवाई की, जहां पूर्व प्रधानमंत्री कैद हैं।
दोनों को 10 साल तक किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने से रोक दिया गया है और 787 मिलियन रुपये का जुर्माना लगाया गया। बुशरा बीबी आज कोर्ट में पेश नहीं हुईं थीं। और अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा और फिर जेल भेज दिया जाएगा।
न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष के गवाहों से क्रॉस एग्जामिनेशन का अधिकार पहले ही ब्लॉक कर दिया था और इमरान और उसकी पत्नी को आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 342 (आरोपी से पूछताछ करने की शक्ति) के तहत अपने बयान दर्ज करने के लिए कहा था।
इस धारा के तहत, न्यायाधीश किसी आरोपी व्यक्ति से "अभियोजन पक्ष के गवाहों की जांच के बाद और अपने बचाव के लिए बुलाए जाने से पहले" मामले पर सवाल पूछ सकता है।

इन गिफ्ट्स में एक Graff घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां सहित कई अन्य उपहार भी थे। इमरान खान ने इन उपहारों को तो तोशेखान में जमा करा दिया था, लेकिन बाद में इन्हें सस्ते दामों पर खरीद लिया और खूब मुनाफे में बेचा। इस पूरी प्रक्रिया को उनकी सरकार ने बाकायदा कानूनी अनुमति दी थी।
जब इसका खुलासा हुआ तो इमरान खान ने पहले कहा था, कि ये उनके गिफ्ट हैं, जो उन्हें निजी तौर पर दिए गए हैं, इसलिए इन पर उनका हक है, यह उनकी मर्जी है कि वह इन गिफ्ट को अपने पास रखें या नहीं। लेकिन, जब वो कानूनी तौर पर फंसने लगे, तो उन्होंने बहाना बनाया, कि वह इस बारे में कुछ भी नहीं बता सकते हैं, क्योंकि इससे अन्य देशों के साथ पाकिस्तान के संबंध खतरे में पड़ जाएंगे।
बाद में इमरान खान पर दबाव और बढ़ा, तो उन्होंने कुबूल किया कि तोशाखान से इन सभी गिफ्ट्स को 2.15 करोड़ रुपए में खरीदा था, बेचने पर उन्हें 5.8 करोड़ रुपए मिले थे। बाद में खुलासा हुआ कि इमरान खान ने ये गिफ्ट्स बेचकर 20 करोड़ से भी ज्यादा पाकिस्तानी रुपये कमाए थे, जिसको लेकर उन्हें पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी। और अब इस केस में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 14 सालों की सजा सुनाई गई है।












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