4 लाख साल बाद हो पाएगा एलियंस से संपर्क, तब तक इंसान ही हो जाएंगे धरती से खत्म- चीन का रिसर्च
बीजिंग नॉर्मल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों का अनुमान है, कि एलियंस से संपर्क करने में कम से कम 4 लाख सालों का वक्त लग सकता है।
वॉशिंगटन, मई 04: इंसानों के लिए एलियंस हमेशा से काफी ज्यादा उत्सुकता की बात रहे हैं और वैज्ञानिक लगातार एलियंस से संपर्क साधने की कोशिश में लगे रहते हैं। कई बार एलियंस को देखने से लेकर एलियंस के हमलों को लेकर भी रिपोर्ट आई है, लेकिन ताजा रिसर्च में वैज्ञानिकों ने दावा किया है, कि एलियंस से संपर्क साधने में करीब 4 लाख साल का वक्त लगेगा और तब तक इंसानों का वजूद ही खत्म हो जाएगा।

लाखों साल का लगेगा वक्त
एलियंस से संपर्क साधने के लिए वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक रेडियो मैसेज प्रसारित करने की योजना की घोषणा की थी, जिसमें पृथ्वी से अंतरिक्ष की गहराई में रेडियो मैसेज के प्रसारित किया जाएगा और वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई थी, कि इसके जरिए एलियंस से संपर्क साधा जा सकता है और एक दिन एक विदेशी सभ्यता द्वारा प्राप्त और समझा जा सकता है। लेकिन, अब एर अलग रिसर्च में अनुमान लगाया गया है कि, वास्तव में अलौकिक सभ्यता के साथ संपर्क बनाने में कितना समय लग सकता है।

4 लाख साल बाद एलियंस से संपर्क?
वैज्ञानिकों ने एक नई रिसर्च के आधार पर दावा किया है, कि सबसे अच्छी स्थिति में भी एलियंस से संपर्क करने में हजारों साल का वक्त लग सकता है। बीजिंग नॉर्मल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों का अनुमान है, कि एलियंस से संपर्क करने में कम से कम 4 लाख सालों का वक्त लग सकता है। वेन्जी सोंग और हे गाओ ने अपने अध्ययन में लिखा है कि, 'पृथ्वी पर एकमात्र उन्नत बुद्धिमान सभ्यता के रूप में मनुष्यों के लिए सबसे अधिक हैरान करने वाला प्रश्न यह है कि क्या हमारा अस्तित्व अद्वितीय है? रिसर्च में वैज्ञानिकों ने लिखा है कि, 'हमें संकेत नहीं मिलने का कारण यह हो सकता है, कि इंसानों के जीवनकाल में एलियंस से संपर्क शायद नहीं हो सकता है'।

अलौकिक सभ्यताओं पर कई रिसर्च
पिछले कुछ दशकों में अलौकिक सभ्यता पर कई अध्ययन हुए हैं। नॉटिंघम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा 2020 में प्रकाशित एक रिसर्च में अनुमान लगाया गया है कि आकाशगंगा में 36 अलग अलग तरह की प्रजातियां हगो सकती हैं। यह आंकड़ा गैलेक्टिक स्टार गठन इतिहास और उनके रहने योग्य क्षेत्रों में पृथ्वी जैसे ग्रहों की मेजबानी करने वाले सितारों की संभावना से संबंधित गणनाओं से आया है। रिसर्च में कहा गया है कि, जब तक अलौकिक बुद्धिमान सभ्यता के साथ पूरी तरह से संपर्क स्थापित नहीं हो जाता है, तब कत इंसानों के लिए एलियंस का अस्तित्व काल्पनिक ही रहेगा। हालांकि, लेखकों ने इस बात पर भी जोर दिया है, कि 'ऐसी सभ्यताओं की घटना दर के प्रशंसनीय अनुमान' के लिए मॉडल तैयार करना अभी भी संभव है। बीजिंग नॉर्मल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का नया पेपर पिछले शोध पर ही आधारित है।

क्या कहता है रिसर्च?
बीजिंग विश्वविद्यालय के रिसर्चर्स ने दो तरहों से इस रिसर्च को तैयार किया है। एक रिसर्च आशावादी है, जबकि दूसरा रिसर्च निराशावादी है। आशावादी रिसर्च में गणनाओं के बाद अनुमान लगाया गया है, कि एलियंस से संपर्क होने में न्यूनतम 2 हजार सालों का वक्त लगेगा। जबकि, निराशावादी रिसर्च में कहा गया है कि, एलियंस से संपर्क स्थापित करने में 4 लाख साल का वक्त लग सकता है। यह इस धारणा पर काम कर रहा है कि एक तारा सीईटीआई की मेजबानी तब तक नहीं कर सकता, जब तक कि यह बहुत पुराना न हो, और सीईटीआई की मेजबानी करने वाले किसी भी स्थलीय ग्रह की संभावना एक मामूली प्रतिशत तक गिर जाती है।

एलियंस को लेकर गणीतिय गणना
बीजिंग विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एलियंस के अस्तित्व को लेकर गणना की है और इस बात को जानने की कोशिश की है, कि अलौकिक बुद्धिमान सभ्यताओं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में CETIs कहा जाता है, उनसे संपर्क साधने में 4 लाख सालों का समय लग सकता है। जबकि, वैज्ञानिकों ने गणना के आधार पर पाया है कि, अगले 4 लाख सालों तक इंसानों का ही अस्तित्व नहीं रहेगा। शोधकर्ताओं ने कहा कि, 'यह प्रस्तावित किया गया है कि जनसंख्या के मुद्दों, परमाणु विनाश, अचानक जलवायु परिवर्तन, रूज धूमकेतु, पारिस्थितिक परिवर्तन की वजहों से इंसानी सभ्यता का विनाश हो जाएगा'। वैज्ञानिकों ने रिसर्च के आधार पर इस बात की भी संभावना जताई है, कि हो सकता है कि आकाशगंगा में मौजूद अलग अलग दो सभ्यताएं कभी भी एक दूसरे से कोई संपर्क ना कर सकें।

क्या इंसानों को खत्म करना चाहते हैं एलियंस?
इससे पहले मशहूर वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग भी एलियंस को लेकर चेतावनी जारी कर चुके है। प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग ने कहा था कि, एलियंस को सुनने की कोशिश करनी चाहिए और उनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने की कोशिश भी करनी चाहिए, लेकिन उन्होंने सावधान करते हुए लिखा था, कि एलियंस से संपर्क साधने की गलती इंसानों को नहीं करनी चाहिए, क्योंकि वो इंसानों को ही नष्ट कर सकते हैं। उन्होंने कहा था कि, अलौकिक सभ्यताएं हो सकती हैं कि, वो इंसानों के लिए सही ना हों।

एलियंस से संपर्क में लाभ या हानि?
एलियंस से संपर्क साधने को लेकर कई रिपोर्ट्स आ चुकी हैं और प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग ने कहा था कि, 'अगर आप इतिहास उठाकर देखें, तो मनुष्यों और कम बुद्धिमान जीवों के बीच का संपर्क अकसर विनाशकारी रहा है और काफी उन्नत बनाम इंसानों की तकनीक के बीच, दो सभ्यताओं के बीच का मुठभेड़, कम उन्नत सभ्यता के लिए विनाशकारी हो सकता है।' हालांकि, एलियंस की तलाश के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें जमीला और बीआईटीडी परियोजना काफी बड़े हैं और इन परियोजनाओं का मानना है कि, एलियंस से संपर्क करने के लाभ संभावित जोखिमों से अधिक हैं, जब तक संपर्क शांति के स्पष्ट संकेत के साथ संपर्क किया जाता है।












Click it and Unblock the Notifications