चुनाव में करोड़ों डॉलर फूंकने के बाद भी विवेक रामास्वामी कैसे अमीर हो गए? बैठे-बैठे कमा लिए 10 अरब रुपये
आयोवा कॉकस में पराजय के बाद रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने की रेस से खुद को भारतवंशी नेता विवेक रामास्वामी ने अलग कर दिया है। अब वे राष्ट्रपति पद के लिए प्रबल दावेदार डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस देश और पार्टी की सेवा करना चाहता हूं जिसके लिए मैंने ट्रंप के समर्थन का निर्णय लिया है।
विवेक रामास्वामी बीते साल इस अभियान में शामिल हुए थे। जनवरी में राष्ट्रपति अभियान से अलग होने से पहले उन्होंने इसमें अरबों रुपये फूक दिए। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि इतने डॉलर खर्चने के बाद भी वे पहले से और अधिक अमीर हो गए हैं। आखिर इसकी वजह क्या है?

फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय-अमेरिकी व्यवसायी अब ग्यारह महीने पहले की तुलना में अधिक अमीर हैं, जब उन्होंने रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए प्रतिस्पर्धा में प्रवेश किया था। इस अवधि में उनकी संपत्ति में 120 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है।
जब रामास्वामी ने पिछले साल फरवरी में अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी, तो उनकी अनुमानित कुल संपत्ति 840 मिलियन डॉलर थी, जो उनके अभियान शुरू होने के बाद बढ़कर 960 मिलियन डॉलर हो गई है। अगर रुपये में इसका हिसाब निकाला जाए तो यह 9,96,99,24,000 रुपये होते हैं।
संपत्ति कैसे बढ़ी?
संघीय चुनाव आयोग के साथ उनकी फाइलिंग के अनुसार, उन्होंने 2023 के पहले 9 महीनों के दौरान अपने अभियान में 17 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। इसमें से उन्होंने 1.8 मिलियन डॉलर नकद खर्च किए और बाकी 15.25 मिलियन डॉलर के लिए लोन लिया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि रामास्वामी ने आखिरी तिमाही और 2024 की शुरुआत में अभियान पर कितना पैसा खर्च किया।
समाचार आउटलेट एक्सियोस के अनुसार, आयोवा कॉकस से पहले, रामास्वामी ने अपनी सबसे बड़ी संपत्ति, रोइवेंट साइंसेज के 33 मिलियन डॉलर मूल्य के शेयर को बेच दिया, और बताया कि वह कमाई के एक हिस्से का उपयोग अपने अभियान में पर्याप्त निवेश के लिए करना चाहते थे।
विवेक रामास्वामी ने सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली फार्मास्युटिकल डेवलपमेंट कंपनी रोइवेंट साइंसेज को 2014 में स्थापित किया था। वह 2021 तक इसके सीईओ रहे। उसका शेयर बीते मंगलवार को 10.86 डॉलर पर था। उन्होंने 21 फरवरी, 2023 को राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी, उस दिन से इसमें 25 फीसदी का उछाल आया है।
इस कंपनी में अभी रामास्वामी के पास 6.4 फीसदी हिस्सेदारी है। यह फर्म लगभग 565 मिलियन डॉलर की है। सीएनएन के अनुसार, रोइवेंट के बारह स्टॉक विश्लेषकों में से ग्यारह अभी भी कंपनी को लेकर आशावान हैं।












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