Gaza Patti: गाजा पट्टी से निकलने का बस एक ही है रास्ता, इजराइल वहीं कर रहा बमबारी.. कैसे भागेंगे लोग?
Gaza Patti: गाजा पट्टी को कई मानवाधिकार संगठन, खासकर इस्लामिक देशों में दुनिया की सबसे बड़ी खुली जेल कहा जाता है। और इसवक्त गाजा पट्टी में इजराइल के हमलों से किसी के लिए बचना करीब करीब नामुमकिन है। इजराइल पर हमास के सीक्रेट हमले के बाद, इजराइली सेना ने करीब 21 लाख की आबादी वाले शहर गाजा में भारी बमबारी की है। पांच दिनों में 900 लोगों की मौत हो गई है और करीब 2,60,000 लोग बेघर हो गए हैं।
इजराइली सेना ने आवासीय इमारतें, स्कूल, अस्पताल और मस्जिदों को निशाना बनाया है और ये इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं। दो दिन पहले इज़रायली सेना ने फ़िलिस्तीनियों को गाज़ा से भागकर मिस्र चले जाने को कहा था।

इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) के मुख्य सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट-कर्नल रिचर्ड हेचट ने विदेशी मीडिया से कहा है, कि राफा क्रॉसिंग (गाजा-मिस्र सीमा पर) को बंद कर दिया गया है।
यानि, गाजा पट्टी से निकलने वाले एकमात्र रास्ते को इजराइल ने बंद कर दिया है।
तो जब इजराइल लगातार हवाई हमले कर रहा है तो गाजावासी कहां जाएं? उनके पास बाहर निकलने के क्या विकल्प हैं? इसका कोई उत्तर नहीं है। आइये जानते हैं क्यों?
गाजा पट्टी किस तरह का क्षेत्र है?
गाजा पट्टी एक संकीर्ण पट्टी है, जो इज़राइल, मिस्र और भूमध्य सागर के बीच स्थित है। ये फ़िलिस्तीन का सबसे बड़ा शहर है, जो 365 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह दिल्ली के आकार का एक/चौथाई है।
गाजा पट्टी में रहने वाले लोग फ़िलिस्तीनी हैं। 21 लाख की आबादी में स्वदेशी निवासी और असंख्य शरणार्थी दोनों शामिल हैं, जो 1948 में राष्ट्र के निर्माण के दौरान और उसके बाद इजरायलियों और फिलिस्तीनियों के बीच सैन्य लड़ाई के बाद इज़राइल से भाग गए थे। यह दुनिया की सबसे घनी आबादी वाली जगहों में से एक है।
गाजा पट्टी को कौन करता है कंट्रोल?
गाजा पर एक समय मिस्र का शासन था, लेकिन 1967 में इजरायल और अरब राज्यों के बीच छह दिवसीय युद्ध के बाद इजरायली सेना ने उसपर कब्जा कर लिया। अगले 38 वर्षों तक यह इजराइल के नियंत्रण में रहा।
लेकिन, साल 2005 में इजराइल ने गाजा पट्टी से बाहर निकलने का फैसला किया और 7 हजार निवासियों के साथ वो गाजा पट्टी से बाहर निकल गया। इसके अगले वर्ष चुनाव हुए और हमास ने फिलिस्तीन की चुनी हुई सरकार को चुनाव में हरा दिया। इसकी सबसे बड़ी वजब हमास का इजराइल के खिलाफ आक्रामक प्रचार किया था।
चुनावी जीत के बाद हमास ने गाजा पट्टी की ही एक राजनीतिक पार्टी 'फतह' के साथ एक गठबंधन सरकार बनाई, जिसकी स्थापना फिलिस्तीनी प्राधिकरण के पूर्व राष्ट्रपति यासर अराफात ने की थी और अब वे वेस्ट बैंक के 40 प्रतिशत हिस्से पर शासन करते हैं।
हालांकि, 2007 में, सरकार गिर गई, क्योंकि हमास ने गाजा पट्टी पर पूर्ण नियंत्रण ले लिया। हमास इजराइल के साथ किसी भी तरह की बातचीत का विरोध करता है। हमास हथियारों के दम पर इजराइल को खत्म करने की मंशा रखता है, जबकि याशिर अराफात बातचीत के जरिए इस समस्या का समधाना चाहते थे। इस वक्त भी हमास, फिलिस्तीन की चुनी सरकार से अलग राय रखता है।
जब से हमास ने गाजा पट्टी पर नियंत्रण किया है, तब से इस पट्टी को इज़राइल और मिस्र ने ब्लॉक कर दिया है। एनपीआर की रिपोर्ट के अनुसार, तेल अवीव अपने हवाई क्षेत्र और तटरेखा को नियंत्रित करता है, साथ ही यह भी, कि कौन सा सामान गाजा की सीमाओं को पार कर सकता है। मिस्र ने भी 2007 में गाजा के साथ अपनी सीमा बंद कर दी थी। मिस्र को अपने देश में आतंकी विचारधारा फैलने का डर था।
हमास और इज़राइल 2008 में भी तीन हफ्तों की लड़ाई में उलझ चुके हैं, जिसमें करीब 1,200 लोगों की जान चली गई थी। तब से, दोनों पक्षों ने कई संघर्ष लड़े हैं। हालांकि, शनिवार को हुआ हमला अभूतपूर्व था और 50 वर्षों में इज़राइल के खिलाफ सबसे घातक हमला था।

गाजा में अब क्या हो रहा है?
हमास के हमले के बाद, इज़राइल ने "युद्ध की स्थिति" घोषित कर दी और गाजा को निशाना बना रहा है। कम से कम 950 लोग मारे गए हैं और मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अन्य 5000 घायल हो गए हैं।
फिलिस्तीनी आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा, हमलों ने नागरिकों के घरों और सड़कों को निशाना बनाया और परिणामस्वरूप "नागरिकों को सीधी चोटें आईं"। सरकार के मीडिया कार्यालय के प्रमुख सलामा मारौफ ने एएफपी को बताया, कि रात भर हुए हमलों में दर्जनों आवासीय इमारतें, कारखाने, मस्जिदें और दुकानें प्रभावित हुईं। एक विस्फोट गाजा शहर के बंदरगाह पर हुआ, जिससे मछली पकड़ने वाली नावें जल गईं हैं।
इज़राइल ने गाजा की "पूर्ण घेराबंदी" करने का आदेश दिया है, जिससे इलाके में बिजली, ईंधन और पानी बंद हो गया है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा निवासियों ने कहा है, कि उन्हें शनिवार से सहायता नहीं मिली है। इज़राइल के साथ चल रही शत्रुता के कारण लगभग 80 प्रतिशत स्थानीय लोग मानवीय सहायता पर निर्भर हैं।

क्या गाजा पट्टी से लोग भाग सकते हैं?
इजराइल ने गाजावासियों को भागने की चेतावनी जारी की है। प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट किया था, कि "मैं गाजा के निवासियों से कहता हूं, अभी वो शहर छोड़ दें, क्योंकि हम हर जगह जबरदस्त कार्रवाई करेंगे।"
लेकिन हवाई हमले जारी रहने के कारण बच निकलने की संभावना बहुत कम है। इजराइल नागरिकों को एक के बाद एक पड़ोस खाली करने की चेतावनी दे रहा है और फिर तबाही मचा रहा है।
गाजा के निवासियों के लिए, राफा मिस्र के सिनाई पेनुइसाला में एकमात्र क्रॉसिंग पॉइंट है। घनी आबादी वाले इस इलाके का बाकी हिस्सा समुद्र और इजराइल से घिरा हुआ है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को इजरायली बमबारी ने पट्टी और मिस्र के बीच राफा सीमा पार के क्षेत्र पर भी हमला किया था।
यह स्ट्राइक, सोमवार को इसी तरह की एक घटना के बाद हुई, जिससे सीमा पर परिचालन आंशिक रूप से बाधित हो गया था।
लिहाजा, फ़िलिस्तीनियों के लिए गाजा पट्टी से बाहर निकलने का एकमात्र विकल्प, कोई विकल्प सुरक्षित नहीं है।












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