अमेरिकी अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ रहा है आईएसआईएस
वाशिंगटन। इराक और सीरिया में आतंक फैलाने वाले आईएसआईएस का मकसद अब अमेरिका, ब्रिटेन और रूस जैसी ताकतों को बर्बाद कर देना है। इसकी शुरुआत भी हो चुकी है और आईएसआईएस अमेरिकी अर्थव्यवस्था को चौपट करने में लग गया है। पेंटागन की ओर से इस वर्ष जून में जारी आंकड़ों में साफ-साफ इसकी झलक मिलती है।
एक दिन में 9 मिलियन स्वाहा
एक दिन में अमेरिका आईएसआईएस के खिलाफ 9.1 मिलियन डॉलर खर्च कर रहा है। अगस्त 2014 से जून 2015 तक अमेरिका इस संगठन पर अपने 2.74 बिलियन डॉलर फूंक चुका है लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है।
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पेंटागन की मानें तो यह अभी शुरुआत है। वहीं व्हाइट हाउस का मानना है कि आईएसआईएस के खिलाफ अभियान तीन से पांच वर्ष तक चल सकता है।
अमेरिका की महंगी और मुश्किल जंग
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जिस दिन से आईएसआईएस के खिलाफ युद्ध छेड़ने की ठानी थी उस दिन से ही अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य चिंता में थे। उन्हें इस आतंकी संगठन को हराने की ओबामा की रणनीति को लेकर काफी चिंताएं थीं।
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पेंटागन की ओर से जारी आंकड़ों में कहा गया था कि आईएसआईएस के खिलाफ जंग अब अमेरिका के लिए महंगी और सबसे मुश्किल जंग बनती जा रही है।
सबसे ज्यादा मिल रहा है एयरफोर्स को
- अमेरिकी एयर फोर्स को सबसे ज्यादा यानी 67 प्रतिशत यानी करीब 1.8 बिलियन डॉलर की रकम आई है।
- अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड को सात प्रतिशत यानी 700,000 डॉलर मिले हैं।
- अमेरिकी नेवी के हिस्से 438 मिलियन डॉलर आए।
- वहीं अमेरिका की सेना के हिस्से 274 मिलियन डॉलर आए।
- रोजाना अमेरिका को हथियारों और गोला बारुदों पर मिलियन डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं।
- रोजाना पांच मिलियन डॉलर का खर्च हवाई हमलों और सर्विलांस पर आता है।













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