हूती विद्रोहियों ने अमेरिका को दिया करारा झटका, एक झटके में ढेर किया दुनिया का सबसे ताकतवर ड्रोन
इजराइल-हमास युद्ध के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने अमेरिका को करारा झटका दिया है। हूती विद्रोहियों ने यमन के तट पर एक अमेरिकी सैन्य ड्रोन को मार गिराया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है।
हूतियों ने कहा कि कि यह ड्रोन हमास के खिलाफ युद्ध में इजराइल के लिए जासूसी कर रहा था। इस हमले को इजरायल-हमास की जंग में अमेरिका को जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यमन के हूती विद्रोहियों ने एक अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक़, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया है कि "अमेरिकी सेना के रिमोट से संचालित एयरक्राफ्ट एमक्यू-9 को हूती बलों ने यमन के तट पर मार गिराया।"
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक हूतियों ने अमेरिका के एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को उस समय अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र और जलक्षेत्र में निशाना बनाया, जब वह एक मिशन पर था। यूएस सेंट्रल कमांड अब इस घटना की जांच कर रही है।
बेहद ताकतवर है एमक्यू-9बी रीपर
आपको बता दें कि एमक्यू-9बी रीपर ड्रोन्स एक मानव रहित हवाई वाहन (UAV) है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी वायु सेना करती है। ये एडवांस सेंसर और कैमरों से लैस है।
एमक्यू-9 रीपर एजीएम-144 हेलफायर मिसाइल, लेजर गाइडेड बम समेत कई प्रकार के हथियारों को ले जाने में सक्षम है। इसकी रफ्तार 240 नॉट्स ट्रू एयरस्पीड (केटीएएस) है इसलिए इसे दुनिया का सबसे ताकतवर ड्रोन माना जाता है।
पिछले महीने के आखिरी हफ्ते हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर हमले की कोशिश की थी। हालांकि अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत ने हूती विद्रोहियों द्वारा यमन से इजराइल की ओर लॉन्च की गई क्रूज मिसाइलों और कई हमलावर ड्रोनों को लाल सागर के ऊपर रोक दिया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी युद्धपोत ने 9 घंटे में चार क्रूज मिसाइलों और 15 ड्रोनों को मार गिराया था। ये सभी मिसाइलें और ड्रोन इजराइल की तरफ जा रहे थे।
आपको बता दें कि इजराइल-गाजा युद्ध को लेकर क्षेत्रीय तनाव के मद्देनजर अमेरिका ने विमान वाहक, नौसैनिकों और सहायक जहाजों सहित सैन्य संपत्तियों को मिडिल ईस्ट में स्थानांतरित कर दिया है। इसमें लाल सागर में सैन्य जहाजों की तैनाती भी शामिल है, जो यमन और इजराइल के बीच स्थित है।
हूती एक हथियारबंद समूह है जो यमन की सऊदी समर्थक सरकार से साल 2015 से युद्ध लड़ रहा है। इससे पहले हूती विद्रोहियों ने ये धमकी दी थी कि अगर अमेरिका इजराइल और हमास के युद्ध में सीधे शामिल हुआ तो वह इजराइल पर हमले करने में हमास का साथ देने लगेगा।












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