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कम्यूनिस्ट पार्टी की धज्जियां उड़ाने वाला अखबार बंद, हांगकांग की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक आवाज पर ताला

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हांगकांग, जून 23: आखिरकार एक साल के बाद चीन ने हांगकांग की सबसे बड़ी आवाज को, लोकतंत्र के सबसे बड़े सिपाही को, लोकतांत्रिक व्यवस्था के सबसे बड़े स्तंभ को गिरा दिया है। आज हांगकांग से छपने वाला सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अखबार एप्पल डेली बंद हो गया है। पिछले साल जब पूरी दुनिया में कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगा हुआ था, उस वक्त चीन ने हांगकांग में नेशनल सिक्योरिटी कानून लागू किया था, जिसके तहत हांगकांग में हजारों लोकतंत्र समर्थकों को जेल भेज दिया गया, जिसमें लोकतंत्र के प्रबल समर्थक और हांगकांग की मीडिया के सबसे बड़ा चेहरा जिमी लाई भी शामिल थे। पिछले एक साल से जिमी लाई जेल में बंद हैं और अब उनके अखबार को हमेशा- हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है।

एप्पल डेली अखबार पर ताला

एप्पल डेली अखबार पर ताला

नेक्स्ट मीडिया ने बुधवार को घोषणा की है कि एप्पल डेली, इसका प्रमुख टैब्लॉइड अखबार अब बंद होने जा रहा है। शनिवार से अखबार का प्रकाशन हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। मीडिया संस्थान की तरफ से कहा गया है कि उसके सैकड़ों पत्रकार गिरफ्तार हैं, उसके लाखों डॉलर की संपत्ति चीन की सरकार ने जब्त कर ली है, ऐसे में अब अखबार को बंद करने का फैसला लिया गया है। एप्पल डेली के बंद होने के बाद हांगकांग के नये प्रशासन के उन दावों की धज्जियां उड़ गई हैं, जिसमें कहा गया था कि हांगकांग में जो नया कानून बनाया गया है, उससे प्रेस की स्वतंत्रता खत्म नहीं होगा। एक तरह से कह सकते हैं कि अब से हांगकांग की सारी आवाज खत्म कर दी गई है।

हांगकांग पर चीन का कसता शिकंजा

हांगकांग पर चीन का कसता शिकंजा

पिछले साल चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने पूरे हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लागू करने के लिए शहर की विधायिका को दरकिनार कर दिया था और हांगकांग को चीन के शासन के मुताबिक करने के लिए बड़ा कदम बढ़ाते हुए लोकतंत्र समर्थन हजारों कार्यकर्ताओं, उद्योगपतियों को गिरफ्तार कर लिया था। चीन के नये कानून के तहत हांगकांग में चीन की सरकार के खिलाफ एक शब्द लिखना या बोलना कानून जुर्म घोषित कर दिया गया। चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने हर उन लोकतंत्र समर्थकों को जेल में भेज दिया है, जो कम्यूनिस्ट शासन के खिलाफ थे।

लोकतंत्र के दमन का वामपंथी रूप

लोकतंत्र के दमन का वामपंथी रूप

चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने लोकतंत्र समर्थकों को हर तरह से टार्चर किया है। पिछले एक साल में हांगकांग के हजारों लोकतंत्र समर्थकों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ देशद्रोह, तोड़फोड़, अलगाव, आतंकवाद, विदेश ताकतों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाकर एकतरफा सुनवाई में उन्हें दोषी साबित किया गया है और फिर उन्हें उम्रकैद की सदा सुनाई गई है। हांगकांग में चुनाव करवाए गये लेकिन चीन की देखरेख में और लोकतंत्र समर्थकों को चुनाव में लड़ने ही नहीं दिया गया। अब हांगकांग के नये नेता चीन समर्थक हैं और कहते हैं कि हांगकांग में प्रेस की स्वतंत्रता अभी भी बची हुई है। वहीं, अखबार एप्पल डेली के कर्मचारियों ने कहा कि 'उन्हें पता था कि आज नहीं तो कम ये होने वाला है, लेकिन अचानक अखबार बंद कर दिया जाएगा, ये शॉकिंग है।' वहीं, एप्पल डेली के एक जर्नलिस्ट ने सीएनएन को कहा कि 'अखबार प्रबंधन की तरफ से उन्हें गुमनाम हो जाने के लिए कहा गया है।'

एप्पल डेली को किया गया था अपंग

एप्पल डेली को किया गया था अपंग

हांगकांग में नेशनल सिक्योरिटी कानून लागू होने के बाद से एप्पल डेली धीरे-धीरे अपंग हो गया था। लोकतंत्र समर्थक रैली में भाग लेने के लिए पहले से ही अखबार के संस्थापक जिमी लाई को जेल में बंद रखा गया है। अखबार के शीर्ष संपादकों और अधिकारियों में से पांच पर एक ही तरह के अपराध को करने का आरोप लगाया गया था। और बार बार एप्पल डेली के दफ्तर पर छापा मारा जाता था। अखबार पर विदेशी सरकारों को साथ देने का आरोप लगाया गया था। अखबार में छापा मारने के लिए एक साथ सैकड़ों पुलिस वाले पहुंचते थे और हाल ही में अखबार के दफ्तर से कंप्यूटर समेत तमाम उपकरण लेकर पुलिसवाले चले गये थे। वहीं, अखबार के पत्रकारों को भयानक स्तर पर डराया गया और जिन्होंने फिर भी झुकने से इनकार कर दिया, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। कई पत्रकारों ने यह कहते हुए रिजाइन कर दिया कि अब काम करने का मतलब जेल में बंद होना है।

जनता का भारी समर्थन

जनता का भारी समर्थन

एप्पल डेली पर चीन की सरकार लगातार दवाब बना रही थी और उसके कई जर्नलिस्ट को या तो गिरफ्तार कर लिया गया था या फिर कई पत्रकारों ने रिजाइन कर दिया था। फिर भी पिछले हफ्ते जब अखबार के मुख्य संपादक को गिरफ्तार किया गया था और उसके अगले दिन जब एप्पल डेली ने 5 लाख अखबार की कॉपियां छापी तो सभी प्रतियां कुछ ही देर में बिक गई। यहां तक की हांगकांग की सड़कों पर अखबार खरीदने के लिए लोगों की लंबी लंबी कतारे देखी जा रही थीं। लेकिन, जनता के अपार समर्थन के बाद भी अखबार का चलना असंभव हो गया था। अखबार के पास ना काम करने के लिए पत्रकार बचे थे और ना ही पैसे। पिछले हफ्ते जब अखबार के भविष्य को लेकर बोर्ड की मीटिंग हो रही थी उस वक्त भी न्यूजरूम में सैकड़ों पुलिसवाले आ धमके थे और दो जर्नलिस्ट को गिरफ्तार करके चले गये थे। जिसके बाद अखबार ने घोषणा करते हुए कहा था कि 26 सालों के बाद अब एप्पल डेली अखबार बंद हो जाएगा।

चीन की धज्जियां उड़ाने वाला संपादक

चीन की धज्जियां उड़ाने वाला संपादक

जिमी लाई ने 1995 में ऐप्पल डेली की स्थापना की थी। जो उन्होंने एक टेक्सटाइल टाइकून के रूप में जमा की गई संपत्ति को नेक्स्ट डिजिटल पब्लिशिंग ऑपरेशन में शामिल कर अखबार की स्थापना की थी। एप्पल डेली अखबार का विजन साफ था...लोकतंत्र की आवाज बनना और कम्यूनिस्ट पार्टी की धज्जियां उड़ा देना। जिमी लाई मूल रूप से चीन के रहने वाले थे लेकिन बेहद कम उम्र में ही चीन से भागकर वो हांगकांग आ गये थे। अखबार ने कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ चायना की इतनी निर्मम आलोचना की, कि चीन की सरकार परेशान हो गई थी। हांगकांग में इस निडर अखबार की लोकप्रियता बेहद कम वक्त में पूरी तरह से स्थापित हो गई थी। ये अखबार अपनी ठोस संपादकीय से हांगकांग की विचारधारा पर गहरा प्रभाव डालता था और लोकतंत्र का प्रबल समर्थन करता था। इस अखबार ने हांगकांग में रहने वाले चीन के एजेंट्स को बुरी तरह से एक्सपोज किया था, जिसकी वजह से पिछले साल चीन ने जब हांगकांग में नेशनल सिक्योरिटी कानून लागू किया गया तो जिमी लाई को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। आज जब एप्पल डेली अखबार बंद हुआ तो हांगकांग की एक महिला ने कहा कि 'उसके मुंह से अब जुबान छीन ली गई है'

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English summary
Hong Kong's pro-democratic newspaper Apple Daily is now closed. China has also shut down Hong Kong's last voice of democracy.
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