'16 घंटे बेड़ियों में भूखा रखा, जानवरों की तरह घुमाया', हनीमून से लौटी दुल्हन की US हिरासत की खौफनाक आपबीती
Palestinian Bride Horror Story: 22 साल की फिलिस्तीनी दुल्हन वार्ड साकीक की जिंदगी तब उलट-पुलट हो गई, जब अपने हनीमून से लौटते वक्त उसे अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) ने हिरासत में ले लिया। सऊदी अरब में जन्मी और बिना किसी देश की नागरिकता वाली साकीक ने बताया कि 140 दिनों तक हिरासत में उनके साथ 'जानवरों जैसा सलूक' किया गया। डलास-फोर्ट वर्थ में एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'मैं अपने पति के साथ हनीमून से लौट रही थी, लेकिन मुझे 16 घंटे तक हथकड़ियों और बेड़ियों में जकड़कर, बिना खाने-पानी के इधर-उधर घुमाया गया।'
दुल्हन ने यह भी बताया कि कई बार मैं 36 से 50 घंटे तक अपने वकील या पति से संपर्क नहीं कर पाई। फोन की सुविधा तक पहुंचने के लिए मुझे घंटों इंतजार करना पड़ता था। आइए जानते हैं दुल्हन की दिल दहलाने वाली पूरी कहानी...

8 साल की उम्र से अमेरिका में, फिर भी हिरासत
वार्ड साकीक (Ward Sakeik) 8 साल की उम्र से टेक्सास में रह रही हैं। उन्होंने हाई स्कूल पूरा किया, यूटी अर्लिंग्टन से डिग्री ली और एक वेडिंग फोटोग्राफी व्यवसाय शुरू किया। इस साल जनवरी में उन्होंने अमेरिकी नागरिक ताहिर शेख से शादी की। ग्रीन कार्ड प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने हनीमून के लिए अमेरिकी वर्जिन द्वीप समूह चुना, ताकि विदेश यात्रा की जटिलताओं से बचा जा सके। लेकिन फरवरी में मियामी हवाई अड्डे पर ICE ने उन्हें हिरासत में ले लिया, भले ही वह अपनी शादी (Palestinian newlywed) की अंगूठी और आव्रजन (Immigration) दस्तावेज साथ लेकर चल रही थीं।
'36-50 घंटे तक फोन की सुविधा नहीं'
साकीक ने बताया कि हिरासत में उन्हें कई बार भोजन और पानी से वंचित रखा गया। उन्होंने खुलासा किया, 'कई बार मैं 36 से 50 घंटे तक अपने वकील या पति से संपर्क नहीं कर पाई। फोन तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था।' उनकी कानूनी टीम का कहना है कि ICE ने दो बार उन्हें निर्वासित करने की कोशिश की, दोनों बार संघीय अदालत के आदेशों की अवहेलना करते हुए। एक बार उन्हें फोर्ट वर्थ एलायंस एयरपोर्ट के टरमैक पर ले जाया गया और 'इजराइल की सीमा' पर भेजने की धमकी दी गई, जबकि वह राज्यविहीन हैं और इजराइल में उनकी कोई कानूनी स्थिति नहीं है।

ICE के दावे और साकीक का जवाब
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की सहायक सचिव ट्रिसिया मैकलॉघलिन ने दावा किया कि ICE हिरासत केंद्रों में बंदियों को भोजन, चिकित्सा और संचार की सुविधा दी जाती है। लेकिन साकीक और उनकी कानूनी टीम ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। साकीक की वकील मारिया कारी ने कहा, 'वार्ड का मामला ट्रम्प प्रशासन की क्रूर आव्रजन नीतियों का जीता-जागता सबूत है।' उनके वकील क्रिस गॉडशॉल-बेनेट ने आरोप लगाया, 'उसे सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह फिलिस्तीनी है।'
सपनों को कुचलने वाली हिरासत
साकीक ने टेक्सास में अपने सपनों का जीवन बनाया था, लेकिन 140 दिनों की हिरासत ने सब कुछ छीन लिया। "मैंने अपने जीवन के पांच महीने खो दिए। मेरी मानवता को कुचल दिया गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं राज्यविहीन हूं और नई-नई शादीशुदा थी," उन्होंने कहा।
रिहाई और नई जंग
मंगलवार देर रात, प्रोजेक्ट TAHA के वकीलों की त्वरित कानूनी कार्रवाई के बाद साकीक को रिहा किया गया। अपने पति से फिर से मिलकर वह अब आव्रजन प्रणाली में आवाजहीन लोगों के लिए लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, "जिस अमेरिका में मैं बड़ी हुई, वह वह देश नहीं है जिसे मैंने हिरासत में देखा।'
आव्रजन नीतियों पर सवाल
अधिवक्ताओं का कहना है कि साकीक की कहानी ट्रम्प प्रशासन के सख्त आव्रजन नियमों की खामियों को उजागर करती है। 2024 में अब तक 1 लाख से ज्यादा लोग निर्वासित किए जा चुके हैं, और ICE हिरासत में मृत्यु दर बढ़ रही है। साकीक की यह दर्दनाक कहानी अमेरिकी आव्रजन प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग को और तेज करती है।
ये भी पढ़ें- US Deported Indians:'पगड़ी कूड़ेदान में फेंकी, बेड़ियों में जकड़ा, भूखा रखा', US से भारत डिपोर्ट सिख की कहानी












Click it and Unblock the Notifications