अब मलेशिया में दिखेगी भारत की धमक, HAL ने खोला ऑफिस, तेजस की बिक्री को मिलेगी बूस्ट!
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने गुरुवार को रक्षा सचिव डॉ अजय कुमार की उपस्थिति में मलेशिया के कुआलालंपुर में एक कार्यालय स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।
नई दिल्ली, 18 अगस्तः हथियारों के बाजार में सबसे बड़ा आयात रहा भारत अब निर्यात के क्षेत्र में भी एक बड़ा खिलाड़ी बनकर उभर रहा है। एक साथ दो मोर्चे पर भारत की रक्षा कंपनियां काम कर रही हैं। एक तरफ भारतीय कंपनियां स्वदेशी हथियारों के निर्माण पर जोर दे रही हैं वहीं दूसरी ओर विदेशों में अपने हथियारों के निर्यात को विस्तार देने में लगी हुई हैं। इसी क्रम में भारतीय एविएशन सेक्टर की सबसे प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने मलेशिया में विस्तार करते हुए कार्यालय खोलने जा रहा है।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने गुरुवार को रक्षा सचिव डॉ अजय कुमार की उपस्थिति में मलेशिया के कुआलालंपुर में एक कार्यालय स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। एचएएल ने अपने एक बयान में कहा, ''इससे मलेशिया में स्थायी एयरोस्पेस और रक्षा परिदृश्य के लिए मलेशियाई रक्षा बलों और उद्योग का समर्थन करने में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूती मिलेगी।''
डिफेंस सेक्टर को मिलेगा विस्तार
एचएएल भारत में निर्मित हल्के लड़ाकू विमान तेजस और सैन्य हेलीकॉप्टर की बिक्री के लिए मलेशिया, वियतनाम, इंडोनेशिया और श्रीलंका में संभावनाएं तलाश रही है। एचएएल की योजना के अनुसार वह मलेशिया की वायुसेना के लिए देश में भी तैयार एलसीए के साथ साथ कई अन्य कारोबारी मौके तलाशेगी। इससे न केवल भारतीय डिफेंस सेक्टर को कारोबार विस्तार में मदद मिलेगी वहीं इन देशों से सैन्य संबंध बनाकर चीन को घेरने में भी मदद मिलेगी।












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