मुस्लिमों का अमेरिकी सरकार से हुआ मोह भंग, जो बाइडन को दोबारा जीतने के लिए अब जरूरी हुए अमेरिकी हिंदू
अमेरिका में एक भारतवंशी नेता और डेमोक्रेटिक पार्टी के फंड रेजर रमेश कपूर ने दावा किया है कि जो बाइडन को दोबारा राष्ट्रपति बनाने में भारतीय अमेरिकी समुदाय की भूमिका अहम हो सकती है।
उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी को हिंदू-अमेरिकियों को एकजुट करना चाहिए क्योंकि वे अगले साल राष्ट्रपति जो बाइडेन को फिर से चुने जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि इजराइल-हमास युद्ध के कारण मुस्लिम-अमेरिकी समुदाय की तरफ से डेमोक्रेट पार्टी को झटका मिल सकता है।

मेसाच्युसेट्स स्थित डेमोक्रेट पार्टी के लिए राजनीतिक फंड इकट्ठा करने वाले भारतवंशी रमेश कपूर डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी की रिट्रीट में शामिल होने के लिए रमेश कपूर वॉशिंगटन में मौजूद थे। उस दौरान उन्होंने कहा कि हिंदू अमेरिकी और भारतीय अमेरिकी पारंपरिक तौर पर डेमोक्रेट पार्टी के समर्थक रहे हैं लेकिन बीते कुछ चुनाव में भारतीय अमेरिकियों के वोट प्रतिशत का कुछ हिस्सा रिपब्लिकन पार्टी को मिलना शुरू हो गया है।
जो बाइडन के करीबी माने जाने वाले कपूर हाल ही में व्हाइट हाउस में हुई हॉलिडे पार्टी में भी शामिल हुए थे। यहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वे इस कोशिश में जुटे हैं कि अमेरिका में रहने वाला हिंदू समुदाय बाइडन प्रशासन का समर्थन करे।
बेशक 72 प्रतिशत भारतीय अमेरिकियों ने पिछली बार बाइडन को वोट किया था लेकिन हम चाहते हैं कि इस बार अधिकतर हिंदू अमेरिकी एकजुट होकर बाइडन सरकार का समर्थन करें।
अक्टूबर में जातिगत भेदभाव को गैरकानूनी घोषित करने वाले विधेयक को वीटो करने के लिए कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम को तैयार करने में मदद का दावा करने वाले रमेश कपूर ने कहा कि उनकी रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित है, जिसमें पार्टी और चुनाव अभियान के शीर्ष नेतृत्व से कुछ सिफारिशें भी की गई हैं।
कपूर ने कहा कि हमें इस धारणा से जूझना पड़ रहा है कि डेमोक्रेटिक पार्टी हिंदू विरोधी है। हमने इसे लेकर व्हाइट हाउस में बात की है और इस धारणा को तोड़ने के लिए हम एक कैंपेन चलाने पर विचार कर रहे हैं।
रमेश कपूर ने कहा कि जिन राज्यों में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के बीच कांटे की टक्कर हैं, वहां भारतीय अमेरिकी समुदाय बेहद अहम है। जिन राज्यों में दोनों पार्टियों में कड़ा मुकाबला है, वहां हिंदू भारतीय समुदाय की अच्छी खासी तादाद है।
कपूर ने कहा कि ओबामा प्रशासन के दौरान मुस्लिम अमेरिकी मतदाताओं को खुश करने के लिए हिंदू अमेरिकी मतदाताओं को नाराज किया गया। अब इजराइल हमास युद्ध की वजह से मुस्लिम मतदाता बाइडन सरकार से खुश नहीं हैं।












Click it and Unblock the Notifications